
भागलपुर जिले के जगदीशपुर थाना क्षेत्र में एक ही रात के भीतर चोरी की पांच अलग-अलग घटनाओं ने पूरे इलाके में चिंता और नाराजगी का माहौल पैदा कर दिया है। बाजार क्षेत्र और उससे सटे इलाकों में हुई इन वारदातों ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था और रात के समय पुलिस गश्ती व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चोरों ने सुनियोजित तरीके से मंदिर, कपड़े की दुकान, मिठाई की दुकान, चाय की दुकान और एक मकान को निशाना बनाकर नकदी तथा सामान पर हाथ साफ कर दिया।
घटनाओं का खुलासा बुधवार सुबह तब हुआ जब दुकानदार अपनी दुकानें खोलने पहुंचे और मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए लोग पहुंचे। कई स्थानों पर टूटे हुए ताले, बिखरा सामान और खाली जगहों को देखकर लोगों को चोरी की जानकारी मिली। कुछ ही समय में यह खबर पूरे बाजार क्षेत्र में फैल गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घटनास्थलों पर पहुंच गए। लगातार हुई इन घटनाओं के बाद व्यापारियों और आम लोगों के बीच असुरक्षा की भावना बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार चोरी की अधिकतर घटनाएं जगदीशपुर बाजार और उसके आसपास लगभग आधे किलोमीटर के दायरे में हुई हैं। इतने सीमित क्षेत्र में एक ही रात के भीतर पांच वारदातों का होना इस बात की ओर संकेत करता है कि अपराधियों ने पूरी योजना बनाकर घटनाओं को अंजाम दिया। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि रात के समय नियमित गश्त और निगरानी व्यवस्था मजबूत होती तो अपराधियों के लिए इतनी आसानी से वारदात को अंजाम देना संभव नहीं होता।
सबसे पहले अपराधियों ने बाजार स्थित बजरंगबली मंदिर को अपना निशाना बनाया। मंदिर का मुख्य ताला तोड़कर चोर अंदर दाखिल हुए और वहां रखी दानपेटी को क्षतिग्रस्त कर उसमें जमा नकदी लेकर फरार हो गए। सुबह मंदिर पहुंचने पर वहां का दृश्य देखकर लोग हैरान रह गए। मंदिर परिसर में बिखरे सामान और टूटी हुई दानपेटी को देखकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली।
मंदिर से जुड़े लोगों का कहना है कि रात में मंदिर को सामान्य रूप से बंद किया गया था और उस समय सब कुछ सुरक्षित था। सुबह जब पूजा की तैयारी के लिए मंदिर खोला गया तो मुख्य द्वार का ताला टूटा हुआ मिला। इसके बाद अंदर जाकर देखा गया कि दानपेटी भी क्षतिग्रस्त थी और उसमें मौजूद पूरी राशि गायब थी। घटना की जानकारी तत्काल पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
मंदिर के बाद अपराधियों ने बाजार की एक कपड़े की दुकान को निशाना बनाया। दुकान का ताला तोड़कर चोर अंदर पहुंचे और वहां रखे महंगे कपड़े तथा अन्य सामान चोरी कर ले गए। दुकान के अंदर का दृश्य यह संकेत दे रहा था कि अपराधियों ने काफी समय तक दुकान के भीतर रहकर सामान की जांच-पड़ताल की और केवल कीमती वस्तुओं को अपने साथ ले गए। दुकानदार के अनुसार शुरुआती अनुमान में एक लाख रुपये से अधिक के नुकसान की संभावना है, हालांकि विस्तृत जांच और स्टॉक मिलान के बाद ही वास्तविक नुकसान का आंकड़ा सामने आ सकेगा।
कपड़े की दुकान के भीतर कई अलमारियां खुली मिलीं और सामान इधर-उधर बिखरा पड़ा था। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि चोरों ने जल्दबाजी के बजाय व्यवस्थित तरीके से दुकान की तलाशी ली। व्यापारियों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाएं बाजार की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती हैं।
इसी दौरान अपराधियों ने एक मिठाई की दुकान को भी निशाना बनाया। दुकान से बड़ी मात्रा में रिफाइंड तेल और अन्य उपयोगी सामग्री चोरी होने की जानकारी सामने आई है। व्यापारियों का कहना है कि लगातार बढ़ती चोरी की घटनाओं से छोटे कारोबारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, जिससे उनका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है।
इसके अलावा एक चाय दुकान से भी कई सामान गायब पाए गए। दुकान मालिक के अनुसार बिस्कुट और अन्य खाद्य सामग्री चोरी कर ली गई। हालांकि चोरी गया सामान मूल्य में कम हो सकता है, लेकिन लगातार एक के बाद एक दुकान को निशाना बनाए जाने से व्यापारियों में भय का माहौल बन गया है।
अपराधियों ने केवल दुकानों तक ही खुद को सीमित नहीं रखा बल्कि एक स्थानीय निवासी के घर से पानी की मोटर भी चोरी कर ली। इससे यह साफ हो गया कि चोरों ने पूरे इलाके में घूमकर अलग-अलग स्थानों को निशाना बनाया और जहां मौका मिला वहां वारदात को अंजाम दिया। एक ही रात में हुई इन घटनाओं ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।
बुधवार सुबह जैसे ही चोरी की खबर बाजार में फैली, लोगों की भीड़ घटनास्थलों पर जमा होने लगी। दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो ऐसे तत्वों का मनोबल और बढ़ सकता है और भविष्य में बड़ी घटनाएं भी हो सकती हैं।
स्थानीय व्यापारियों ने यह भी कहा कि बाजार क्षेत्र में रात के समय सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है। उनका मानना है कि यदि नियमित रूप से पुलिस गश्त की जाए और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाए तो अपराध पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।
घटनाओं की सूचना मिलने के बाद जगदीशपुर थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और सभी स्थानों का निरीक्षण किया। पुलिस ने घटनास्थलों से जरूरी जानकारी जुटाने के साथ-साथ आसपास रहने वाले लोगों और दुकानदारों से पूछताछ भी शुरू कर दी है। इसके अलावा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है ताकि संदिग्ध लोगों की पहचान की जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चोरी की सभी घटनाओं को गंभीरता से लिया जा रहा है और हर पहलू से जांच की जा रही है। पीड़ितों से आवेदन प्राप्त करने के बाद संबंधित मामलों में कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। साथ ही उपलब्ध साक्ष्यों और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपितों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।
घटनाओं के बाद स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने प्रशासन से कई मांगें भी रखी हैं। इनमें बाजार क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, रात के समय नियमित गश्त, प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा मजबूत करने जैसी मांगें शामिल हैं।
लोगों का कहना है कि यदि सुरक्षा व्यवस्था को समय रहते मजबूत नहीं किया गया तो भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हो सकती है। फिलहाल पूरे इलाके की नजर पुलिस जांच और संभावित कार्रवाई पर टिकी हुई है। व्यापारियों को उम्मीद है कि जल्द ही अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा और चोरी गए सामान की बरामदगी भी संभव हो सकेगी। वहीं, प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती लोगों का भरोसा दोबारा कायम करना और क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल सुनिश्चित करना है।


