भागलपुर में बड़ी वारदात टली: आदमपुर चौक के पास पिस्टल के साथ युवक गिरफ्तार

भागलपुर। सिल्क सिटी भागलपुर में कानून का राज स्थापित करने और अपराधियों के मंसूबों को जड़ से मिटाने के लिए पुलिस प्रशासन अब ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रहा है। जिले में बढ़ते आपराधिक ग्राफ पर अंकुश लगाने के लिए वरीय पुलिस अधीक्षक के कड़े निर्देशों के बाद पुलिस की विशेष टीमें अब सड़कों पर ‘एक्शन मोड’ में नजर आ रही हैं। इसी कड़ी में भागलपुर के जोगसर थाना क्षेत्र अंतर्गत आदमपुर चौक के समीप पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस की सक्रियता के कारण न केवल एक शातिर अपराधी को अवैध हथियार के साथ दबोचा गया, बल्कि शहर के बीचों-बीच होने वाली एक बड़ी संभावित वारदात को भी समय रहते टाल दिया गया। शनिवार को पुलिस ने इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि कैसे एक गुप्त सूचना के आधार पर बिछाये गए जाल में अपराधी फंस गए। पुलिस ने मौके से एक देशी पिस्टल, मोटरसाइकिल और कुछ डिजिटल उपकरण भी बरामद किए हैं।

खुफिया इनपुट और आदमपुर की घेराबंदी

​घटनाक्रम की शुरुआत 10 अप्रैल 2026 को हुई, जब वरीय पुलिस अधीक्षक को एक पुख्ता खुफिया इनपुट प्राप्त हुआ। सूचना यह थी कि जोगसर थाना क्षेत्र के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक, आदमपुर चौक के आसपास कुछ हथियारबंद अपराधी मंडरा रहे हैं। ये अपराधी किसी बड़ी और गंभीर वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। आदमपुर चौक का इलाका कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों और होटलों के कारण काफी संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में वहां किसी बड़ी घटना की आशंका ने पुलिस महकमे में हलचल पैदा कर दी।

​सूचना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक ने तत्काल आवश्यक कार्रवाई का आदेश दिया। पुलिस अधीक्षक नगर की सीधी निगरानी में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम का नेतृत्व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नगर-01 और डीआईयू (जिला सूचना इकाई) भागलपुर को सौंपा गया। पुलिस की रणनीति साफ थी—अपराधियों को बिना किसी हंगामे के और सुरक्षित तरीके से दबोचना, ताकि आम नागरिकों को कोई नुकसान न पहुँचे।

शांतम रेजेंसी के पास हाई-वोल्टेज ड्रामा: पुलिस को देख भागने लगे अपराधी

​गठित टीम, जिसमें जोगसर थानाध्यक्ष मंटू कुमार और उनके सहयोगी शामिल थे, सादे लिबास में आदमपुर चौक की ओर रवाना हुई। जैसे ही पुलिस टीम आदमपुर चौक के पास स्थित शांतम रेजेंसी होटल के समीप पहुँची, उन्हें कुछ युवक संदिग्ध अवस्था में दिखाई दिए। पुलिस को देखते ही अपराधियों के माथे पर पसीना आ गया। खुद को घिरा हुआ देख एक युवक और उसके साथी ने वहां से भागने की कोशिश की।

​होटल के पास ही पुलिस और अपराधियों के बीच ‘पकड़म-पकड़ाई’ का खेल शुरू हुआ। सशस्त्र बल के जवानों ने बिना देरी किए अपराधियों का पीछा किया और चंद कदमों की दूरी पर ही उन्हें धर दबोचा। पकड़े गए मुख्य आरोपी की पहचान आयुष सिन्हा के रूप में हुई है, जो बुढ़ानाथ दिगंबर सरकार लेन का रहने वाला है और विनय कुमार सिन्हा का पुत्र है। उसके साथ एक विधि-विरुद्ध बालक (जुवेनाइल) को भी हिरासत में लिया गया। पुलिस की इस तत्परता ने वहां मौजूद लोगों को हैरान कर दिया, क्योंकि किसी को भनक तक नहीं थी कि वहां कोई बड़ी वारदात होने वाली थी।

