​भागलपुर और जमालपुर में आरपीएफ का बड़ा एक्शन: मोबाइल चोर और ब्राउन शुगर के साथ दो गिरफ्तार

भागलपुर/जमालपुर, 18 मई 2026। पूर्व रेलवे के मालदा रेल मंडल अंतर्गत रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की विशेष टीमों ने यात्री सुरक्षा को सुदृढ़ करने और रेल परिसरों में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से दो बड़े और सफल अभियानों को अंजाम दिया है। आरपीएफ ने त्वरित विधिक कार्रवाई करते हुए भागलपुर और जमालपुर रेलवे स्टेशनों से दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इस संयुक्त कार्रवाई के दौरान जहां एक तरफ ट्रेनों में यात्रियों के कीमती सामानों पर हाथ साफ करने वाले एक कुख्यात रेल चोर को चोरी के चार महंगे मोबाइल फोन के साथ दबोचा गया, वहीं दूसरी तरफ रेल मार्ग से नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले एक धंधेबाज को भारी मात्रा में ब्राउन शुगर और गांजे के साथ गिरफ्तार किया गया है। आरपीएफ मालदा मंडल द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति संख्या 2026/05/26 के अनुसार, यह पूरी ताबड़तोड़ कार्रवाई मालदा के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) मनीष कुमार गुप्ता के कुशल मार्गदर्शन तथा आरपीएफ मालदा के मंडल सुरक्षा आयुक्त आशिम कुमार कुल्लू के सीधे पर्यवेक्षण में धरातल पर उतारी गई है। इस बड़ी विधिक सफलता से रेल यात्रियों के बीच सुरक्षा का संबल मजबूत हुआ है।

भागलपुर में हावड़ा-जमालपुर एक्सप्रेस का शातिर मोबाइल चोर दबोचा

​रेलवे सुरक्षा बल से मिली आधिकारिक विवरणी के अनुसार, पहले रणनीतिक अभियान को 15 मई 2026 को भागलपुर रेलवे स्टेशन प्रक्षेत्र में अंजाम दिया गया। ट्रेनों में यात्रियों के सामान, बैग और मोबाइल फोन की चोरी (TOPB – Theft of Passenger Baggage) की बढ़ती विसंगतियों को देखते हुए आरपीएफ भागलपुर की टीम पूरी तरह से मुस्तैद थी। इसी कड़ी में आरपीएफ भागलपुर के सुरक्षा बलों ने आरपीएफ/सीडीपीएस टीम-बी/मालदा के साथ एक संयुक्त और समन्वित सर्विलांस ग्रिड तैयार किया। टीम ने स्टेशन के प्लेटफॉर्मों, निकास द्वारों और संदेहास्पद पॉकेट्स की विधिक घेराबंदी की।

​इस विशेष चेकिंग अभियान के दौरान टीम ने भागलपुर रेलवे स्टेशन के समीप से एक संदिग्ध युवक को घेराबंदी कर हिरासत में लिया। जब सुरक्षा मानकों के तहत उसकी सघन तलाशी ली गई, तो उसके कब्जे से विभिन्न कंपनियों के चार चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए गए। बरामद किए गए इन सभी मोबाइल फोन की अनुमानित कमर्शियल कीमत लगभग 60,000 रुपये आंकी गई है। आरपीएफ की प्रारंभिक तकनीकी और विधिक पूछताछ में यह बड़ा खुलासा हुआ कि पकड़ा गया आरोपी एक आदतन पेशेवर रेल चोर है, जो मुख्य रूप से ट्रेन संख्या 13071 हावड़ा–जमालपुर एक्सप्रेस में यात्रा करने वाले भोले-भाले यात्रियों को अपना निशाना बनाता था। वह ट्रेन के भीतर यात्रियों के सोने या असावधान होने का फायदा उठाकर उनके कीमती मोबाइल और बैग उड़ाकर रफूचक्कर हो जाता था। आरपीएफ ने चोरी के चारों मोबाइल फोन को सीजर लिस्ट तैयार कर अपने विधिक नियंत्रण में ले लिया है।

