
भागलपुर:भागलपुर और आसपास के जिलों से गुजरने वाले पांच प्रमुख स्टेट हाईवे पर जल्द ही टोल टैक्स देना पड़ सकता है। पथ निर्माण विभाग ने इन मार्गों पर वाहनों की बढ़ती आवाजाही और सड़क रखरखाव के लिए टोल प्लाजा स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार कर राज्य मुख्यालय को भेज दिया है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो इन हाईवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों को निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होगा।
विभागीय सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार सड़क अवसंरचना को और मजबूत बनाने तथा रखरखाव के लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधन जुटाने की दिशा में काम कर रही है। इसी उद्देश्य से अधिक ट्रैफिक वाले स्टेट हाईवे की पहचान कर वहां टोल वसूली की योजना बनाई जा रही है।
इन पांच स्टेट हाईवे पर प्रस्ताव
प्रस्ताव के अनुसार भागलपुर प्रमंडल के जिन मार्गों पर टोल वसूली की संभावना जताई गई है, उनमें शामिल हैं—
- स्टेट हाईवे-84: घोघा–पंजवारा मार्ग
- स्टेट हाईवे-85: अकबरनगर–शाहकुंड–अमरपुर मार्ग
- स्टेट हाईवे-22: सुल्तानगंज–तारापुर मार्ग
- स्टेट हाईवे-25: भागलपुर–बांका–अमरपुर मार्ग
- स्टेट हाईवे-58: नवगछिया–कटवा–चौसा मार्ग
इन सभी मार्गों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है। विभाग ने ट्रैफिक घनत्व के आधार पर इन सड़कों को टोल वसूली के लिए उपयुक्त माना है।
अभी दो एनएच पर हो रही है टोल वसूली
वर्तमान में भागलपुर जिले से होकर गुजरने वाले दो राष्ट्रीय राजमार्गों पर पहले से टोल टैक्स वसूला जा रहा है। अब पहली बार जिले के कई स्टेट हाईवे को भी टोल व्यवस्था के दायरे में लाने की तैयारी की जा रही है।
मुख्यालय करेगा अंतिम फैसला
पथ निर्माण विभाग ने सभी प्रस्तावित मार्गों से संबंधित ट्रैफिक डेटा, वाहनों की संख्या और संभावित राजस्व का विवरण राज्य मुख्यालय को भेज दिया है। अब विभागीय स्तर पर तकनीकी और वित्तीय समीक्षा के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा कि किन मार्गों पर टोल प्लाजा स्थापित किए जाएंगे।
सड़कों के रखरखाव में मिलेगी मदद
अधिकारियों का कहना है कि टोल से मिलने वाली आय का उपयोग सड़क के रखरखाव, मरम्मत, सुरक्षा सुविधाओं और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास में किया जाएगा। इससे स्टेट हाईवे की गुणवत्ता बेहतर होगी और यात्रियों को अधिक सुरक्षित एवं सुविधाजनक सफर मिल सकेगा।
मंजूरी के बाद तय होगी दर
फिलहाल यह केवल प्रस्ताव के स्तर पर है। राज्य सरकार की मंजूरी मिलने के बाद टोल प्लाजा का स्थान, टोल टैक्स की दरें और वसूली की प्रक्रिया तय की जाएगी। इसके बाद ही इस योजना को जमीन पर उतारा जाएगा।


