भागलपुर: धान खरीद की सुस्त रफ्तार पर DM सख्त; मिलर्स को 2 दिन का अल्टीमेटम, अब तक 4,732 किसानों से हुई खरीद

  • स्टेटस रिपोर्ट: भागलपुर में अब तक 22,924 एमटी धान की खरीद; 4,524 किसानों के खाते में भेजे गए 5 करोड़ 29 लाख रुपये।
  • बड़ी बाधा: एफआरके (FRK) की कमी से अटकी धान की मिलिंग; डीएम ने दिया 2 दिनों के अंदर आपूर्ति सुनिश्चित करने का आदेश।
  • पैक्स चुनाव: चुनाव के कारण प्रभावित हो रहा काम; डीएम ने कहा- प्रशासन नियुक्त समितियां हर हाल में जारी रखें खरीद।

द वॉयस ऑफ बिहार (भागलपुर)

​भागलपुर (Bhagalpur) में धान अधिप्राप्ति (Paddy Procurement) की स्थिति और मिलिंग में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी (Dr. Naval Kishore Chaudhary) ने कड़े तेवर दिखाए हैं। सोमवार, 16 फरवरी 2026 को समीक्षा भवन में आयोजित जिला टास्क फोर्स की बैठक में डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसानों को भुगतान और अनाज की मिलिंग में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

लक्ष्य के करीब पहुंच रहा प्रशासन

​बैठक में जिला सहकारिता पदाधिकारी (DCO) ने आंकड़ों के जरिए खरीद की स्थिति स्पष्ट की:

  • लक्ष्य: विभाग से जिले को 37,285 एमटी (मीट्रिक टन) धान खरीद का लक्ष्य मिला है।
  • उपलब्धि: इसके विरुद्ध अब तक 22,924 एमटी धान की खरीद की जा चुकी है।
  • लाभार्थी: कुल 4,732 किसानों से यह खरीद हुई है, जिसमें से 4,524 किसानों को 5 करोड़ 29 लाख 66 हजार रुपये का भुगतान किया जा चुका है।

2 दिन में सुलझाएं FRK का पेंच

​समीक्षा के दौरान सामने आया कि एफआरके (Fortified Rice Kernels – पोषक चावल के दाने) की आपूर्ति नहीं होने से मिलिंग का काम रुका हुआ है।

  • बाधा: समितियों द्वारा अधिप्राप्ति के समतुल्य 15,588 एमटी सीएमआर (CMR – Custom Milled Rice) जमा करना था, लेकिन अभी तक केवल 3,248 एमटी सीएमआर ही राज्य खाद्य निगम (SFC) को भेजा जा सका है।
  • एक्शन: डीएम ने SFC के जिला प्रबंधक को निर्देश दिया कि 2 दिनों के अंदर सभी मिलों को समानुपातिक रूप से एफआरके की आपूर्ति सुनिश्चित करें।

चुनाव के बीच नहीं रुकेगा काम

​डीएम ने माना कि पैक्स निर्वाचन (PACS Election) के कारण खरीद कार्य थोड़ा प्रभावित हुआ है।

  • निर्देश: उन्होंने डीसीओ को निर्देश दिया कि जिन समितियों में प्रशासक नियुक्त हैं, वहां नियंत्रण रखते हुए खरीद जारी रखें।
  • प्राथमिकता: जो समितियां अपना 100% लक्ष्य पूरा कर लेंगी, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर आवंटन और समायोजन दिया जाएगा। अतिरिक्त लक्ष्य के लिए भी अनुशंसा भेजने का निर्देश दिया गया है।

किसानों की मेहनत का फल समय पर मिलना जरूरी है।

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