
HIGHLIGHTS: सिल्क सिटी में रसोई गैस संकट पर सियासी उबाल; स्टेशन चौक पर बरसे कांग्रेसी, ‘महंगाई से आजादी’ के लगे नारे
- बड़ा विरोध: जिला कांग्रेस कमेटी ने रसोई गैस की बढ़ती कीमतों और किल्लत के खिलाफ भागलपुर स्टेशन चौक पर किया जोरदार प्रदर्शन।
- पुतला दहन: आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री का पुतला फूंका; सरकार की आर्थिक नीतियों को बताया जनविरोधी।
- नेतृत्व: जिला कांग्रेस अध्यक्ष इंजीनियर परवेज जमाल के नेतृत्व में उतरी टीम; मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए बढ़ती लागत को बनाया मुख्य मुद्दा।
- चेतावनी: आपूर्ति में सुधार और कीमतों में कटौती न होने पर जिले भर में ‘चक्का जाम’ और उग्र आंदोलन का अल्टीमेटम।
- VOB इनसाइट: एक तरफ प्रशासन ‘जीरो बैकलॉग’ का दावा कर रहा है, वहीं विपक्ष ‘किल्लत’ को ढाल बनाकर जनता के बीच पैठ बना रहा है।
भागलपुर | 24 मार्च, 2026
भागलपुर की सड़कों पर आज ‘महंगाई’ का मुद्दा फिर से गरमा गया। सिल्क सिटी के हृदय स्थल ‘स्टेशन चौक’ पर जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं ने रसोई गैस की आसमान छूती कीमतों और बाज़ार में इसकी कथित किल्लत को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारियों का गुस्सा इस कदर था कि उन्होंने स्टेशन परिसर के पास ही प्रधानमंत्री और पेट्रोलियम मंत्री का पुतला दहन कर केंद्र की सत्ता को सीधी चुनौती दी।
“गरीब की रसोई पर डकैती”: इंजीनियर परवेज जमाल का कड़ा प्रहार
विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष इंजीनियर परवेज जमाल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि आज रसोई गैस सिलेंडर की कीमतें आम आदमी की पहुंच से बाहर हो गई हैं।
परवेज जमाल के संबोधन के मुख्य अंश:
- किचन का बजट बिगड़ा: “गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों ने आम जनता, विशेषकर गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की कमर तोड़ दी है। घर चलाना अब एक संघर्ष बन गया है।”
- विफल सरकार: “सरकार महंगाई पर नियंत्रण पाने में पूरी तरह विफल रही है। जो चीजें जीवन के लिए अनिवार्य हैं, उन्हें ही विलासिता की वस्तु बना दिया गया है।”
- आपूर्ति का संकट: “कीमतें तो बढ़ ही रही हैं, लेकिन भागलपुर में उपभोक्ताओं को समय पर गैस भी नहीं मिल रही है, जिससे जनता दोहरी मार झेल रही है।”
प्रशासनिक दावों और विपक्षी आरोपों के बीच उलझा भागलपुर
दिलचस्प बात यह है कि यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है जब महज 24 घंटे पहले ही भागलपुर के जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने 12,800 सिलेंडरों की होम डिलीवरी का दावा कर ‘बैकलॉग’ खत्म होने की बात कही थी।
- कांग्रेस का तर्क: कांग्रेस का आरोप है कि धरातल पर स्थिति कुछ और है; एजेंसियों पर आज भी लंबी वेटिंग है और ब्लैक मार्केटिंग के कारण कीमतें और भी ज्यादा वसूली जा रही हैं।
- सियासी तापमान: 2026 के चुनावी समीकरणों को देखते हुए, कांग्रेस महंगाई के मुद्दे को संजीवनी की तरह देख रही है ताकि आम जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत कर सके।
- चेतावनी का स्वर: कार्यकर्ताओं ने साफ कर दिया कि यदि आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ और कीमतों पर लगाम नहीं लगी, तो वे सड़कों पर उतरकर चक्का जाम करने से पीछे नहीं हटेंगे।
निष्कर्ष: सुशासन और महंगाई की लड़ाई
स्टेशन चौक पर हुए इस पुतला दहन के बाद इलाके में कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी से स्थिति सामान्य हो गई। भागलपुर की जनता अब यह देख रही है कि क्या विपक्ष के इस शोर के बाद कीमतों में कोई नरमी आती है या प्रशासन की होम डिलीवरी योजना उन्हें वाकई राहत पहुँचा पाती है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ इस सियासी जंग और आपकी रसोई के बजट पर होने वाले हर असर की खबर आप तक सबसे पहले पहुँचाता रहेगा।


