कांग्रेस नेता प्रवीण सिंह कुशवाहा की श्रद्धांजलि सभा में उमड़ा दिग्गजों का हुजूम: मुख्यमंत्री की पत्नी समेत कई दलों के नेता जिछो पहुँचे

भागलपुर। जिले के औद्योगिक थाना क्षेत्र अंतर्गत जिछो गांव में गुरुवार को एक अलग ही राजनीतिक और सामाजिक दृश्य देखने को मिला, जहाँ दलगत राजनीति की सीमाएं पूरी तरह टूट गईं। दिवंगत कांग्रेस नेता प्रवीण सिंह कुशवाहा की याद में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में विभिन्न राजनीतिक विचारधाराओं के शीर्ष नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं का एक बड़ा हुजूम उमड़ पड़ा। भागलपुर बायपास के किनारे स्थित दिवंगत नेता के पैतृक गांव जिछो में आयोजित इस शोक सभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई कद्दावर नेताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पत्नी कुमारी ममता भी विशेष रूप से भागलपुर पहुँचीं और शोक संतप्त परिवार से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इसके अलावा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष, बिहार सरकार के मंत्री और कई क्षेत्रों के विधायकों ने दिवंगत नेता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें याद किया। दोपहर से शुरू हुआ नेताओं और समर्थकों के आने का यह सिलसिला देर रात तक निरंतर जारी रहा।

हजरा पोखर के पास उमड़ा समर्थकों और करीबियों का सैलाब

​दिवंगत कांग्रेस नेता प्रवीण सिंह कुशवाहा की स्मृति में आयोजित यह श्रद्धांजलि सभा जिछो गांव के समीप हजरा पोखर के पास आयोजित की गई थी। कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर ठीक 2 बजे की गई, लेकिन इसके शुरू होने से पहले ही बायपास और गांव की ओर जाने वाले रास्तों पर समर्थकों की गाड़ियों का तांता लगना शुरू हो गया था। प्रवीण सिंह कुशवाहा का क्षेत्र के युवाओं और किसानों के बीच एक गहरा प्रभाव था, जो इस सभा में साफ तौर पर दिखाई दिया।

​शोक सभा स्थल पर एक विशाल पंडाल का निर्माण किया गया था, जहाँ दिवंगत नेता के तैलचित्र पर माल्यार्पण करने के लिए हजारों की संख्या में लोग कतारों में खड़े नजर आए। दोपहर के समय जैसे-जैसे नेताओं का आगमन शुरू हुआ, माहौल और अधिक भावुक होता गया। स्थानीय निवासियों और समर्थकों का कहना था कि प्रवीण सिंह ने हमेशा क्षेत्र के विकास और दबे-कुचले वर्गों की आवाज को बुलंद करने का कार्य किया। यही कारण था कि उनके अंतिम विदाई समारोह और इस श्रद्धांजलि सभा में केवल भागलपुर ही नहीं, बल्कि बांका, मुंगेर, खगड़िया और कटिहार जैसे पड़ोसी जिलों से भी बड़ी संख्या में उनके प्रशंसक और करीबी अपनी श्रद्धांजलि देने पहुँचे थे। रात के अंधेरे के बाद भी पंडाल में लोगों की उपस्थिति कम नहीं हुई।

आस्था गार्डन में मुख्यमंत्री की पत्नी ने बंधाया ढांढस

​मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पत्नी कुमारी ममता दोपहर बाद एक विशेष कार्यक्रम के तहत भागलपुर पहुँचीं। भागलपुर आगमन के तुरंत बाद उनका काफिला कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सीधे शहर के पॉश इलाके में स्थित आस्था गार्डन पहुँचा। आस्था गार्डन दिवंगत कांग्रेस नेता प्रवीण सिंह कुशवाहा का आवासीय परिसर है, जहाँ वर्तमान में उनका पूरा परिवार मौजूद है। कुमारी ममता ने वहां पहुँचकर सबसे पहले प्रवीण सिंह की तस्वीर पर पुष्प अर्पित किए और अपनी श्रद्धांजलि दी।

