भागलपुर: मायागंज अस्पताल में हाई-वोल्टेज ड्रामा; अधीक्षक से अभद्रता करने पर नर्स को ‘कारण बताओ’ नोटिस, 24 घंटे में मांगा जवाब

भागलपुर | 22 फरवरी, 2026: बिहार के भागलपुर स्थित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (मायागंज अस्पताल) में शनिवार को अनुशासनहीनता का एक गंभीर मामला सामने आया है। अस्पताल के नर्सिंग आवास परिसर में चल रहे निर्माण कार्य की शिकायत लेकर आई एक स्टाफ नर्स और अस्पताल अधीक्षक के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल अधीक्षक ने नर्स के खिलाफ स्पष्टीकरण का नोटिस जारी कर दिया है।

क्या है पूरा विवाद?

​जानकारी के अनुसार, बरारी रोड स्थित मायागंज अस्पताल के नर्सिंग क्वार्टर में रहने वाली एक स्टाफ नर्स शनिवार दोपहर करीब डेढ़ बजे अस्पताल अधीक्षक डॉ. हिमांशु परमेश्वर दुबे के चैंबर में पहुंची थी।

  • मुद्दा: नर्सिंग आवास परिसर में नाले का निर्माण कार्य चल रहा है, जिससे वहां रहने वाली नर्सों को आवाजाही और अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
  • विवाद की वजह: अपनी परेशानी बताने के दौरान नर्स का लहजा उग्र हो गया और वह अस्पताल अधीक्षक से ही उलझ बैठी। आरोप है कि नर्स ने अधीक्षक के साथ अभद्र व्यवहार किया, जिससे चैंबर में मौजूद अन्य कर्मचारी और अधिकारी हतप्रभ रह गए।

अधीक्षक का सख्त रुख: 24 घंटे का अल्टीमेटम

​अस्पताल के भीतर अनुशासन बनाए रखने और पद की गरिमा के उल्लंघन को देखते हुए अधीक्षक डॉ. हिमांशु परमेश्वर दुबे ने तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने नर्स को आधिकारिक स्पष्टीकरण (Show Cause) नोटिस जारी किया है।

  • अल्टीमेटम: नर्स को पत्र प्राप्ति के 24 घंटे के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।
  • संभावित कार्रवाई: यदि निर्धारित समय के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो विभागीय नियमावली के तहत नर्स के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

मायागंज अस्पताल में प्रशासनिक चुनौतियां

​मायागंज अस्पताल पूर्वी बिहार का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है, जहां अक्सर संसाधनों की कमी और निर्माण कार्यों को लेकर कर्मचारियों और प्रशासन के बीच तनाव की खबरें आती रहती हैं। हालांकि, अधीक्षक कार्यालय का मानना है कि शिकायत दर्ज करने का एक तय प्रोटोकॉल होता है और अभद्रता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

द वॉयस ऑफ बिहार का विश्लेषण: स्वास्थ्य सेवाओं में अनुशासन और आपसी समन्वय बहुत जरूरी है। जहाँ एक ओर नाले निर्माण जैसी बुनियादी समस्याओं का त्वरित समाधान होना चाहिए, वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों को भी अपनी बात शालीनता और नियमों के दायरे में रहकर रखनी चाहिए।

ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार।

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