देशी पिस्टल और डिजिटल उपकरणों की बरामदगी

​गिरफ्तार किए गए आयुष सिन्हा की जब तलाशी ली गई, तो पुलिस के हाथ बड़ी कामयाबी लगी। उसके पास से एक लोड किया हुआ देशी पिस्टल बरामद हुआ। यह इस बात का स्पष्ट प्रमाण था कि अपराधी किसी बड़े हमले की तैयारी में थे। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने उनके पास से एक मोबाइल फोन और एक टैब भी जब्त किया है।

​अक्सर अपराधी डिजिटल उपकरणों का उपयोग संचार और रेकी करने के लिए करते हैं, इसलिए पुलिस इन उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराने की तैयारी में है। मौके से एक मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है, जिसका उपयोग संभवतः भागने या वारदात को अंजाम देने के लिए किया जाना था। पुलिस अब इस मोटरसाइकिल के मालिकाना हक की भी जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि क्या यह चोरी की गाड़ी है।

डीआईयू और जोगसर पुलिस का सटीक समन्वय

​इस पूरी कार्रवाई की सबसे बड़ी विशेषता पुलिस के विभिन्न विंगों के बीच का सटीक तालमेल रहा। डीआईयू (District Intelligence Unit) की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल्स के आधार पर अपराधियों की लोकेशन को ट्रैक किया, जबकि जोगसर पुलिस ने जमीन पर जाकर ऑपरेशन को अंजाम दिया। छापेमारी दल में पु०अ०नि० मंटू कुमार, रंगलाल कुमार, स०अ०नि० सतीश कुमार और सिपाही दीपक व विक्रम कुमार शामिल थे।

​भागलपुर पुलिस अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि आयुष सिन्हा को यह पिस्टल कहाँ से मिली थी। क्या भागलपुर में हथियारों की तस्करी का कोई नया सिंडिकेट सक्रिय हो गया है? पुलिस का मानना है कि आयुष सिन्हा से पूछताछ में शहर के कई अन्य अपराधियों के बारे में भी सुराग मिल सकते हैं। उसके आपराधिक इतिहास को भी खंगाला जा रहा है ताकि यह पता चले कि वह पहले किन मामलों में संलिप्त रहा है।

हॉट-स्पॉट पर छापेमारी और अपराध पर प्रहार

​वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार, भागलपुर पुलिस अब शहर के उन ‘हॉट-स्पॉट्स’ पर विशेष नजर रख रही है जहाँ चोरी, छिनतई और अवैध शराब की बिक्री की संभावनाएं अधिक रहती हैं। आदमपुर, जोगसर और तिलकामांझी जैसे इलाकों में सघन गश्त बढ़ा दी गई है। पुलिस की इस सक्रियता का उद्देश्य अपराधियों के मन में डर पैदा करना और आम जनता में सुरक्षा का भाव जगाना है।

​नगर डीएसपी अजय चौधरी ने बताया कि आयुष सिन्हा के खिलाफ सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और उसे न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। विधि-विरुद्ध बालक को नियमानुसार सुधार गृह भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई तो केवल शुरुआत है; आने वाले दिनों में अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा।

सुशासन और शांति की दिशा में एक कदम

​आदमपुर चौक के पास हुई यह गिरफ्तारी भागलपुर पुलिस की मुस्तैदी का एक बड़ा उदाहरण है। शहर के भीड़भाड़ वाले इलाके से एक लोडेड पिस्टल बरामद होना यह दर्शाता है कि खतरा कितना बड़ा था। अगर पुलिस समय पर नहीं पहुँचती, तो शायद कोई निर्दोष व्यक्ति अपराधियों के गुस्से का शिकार हो सकता था। मंटू कुमार और उनकी टीम की इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि अगर सूचना तंत्र मजबूत हो और नेतृत्व दृढ़, तो अपराधियों के पैर उखड़ने में देर नहीं लगती।

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