
भागलपुर। भीषण गर्मी के बीच बेजुबान पशुओं को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से सामाजिक संस्था ‘वी केयर’ द्वारा एक बार फिर ‘जल संजीवनी’ मुहिम की शुरुआत की गई है। इस पहल के तहत शहर के विभिन्न इलाकों में पशुओं के लिए पानी के टब लगाए जा रहे हैं, ताकि गर्मी के कारण पानी की कमी से जूझ रहे जानवरों को राहत मिल सके। संस्था की यह पहल न केवल मानवीय संवेदनाओं का परिचय देती है, बल्कि समाज को भी जीव-जंतुओं के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करती है।
अभियान के पहले दिन ही संस्था के सदस्यों ने शहर के कई प्रमुख क्षेत्रों में सक्रियता दिखाई। बूढ़ानाथ, खरमनचक, गोलाघाट, आदमपुर और खंजरपुर जैसे इलाकों में घरों, दुकानों और गली-मोहल्लों के बाहर पानी से भरे टब स्थापित किए गए। इन स्थानों का चयन इस आधार पर किया गया कि वहां आवारा पशुओं की आवाजाही अधिक होती है और उन्हें पानी की सख्त जरूरत रहती है।
संस्था के सदस्यों ने बताया कि गर्मी के दिनों में पशुओं के लिए पानी की उपलब्धता एक बड़ी समस्या बन जाती है। सड़क पर घूमने वाले कुत्ते, गाय, बकरियां और अन्य जानवर प्यास से परेशान रहते हैं। ऐसे में ‘जल संजीवनी’ मुहिम उनके लिए जीवनदायी साबित हो सकती है। यही कारण है कि संस्था ने इस वर्ष भी इस अभियान को बड़े स्तर पर चलाने का निर्णय लिया है।
वी केयर के प्रतिनिधियों के अनुसार यह मुहिम सिर्फ कुछ इलाकों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे शहर में फैलाया जाएगा। विशेष रूप से भागलपुर के दक्षिणी क्षेत्रों में भी जल्द ही पानी के टब लगाए जाएंगे। संस्था का लक्ष्य है कि शहर के अधिकतम हिस्सों में ऐसे टब स्थापित किए जाएं, ताकि कोई भी बेजुबान पशु पानी के अभाव में परेशान न हो।
संस्था ने यह भी बताया कि पिछले वर्ष इस अभियान को लोगों से अच्छा सहयोग मिला था। वर्ष 2025 में ‘जल संजीवनी’ अभियान के तहत 50 से अधिक स्थानों पर पानी के टब लगाए गए थे, जिससे बड़ी संख्या में पशुओं को राहत मिली थी। कई स्थानीय लोगों ने इन टबों की नियमित देखभाल भी की, जिससे यह पहल और अधिक प्रभावी साबित हुई।
इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष भी संस्था ने आम नागरिकों से सहयोग की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि वे अपने घरों, दुकानों या आसपास के ऐसे स्थानों की जानकारी दें, जहां पानी के टब रखे जा सकते हैं और उनकी नियमित देखभाल सुनिश्चित की जा सके। संस्था का मानना है कि यदि स्थानीय लोग इस जिम्मेदारी को निभाएं, तो यह अभियान लंबे समय तक सफलतापूर्वक चल सकता है।
वी केयर ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो लोग इस अभियान से जुड़ना चाहते हैं, उन्हें संस्था की ओर से पानी के टब निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। केवल शर्त यह है कि संबंधित व्यक्ति या परिवार उस टब में नियमित रूप से पानी भरने और साफ-सफाई की जिम्मेदारी निभाए। इस तरह यह मुहिम एक सामूहिक प्रयास बन सकती है, जिसमें समाज का हर वर्ग अपनी भागीदारी निभा सकता है।
संस्था के सदस्यों ने कहा कि बेजुबान पशुओं की सेवा करना मानवता का सबसे बड़ा धर्म है। गर्मी के इस कठिन समय में जब इंसान भी पानी की कमी से जूझता है, तब पशुओं की स्थिति और भी दयनीय हो जाती है। ऐसे में यदि हम अपने आसपास एक छोटा सा पानी का टब रख दें, तो यह उनके लिए जीवन बचाने जैसा कार्य हो सकता है।
अभियान के दौरान लोगों में भी उत्साह देखने को मिला। कई स्थानीय निवासियों और दुकानदारों ने इस पहल की सराहना की और आगे भी सहयोग करने का भरोसा दिया। कुछ लोगों ने तुरंत अपने घरों के बाहर टब रखने की इच्छा जताई और उसकी देखभाल की जिम्मेदारी भी ली।
इस अभियान में संस्था के कई सक्रिय सदस्य शामिल रहे। इनमें नितेश चौबे, अर्जित घोष, रिशांत, अभिषेक, नितेश साह, शिवम, सुभोजित, राज वर्धन, गोल्डन, आदित्य, प्रियवर सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। सभी ने मिलकर विभिन्न स्थानों पर टब लगाने और लोगों को जागरूक करने का कार्य किया।
संस्था ने अंत में सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस पुनीत कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और अपने स्तर पर भी बेजुबान पशुओं की मदद करें। यदि हर व्यक्ति अपने घर या दुकान के बाहर एक पानी का टब रख दे, तो शहर में कोई भी पशु प्यासा नहीं रहेगा।
कुल मिलाकर, ‘जल संजीवनी’ मुहिम न केवल एक सामाजिक पहल है, बल्कि यह मानवता और संवेदनशीलता का एक सशक्त उदाहरण भी है। यह अभियान यह संदेश देता है कि छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव ला सकते हैं, बस जरूरत है तो जागरूकता और सहयोग की।


