भागलपुर, 18 नवंबर 2025:
भागलपुर जिले में प्रशासनिक कार्यों की गति तेज करने और लंबित शिकायतों के त्वरित निष्पादन को लेकर जिला पदाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में समीक्षा भवन में एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विभिन्न विभागों में पिछले तीन महीनों से लंबित पत्रों और आवेदनों पर विस्तार से चर्चा हुई।
“दो दिनों के भीतर निपटाएं महत्त्वपूर्ण पत्र” — जिलाधिकारी का सख्त निर्देश
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी विभागीय पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि—
- पिछले 3 महीनों में प्राप्त सभी पत्रों को
- प्राप्ति पंजी में दर्ज किया जाए
- और जो भी महत्वपूर्ण एवं अत्यावश्यक पत्र हैं,
- उनका जवाब अगले दो दिनों के भीतर भेजा जाए।
DM ने कहा कि विभागों में लंबित पत्र न सिर्फ प्रशासनिक कार्यों में देरी पैदा करते हैं, बल्कि आम लोगों की समस्याओं का समय पर समाधान नहीं होने से असंतोष भी बढ़ता है। इसलिए निर्धारित समयसीमा में हर हाल में कार्रवाई होनी चाहिए।

18 नवंबर को वरीय अधिकारी सभी प्रखंडों का दौरा करेंगे
जिलाधिकारी ने सभी वरीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे 18 नवंबर को अपने-अपने प्रखंडों का दौरा करें।
दौरे का उद्देश्य—
- प्रखंड स्तर पर लंबित कार्यों की समीक्षा
- समस्याओं का सीधे मौके पर समाधान
- कार्यालय व्यवस्था का निरीक्षण
- और फ़ील्ड में सरकारी योजनाओं की स्थिति का मूल्यांकन
DM ने कहा कि नियमित निरीक्षण और मौके पर समीक्षा से ही कार्य संस्कृति में सुधार आएगा और जनता को बेहतर सेवा मिल सकेगी।
बैठक में मौजूद रहे कई वरीय अधिकारी
बैठक में कई अहम अधिकारी शामिल रहे, जिनमें—
- उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह
- अपर समाहर्ता दिनेश कुमार राम
- अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) कुंदन कुमार
सहित विभिन्न विभागों के संबंधित पदाधिकारी मौजूद थे।
सभी अधिकारियों को विभागवार लंबित कार्यों की सूची तैयार कर त्वरित गति से निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
प्रशासनिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
भागलपुर जिला प्रशासन ने हाल के दिनों में प्रशासनिक पारदर्शिता और सेवा प्रदायगी को सुदृढ़ बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं।
आज की बैठक से यह संदेश गया है कि—
- प्रशासन लंबित मामलों पर गंभीर है
- अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा रही है
- और प्रखंड स्तर पर निरीक्षण को एक नई गति मिलेगी
भागलपुर प्रशासन द्वारा की गई यह पहल जिले में कार्य संस्कृति को मजबूती देने और जनता की शिकायतों के त्वरित समाधान की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।


