
भागलपुर। मानवीय संवेदनाएं जब बिखरती हैं, तो कभी-कभी वे ऐसे मोड़ पर खड़ी हो जाती हैं जहाँ से वापसी का कोई रास्ता नहीं बचता। भागलपुर जिले के जोगसर थाना क्षेत्र अंतर्गत आदमपुर घाट से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने रिश्तों की पवित्रता और आधुनिक संचार माध्यमों के दुरुपयोग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक टोटो चालक, जो दिन भर मेहनत कर अपने परिवार का सपना संजोता था, उसने केवल इसलिए अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली क्योंकि उसकी जीवनसंगिनी ने डिजिटल पर्दे पर उसके सुहाग के प्रतीक ‘सिंदूर’ का अपमान किया। शिव कुमार यादव नामक युवक ने जहरीला पदार्थ खाकर खुदकुशी कर ली है। इस घटना ने न केवल दो परिवारों को तबाह कर दिया है, बल्कि उन दो मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया भी छीन लिया है, जिन्हें अभी दुनिया की समझ भी नहीं थी। सोमवार, 27 अप्रैल 2026 को मायागंज अस्पताल में दर्ज कराए गए पिता के बयान ने इस आत्महत्या के पीछे छिपे मानसिक प्रताड़ना के उस काले सच को उजागर किया है, जिसे सुनकर किसी का भी कलेजा कांप जाए।
प्रेम विवाह से शुरू हुआ सफर, कलह पर हुआ खत्म
मृतक शिव कुमार यादव की कहानी किसी फिल्मी पटकथा की तरह शुरू हुई थी, लेकिन इसका अंत किसी त्रासदी से कम नहीं रहा। जानकारी के अनुसार, शिव ने वर्ष 2020 में खगड़िया की रहने वाली ब्यूटी कुमारी के साथ प्रेम विवाह किया था। शुरुआती दिनों में सब कुछ ठीक था, दोनों के दो बच्चे भी हुए, जो उनके खुशहाल संसार की धुरी थे। लेकिन समय बीतने के साथ, प्रेम की जगह तकरार ने ले ली।
दिसंबर 2025 में पति-पत्नी के बीच विवाद इस कदर बढ़ा कि ब्यूटी कुमारी अपने दोनों बच्चों को लेकर या उन्हें छोड़कर (मामला जांच का विषय है) अपने मायके खगड़िया चली गई। पिछले चार-पांच महीनों से शिव अपनी पत्नी को मनाने और उसे वापस लाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन दूरियां घटने के बजाय बढ़ती चली गईं। एक टोटो चालक के रूप में शिव दिन भर सड़कों पर पसीना बहाता था ताकि वह अपने परिवार को फिर से जोड़ सके, लेकिन उसे नहीं पता था कि उसकी पत्नी के मन में नफरत की दीवार काफी ऊँची हो चुकी है।
वीडियो कॉल और सिंदूर का वह अपमान: मानसिक प्रताड़ना की पराकाष्ठा
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला और दुखद मोड़ इसी साल फरवरी महीने में आया। शिव के पिता छोटू यादव ने पुलिस को बताया कि ब्यूटी कुमारी ने शिव को वीडियो कॉल किया था। उस कॉल के दौरान ब्यूटी ने कुछ ऐसा किया जिसने शिव के आत्मसम्मान और उसकी जीने की इच्छा को पूरी तरह से झकझोर कर रख दिया। ब्यूटी ने कैमरे के सामने अपनी मांग में भरा हुआ सिंदूर पोंछकर धो डाला।
भारतीय समाज में, विशेषकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में, सिंदूर केवल एक रंग नहीं बल्कि सुहाग और सात जन्मों के बंधन का अटूट प्रतीक माना जाता है। पत्नी द्वारा पति के सामने ही सिंदूर धो डालने का अर्थ ‘वैधव्य’ की घोषणा या रिश्ते के पूर्ण अंत के रूप में देखा जाता है। शिव के लिए यह दृश्य केवल एक अपमान नहीं था, बल्कि उसके अस्तित्व पर किया गया प्रहार था। फरवरी की उस घटना के बाद से ही शिव गहरे अवसाद (डिप्रेशन) में रहने लगा था। वह टोटो तो चलाता था, लेकिन उसका मन अब घर और संसार में नहीं लग रहा था।
