
विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद भागलपुर और नवगछिया के बीच आवागमन को सुगम बनाने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ी पहल की है। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार को नाव मालिकों और जलयान संचालकों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें नाव परिचालन, सुरक्षा व्यवस्था और भाड़ा निर्धारण को लेकर कई अहम फैसले लिए गए।
बैठक में अपर समाहर्त्ता (विधि-व्यवस्था), अपर समाहर्त्ता (आपदा प्रबंधन), सदर अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सिंगला कंपनी, जिरिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि तथा स्थानीय नाविक और जलयान संचालक उपस्थित रहे।
यात्रियों से नहीं लिया जाएगा कोई किराया
बैठक में तय किया गया कि नाव से यात्रा करने वाले यात्रियों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए प्रति व्यक्ति एवं प्रति वाहन 30 रुपये भाड़ा निर्धारित किया गया है। हालांकि यह राशि यात्रियों से नहीं ली जाएगी।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि निर्धारित भाड़े का भुगतान राज्य सरकार द्वारा सीधे नाव मालिकों और जलयान संचालकों के बैंक खातों में किया जाएगा। इससे आम लोगों को गंगा पार करने के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा।
बिना पंजीकरण वाली नावों पर रोक
सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने कई कड़े निर्देश जारी किए हैं। निर्णय लिया गया है कि 50 यात्रियों से कम क्षमता वाली नावों का संचालन पूरी तरह बंद रहेगा।
इसके अलावा बिना रजिस्ट्रेशन वाली किसी भी नाव को घाटों पर चलाने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि केवल अधिकृत और पंजीकृत नावों का ही परिचालन किया जाएगा।
नंबर सिस्टम से चलेगी नावें
घाटों पर अव्यवस्था और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए नंबर सिस्टम लागू किया गया है। अब घाट स्थित नियंत्रण कक्ष से पर्ची मिलने के बाद ही नाविक यात्रियों को नाव पर बैठाकर यात्रा शुरू कर सकेंगे।
किसी भी नाविक को बिना पर्ची यात्रियों को बैठाने या नाव को पहले से चालू रखने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन का मानना है कि इससे परिचालन अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित होगा।
लाइफ जैकेट अनिवार्य
यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी नावों पर बैठान क्षमता के अनुसार लाइफ जैकेट और लंबी रस्सी सहित इन्फ्लेटेबल ट्यूब रखना अनिवार्य कर दिया गया है।
नाविकों को निर्देश दिया गया है कि यात्रियों को लाइफ जैकेट पहनाने के बाद ही यात्रा शुरू कराई जाए। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई नाविक यात्रियों से किराया वसूलता है, निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाता है या सूर्योदय से पहले नाव संचालन करता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
ऐसी स्थिति में संबंधित नाव को जब्त भी किया जा सकता है। वहीं संबंधित अंचल अधिकारियों को सभी नावों का लॉगबुक संधारित कराने का निर्देश दिया गया है।
बीच गंगा में खराब हुई नाव तो आधा भुगतान
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि किसी नाव का इंजन बीच गंगा में खराब हो जाता है और यात्रियों को एसडीआरएफ द्वारा सुरक्षित बाहर निकालना पड़ता है, तो उस नाव के मालिक को निर्धारित भुगतान की केवल आधी राशि ही दी जाएगी।
इस निर्णय का उद्देश्य नाव संचालकों को तकनीकी रूप से सक्षम और सुरक्षित नावों का उपयोग करने के लिए प्रेरित करना है।
घाटों पर होगी विशेष व्यवस्था
यात्रियों की सुविधा के लिए सभी घाटों पर टेंट, पंडाल, पंखा, कुर्सी, टेबल, सीसीटीवी कैमरा और माइक सिस्टम की व्यवस्था की जाएगी।
जिलाधिकारी ने संबंधित अंचल अधिकारियों को इन सभी व्यवस्थाओं को शीघ्र सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
आज से शुरू हुआ जहाजों का निशुल्क परिचालन
बैठक में सिंगला कंपनी को निर्देश दिया गया कि विक्रमशिला सेतु पर बने बेली ब्रिज के चालू होने तक एक-एक जहाज प्रतिदिन सुबह 5 बजे और शाम 5 बजे बरारी घाट से महादेवपुर घाट तथा महादेवपुर घाट से बरारी घाट के बीच निशुल्क संचालित किया जाए।
वहीं जिरिया कंपनी को निर्देश दिया गया कि वह दो-दो यात्री जहाज बरारी घाट से जहान्वी चौक घाट और जहान्वी चौक घाट से बरारी घाट के बीच कम से कम चार फेरे प्रतिदिन निशुल्क संचालित करे।
घाटों पर तैनात रहेंगे मजिस्ट्रेट और पुलिस बल
प्रशासन ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष व्यवस्था की है। सदर भागलपुर और नवगछिया के घाटों पर मजिस्ट्रेट तथा पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी।
प्रत्येक स्थान पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और किसी प्रकार की अव्यवस्था न फैले। वहीं अपर समाहर्त्ता (विधि-व्यवस्था) को सभी घाटों पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जिला प्रशासन का मानना है कि इन व्यवस्थाओं के लागू होने के बाद विक्रमशिला सेतु पर चल रहे मरम्मत कार्य के दौरान भी भागलपुर और नवगछिया के बीच आवागमन प्रभावित नहीं होगा तथा लोगों को सुरक्षित और निशुल्क यात्रा की सुविधा मिलती रहेगी।


