राममय हुआ भागलपुर! हिंदुत्व सेवा संघ की भव्य शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब; मंजूषा कला की झांकी और महिलाओं के शौर्य प्रदर्शन ने जीता सबका दिल

समाचार के मुख्य बिंदु: मर्यादा पुरुषोत्तम के जन्मोत्सव पर भक्ति का महासंगम

  • भव्य आयोजन: रामनवमी के पावन अवसर पर हिंदुत्व सेवा संघ द्वारा विशाल शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
  • शुभारंभ: मायागंज स्थित प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार और विशेष पूजन के बाद यात्रा को रवाना किया गया।
  • मुख्य आकर्षण: पारंपरिक मंजूषा पेंटिंग से सजी बैलगाड़ी और भारत माता की झांकी आकर्षण का केंद्र रही।
  • नारी शक्ति: महिलाओं और कन्याओं ने पारंपरिक वेशभूषा में लाठी-डंडे का शानदार प्रदर्शन कर अपनी आत्मरक्षा कौशल का परिचय दिया।
  • प्रशासनिक सफलता: सदर एसडीओ विकास कुमार और सिटी डीएसपी अजय कुमार चौधरी की देखरेख में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण संपन्न हुआ।
  • VOB इनसाइट: भागलपुर की स्थानीय ‘मंजूषा कला’ को धार्मिक शोभायात्रा में शामिल करना सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक उत्सव के समन्वय का एक बेहतरीन उदाहरण है।

भागलपुर | 27 मार्च, 2026

​सिल्क सिटी भागलपुर आज पूरी तरह भक्ति और उल्लास के रंग में रंगा नजर आया। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में ‘हिंदुत्व सेवा संघ’ के तत्वावधान में आयोजित भव्य शोभायात्रा ने पूरे शहर को राममय बना दिया। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, “जय श्री राम” के उद्घोष से पूरा वातावरण गुंजायमान रहा और श्रद्धालुओं का जोश सातवें आसमान पर दिखा।

महाकालेश्वर मंदिर से हुआ ‘भक्ति पथ’ का शंखनाद

​शोभायात्रा की शुरुआत मायागंज स्थित ऐतिहासिक महाकालेश्वर मंदिर से हुई। यहाँ पंडितों द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना की गई, जिसके बाद भगवान राम का आशीर्वाद लेकर विशाल रथ को रवाना किया गया।

शोभायात्रा का मार्ग:

यह यात्रा मायागंज से शुरू होकर शहर के सबसे व्यस्त इलाकों—घंटाघर चौक, स्टेशन रोड, और तिलकामांझी चौक से होते हुए गुजरी। पूरे मार्ग में हजारों की भीड़ उमड़ी रही और लोगों ने अपने घरों की छतों से पुष्प वर्षा कर भगवान राम का स्वागत किया। अंततः यह पुनः महाकालेश्वर मंदिर पहुँचकर संपन्न हुई।

मंजूषा कला और सजीव झांकियां: परंपरा का अनूठा संगम

​इस वर्ष की शोभायात्रा में कुछ ऐसे तत्व शामिल थे जिन्होंने इसे पिछले वर्षों की तुलना में अधिक विशिष्ट बना दिया:

  1. मंजूषा बैलगाड़ी: अंग जनपद की प्रसिद्ध ‘मंजूषा कला’ से सजी पारंपरिक बैलगाड़ी ने सबका ध्यान खींचा। स्थानीय कला को इस स्तर पर प्रदर्शित करना आयोजकों की एक सराहनीय पहल रही।
  2. सजीव प्रस्तुति: नंदी की सजीव प्रस्तुति और भारत माता की मनमोहक झांकी को देखने के लिए सड़कों के किनारे लोगों की कतारें लगी रहीं।
  3. लेजर लाइट और बैंड-बाजा: आधुनिक लेजर लाइट और पारंपरिक ढोल-नगाड़ों की जुगलबंदी ने माहौल को दिव्य बना दिया।

महिला शक्ति का अद्भुत प्रदर्शन

​इस बार की शोभायात्रा में महिलाओं की भागीदारी केवल दर्शकों तक सीमित नहीं थी। बड़ी संख्या में महिलाओं और कन्याओं ने केसरिया वेशभूषा में हिस्सा लिया। यात्रा के दौरान कई स्थानों पर महिलाओं ने लाठी-डंडे और आत्मरक्षा के पारंपरिक कौशलों का प्रदर्शन किया। उनके इस शौर्य ने वहां मौजूद जनसमूह को अचंभित और रोमांचित कर दिया।

आयोजन समिति और गणमान्य अतिथि

​शोभायात्रा की सफलता के पीछे हिंदुत्व सेवा संघ की टीम का अथक परिश्रम रहा। कार्यक्रम में

नाम

पद / भूमिका

सोनू सम्राट

अध्यक्ष, हिंदुत्व सेवा संघ

विजय यादव

संरक्षक / संयोजक

विकास कुमार

सदर एसडीओ (प्रशासनिक देखरेख)

अजय कुमार चौधरी

सिटी डीएसपी (सुरक्षा प्रभारी)

साथ ही विनय सिंह, प्रमोद सिंह, कन्हैया लाल, शांडिल्य नंदिकेश और अन्य कार्यकर्ताओं ने पूरे मार्ग में व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

VOB का नजरिया: अनुशासन और आस्था की मिसाल

​’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि भागलपुर की यह शोभायात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह शहर के सामाजिक सद्भाव और प्रशासनिक समन्वय का भी प्रमाण है।

  • सेवा भाव: स्थानीय संगठनों द्वारा जगह-जगह लगाए गए शरबत और पानी के शिविरों ने मानवता का परिचय दिया।
  • सुरक्षा और संयम: संवेदनशील इलाकों में पुलिस की मुस्तैदी और ड्रोन कैमरों से निगरानी ने यह सुनिश्चित किया कि उत्सव की खुशी में कोई खलल न पड़े।
  • सांस्कृतिक गौरव: स्थानीय कला (मंजूषा) का समावेश यह संदेश देता है कि हमारी धार्मिक मान्यताएं और क्षेत्रीय पहचान एक-दूसरे के पूरक हैं।

निष्कर्ष: सुशासन और हर्षोल्लास का संगम

​शोभायात्रा के समापन पर महाकालेश्वर मंदिर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई यह शोभायात्रा भागलपुर के इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) इस सफल आयोजन के लिए आयोजकों और मुस्तैद प्रशासन को बधाई देता है।

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