26 अप्रैल की वह काली रात: जहरीले पैकेट ने खोला राज
घटना की रात यानी 26 अप्रैल 2026 को शिव हमेशा की तरह अपना टोटो चलाकर घर लौटा। परिवार वालों को लगा कि वह थका हुआ है और आराम करने जा रहा है। वह पानी लेकर अपने कमरे में चला गया। परिजनों को जरा भी भनक नहीं लगी कि शिव के मन में उस समय क्या चल रहा था। कमरे के भीतर उसने चुपके से जहरीला पदार्थ खा लिया।
शांति के कुछ समय बाद, शिव के छोटे भाई ने कमरे के बाहर जहरीले पदार्थ का एक खाली पैकेट देखा। संदेह होने पर जब घर के लोग कमरे के अंदर भागे, तो शिव की स्थिति बिगड़ चुकी थी। आनन-फानन में परिजन उसे लेकर भागलपुर के मायागंज स्थित अस्पताल पहुँचे। डॉक्टरों ने उसे बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन जहर उसके शरीर में पूरी तरह फैल चुका था। रविवार की देर रात इलाज के दौरान शिव की सांसे थम गईं। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद जब शव घर पहुँचा, तो आदमपुर घाट इलाके में मातम छा गया।
पिता का कानूनी मोर्चा: बहू पर लगाया आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप
मायागंज अस्पताल में तैनात पुलिस पदाधिकारियों के समक्ष शिव के पिता छोटू यादव ने अपना फर्दबयान दर्ज कराया है। उन्होंने अपनी बहू ब्यूटी कुमारी को अपने बेटे की मौत का जिम्मेदार ठहराया है। छोटू यादव का कहना है कि उनकी बहू ने जानबूझकर शिव को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। वीडियो कॉल पर सिंदूर धोना एक सोची-समझी साजिश थी ताकि शिव को मानसिक रूप से तोड़ा जा सके।
पिता का आरोप है कि ब्यूटी के व्यवहार और उसके द्वारा किए गए भावनात्मक शोषण ने ही शिव को इतना मजबूर कर दिया कि उसने मौत को गले लगाना बेहतर समझा। पुलिस ने इस बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और अब जोगसर थाना पुलिस खगड़िया जाकर ब्यूटी कुमारी और उसके परिजनों से पूछताछ करने की तैयारी कर रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या पिछले कुछ दिनों में ब्यूटी और शिव के बीच कोई नई बातचीत हुई थी जिसने इस घटना को अंजाम दिया।
डिजिटल ईगो और गिरती सामाजिक संवेदनाएं: एक विश्लेषण
वॉयस ऑफ बिहार (VOB) न्यूज़ डेस्क का मानना है कि शिव कुमार यादव की यह खुदकुशी केवल एक व्यक्तिगत मामला नहीं है, बल्कि यह हमारे बदलते समाज का एक खतरनाक चेहरा है। आज ‘वीडियो कॉल’ और सोशल मीडिया जैसे माध्यमों का उपयोग लोग एक-दूसरे को नीचा दिखाने और भावनात्मक रूप से चोट पहुँचाने के लिए कर रहे हैं।
- सांस्कृतिक चोट: सिंदूर धोना एक ऐसी प्रतीकात्मक क्रिया है जो किसी भी संवेदनशील व्यक्ति को मानसिक रूप से मृतप्राय कर सकती है।
- मजदूर वर्ग का मानसिक स्वास्थ्य: शिव जैसे टोटो चालक, जो आर्थिक तंगी और कड़ी मेहनत के बीच जीते हैं, उनके लिए परिवार ही एकमात्र मानसिक सहारा होता है। जब वह सहारा ही प्रताड़ना का स्रोत बन जाए, तो वे आसानी से ऐसे आत्मघाती कदम उठा लेते हैं।
- कानूनी पहलू: ‘सुसाइड नोट’ न मिलने की स्थिति में डिजिटल साक्ष्य (जैसे वीडियो कॉल का रिकॉर्ड या गवाह) इस मामले में ब्यूटी कुमारी की जवाबदेही तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।


