
भागलपुर | 29 जुलाई 2025:भागलपुर के जोगसर थाना प्रभारी कृष्णनंदन कुमार सिंह ने सोशल मीडिया से जुड़े एक यूट्यूबर के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में आपराधिक मामला दर्ज कराया है। केस में धोखाधड़ी, सरकारी कार्य में बाधा, जबरन वसूली, जालसाजी, ब्लैकमेलिंग जैसी कई गंभीर धाराएं शामिल की गई हैं।
क्या हैं आरोप?
थानाध्यक्ष द्वारा दिए गए आवेदन में कहा गया है कि एक युवक को शराब के नशे में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद वायरल वीडियो के माध्यम से यूट्यूबर ने यह आरोप लगाया कि आरोपी युवक को पुलिस ने पैसे लेकर छोड़ दिया। इस वीडियो के सोशल मीडिया पर प्रसारित होते ही पुलिस विभाग की छवि धूमिल हुई।
जांच में सामने आई सच्चाई
वायरल वीडियो की सिटी एसपी के आदेश पर साइबर डीएसपी से जांच कराई गई। जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए:
- वीडियो में दिख रहे युवक अरुण भगत ने स्वीकार किया कि उसे बहला-फुसलाकर यह वीडियो बनवाया गया।
- यूट्यूबर ने उस पर दबाव डालकर पुलिस के खिलाफ झूठा बयान दिलवाया।
- थानेदार ने यह भी आरोप लगाया कि 50 हजार रुपये की जबरन मांग की गई और “मिठाई” के नाम पर पैसे मांगे गए।
जब पैसे नहीं दिए गए, तो झूठा वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग की गई।
अन्य मामलों में भी संदिग्ध गतिविधि
थाना प्रभारी ने अपने आवेदन में यह भी उल्लेख किया कि आरोपी यूट्यूबर पर पूर्व में भी कई गंभीर आरोप लग चुके हैं, जिनमें—
- नर्सिंग होम संचालक से उगाही का मामला (मरीज की मृत्यु के बाद)
- लोदीपुर थाना क्षेत्र में दर्ज पशु तस्करी केस के आरोपियों से सांठगांठ की आशंका
इन मामलों की जांच भी पुलिस प्रशासन द्वारा की जा रही है।
क्या बोले आरोपी यूट्यूबर?
उधर, यूट्यूबर ने पुलिस पर प्रताड़ना और साजिश का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि उसके खिलाफ जानबूझकर बदले की भावना से कार्यवाही की जा रही है, क्योंकि वह जनता से जुड़े मुद्दों को उठाता है।
पुलिस की सख्त चेतावनी
जोगसर थाना प्रभारी ने कहा कि पुलिस की छवि खराब करने और फेक वीडियो से कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने कोर्ट के माध्यम से आरोपी यूट्यूबर के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी है।