जमालपुर स्टेशन पर नशे का सौदागर गिरफ्तार, ब्राउन शुगर और गांजा बरामद

​मालदा मंडल आरपीएफ द्वारा संचालित किए गए दूसरे बड़े अभियान के तहत जमालपुर रेलवे स्टेशन प्रक्षेत्र में नशीले पदार्थों के अंतर-जिला सिंडिकेट के खिलाफ एक बड़ी सफलता दर्ज की गई। 16 मई 2026 को आरपीएफ जमालपुर की विशेष फ्लाइंग स्क्वाड टीम को यह गुप्त सूचना मिली थी कि एक शातिर तस्कर ट्रेनों के माध्यम से प्रतिबंधित नशीले पदार्थों की एक खेप लेकर जमालपुर स्टेशन के समीप उतरने वाला है और उसे स्थानीय एजेंटों को डिलीवर करने की विधा में है। सूचना मिलते ही आरपीएफ के जवानों ने जमालपुर स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया और प्लेटफॉर्मों पर सादे लिबास में जाल बिछा दिया।

​संदेहास्पद स्थिति में घूम रहे एक युवक को जब आरपीएफ जवानों ने विधिक रूप से रोककर उसकी शारीरिक और उसके पास मौजूद सामानों की तलाशी ली, तो उसके पास से भारी मात्रा में प्रतिबंधित अवैध मादक पदार्थ बरामद हुए। रासायनिक और विधिक तौल विलेखों के अनुसार, पकड़े गए तस्कर के पास से 20.44 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाली शुद्ध ब्राउन शुगर तथा 0.99 ग्राम प्रतिबंधित गांजा बरामद कर विधिवत जब्त किया गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस मादक पदार्थ की कीमत काफी अधिक मानी जा रही है। आरपीएफ के अधिकारियों ने बताया कि पकड़ा गया तस्कर रेल मार्गों का उपयोग कर पड़ोसी राज्यों या सीमावर्ती जिलों से इन महंगे नशीले पदार्थों की खेप मंगवाता था और जमालपुर व मुंगेर प्रक्षेत्र के युवाओं व छात्रों के बीच ऊंचे दामों पर इसकी अवैध सप्लाई करता था।

सुरक्षित रेल परिवेश के लिए आरपीएफ मुस्तैद, आगे की विधिक कार्रवाई हेतु जीआरपी को सुपुर्द

​मालदा मंडल आरपीएफ की इस ताबड़तोड़ और दोहरे प्रहार वाली विधिक कार्रवाई के परिणामस्वरूप दोनों आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है। आरपीएफ ने बरामद किए गए ₹60,000 मूल्य के चार चोरी के मोबाइल फोन, 20.44 ग्राम ब्राउन शुगर और गांजे की खेप को विधिक दस्तावेजों (सीजर मेमो) के साथ सुरक्षित कर लिया है। चूंकि रेलवे परिसरों के भीतर दर्ज होने वाले आपराधिक मामलों और मादक पदार्थों की तस्करी की नियमित जांच का विधिक अधिकार राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के पास होता है, इसलिए आरपीएफ ने स्थापित नियमों के तहत दोनों गिरफ्तार अभियुक्तों और जब्त की गई सभी सामग्रियों को आगे की वैधानिक कार्यवाही, नियमित प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने और न्यायिक कोर्ट में पेशी के लिए संबंधित जीआरपी थानों को सुपुर्द कर दिया है। जीआरपी अब इन दोनों मामलों में सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज कर इनके पूरे आपराधिक सिंडिकेट को खंगालने में जुटी हुई है।

​इस बड़े सफल ऑपरेशन की समीक्षा करते हुए मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता और मंडल सुरक्षा आयुक्त आशिम कुमार कुल्लू ने स्पष्ट किया है कि ट्रेनों और रेलवे परिसरों को अपराधियों के लिए पूरी तरह से प्रतिबंधित क्षेत्र बनाना ही आरपीएफ का मुख्य ध्येय है। गर्मी के इस मौसम में ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ का फायदा उठाकर अपराधी सक्रिय होने का प्रयास करते हैं, लेकिन मालदा मंडल आरपीएफ की तकनीकी विंग, खोजी कुत्ते (डॉग स्क्वाड) और सीसीटीएनएस (CCTNS) प्रणालियां लगातार चौबीसों घंटे काम कर रही हैं। आरपीएफ ने यात्रियों से भी अपील की है कि वे यात्रा के दौरान अपने कीमती सामानों के प्रति सजग रहें और किसी भी संदेहास्पद व्यक्ति या लावारिस वस्तु को देखते ही तुरंत आरपीएफ के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दर्ज कराएं ताकि त्वरित विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। रेल परिसरों के भीतर गश्ती और औचक निरीक्षण की यह विधा भविष्य में भी इसी तरह कड़ाई से जारी रहेगी।

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