​इसके बाद वे भीतर गईं और दिवंगत नेता की पत्नी, बच्चों और अन्य परिजनों से मुलाकात की। इस दुख की घड़ी में उन्होंने परिवार के सदस्यों का हाथ थामकर उन्हें ढांढस बंधाया और कहा कि असमय एक मजबूत नेतृत्व का चले जाना पूरे समाज के लिए अपूर्णनीय क्षति है। उन्होंने परिवार को आश्वस्त किया कि वे इस संकट काल में खुद को अकेला न समझें। आस्था गार्डन में कुछ समय बिताने और परिजनों को सांत्वना देने के बाद मुख्यमंत्री की पत्नी का काफिला सीधे जिछो गांव स्थित मुख्य श्रद्धांजलि सभा स्थल के लिए रवाना हुआ। वहां भी उन्होंने आम जनता और समर्थकों के बीच बैठकर दिवंगत नेता के योगदान को याद किया।

राजनीतिक सीमाएं लांघकर एक मंच पर दिखे विभिन्न दलों के सूरमा

​प्रवीण सिंह कुशवाहा की श्रद्धांजलि सभा इस मायने में भी बेहद खास रही कि यहाँ बिहार की राजनीति के कई धुर विरोधी चेहरे एक साथ एक ही छत के नीचे बैठे नजर आए। कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम विशेष रूप से पटना से भागलपुर पहुँचे। उन्होंने कहा कि प्रवीण सिंह पार्टी के एक मजबूत स्तंभ थे, जिनकी कमी संगठन को हमेशा खलेगी। वहीं, बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेन्द्र ने भी सभा में शामिल होकर सरकार और अपनी ओर से संवेदना प्रकट की।

​शोक सभा में भागलपुर के पूर्व विधायक अजीत शर्मा, चनपटिया के विधायक अभिषेक रंजन और कहलगांव के स्थानीय विधायक शुभानंद मुकेश भी अग्रिम पंक्ति में मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त कांग्रेस के कद्दावर नेता और विधायक दल के पूर्व नेता शकील अहमद खान ने भी दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि प्रवीण सिंह का व्यक्तित्व ऐसा था कि उनके संबंध सभी दलों के नेताओं के साथ बेहद मधुर थे। वे राजनीतिक मंचों पर भले ही अपनी विचारधारा के लिए लड़ते थे, लेकिन व्यक्तिगत जीवन में वे सबके प्रिय थे। इन नेताओं के अलावा विभिन्न जिलों से आए जिला परिषद अध्यक्षों, मुखिया संघ के प्रतिनिधियों और व्यापारिक संगठनों के प्रमुखों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

सांसद पप्पू यादव भी दोपहर में पहुँचे जिछो

​मुख्य श्रद्धांजलि सभा शुरू होने से पहले, दिन के पूर्वाहन हिस्से में ही पूर्णिया के नवनिर्वाचित सांसद पप्पू यादव भी जिछो गांव पहुँचे थे। अपने चिर-परिचित अंदाज में वे सीधे दिवंगत नेता के परिजनों के बीच गए और उनसे मिलकर गहरा शोक व्यक्त किया। पप्पू यादव ने कहा कि प्रवीण सिंह जमीन से जुड़े नेता थे, जिन्होंने हमेशा जनता के सुख-दुख को अपना समझा।

​सांसद ने शोक संतप्त परिवार के बच्चों से बातचीत की और उनके भविष्य को लेकर हर संभव व्यक्तिगत सहयोग देने का वादा किया। पप्पू यादव के आगमन के दौरान भी बायपास पर उनके समर्थकों की भारी भीड़ देखी गई। उन्होंने कहा कि सीमांचल और अंग क्षेत्र ने एक ऐसा नेता खो दिया है जिसकी भरपाई आने वाले कई वर्षों तक संभव नहीं होगी। उनके जाने के बाद भी नेताओं का तांता लगा रहा, जो इस बात का प्रमाण है कि दिवंगत नेता की लोकप्रियता समाज के हर वर्ग में समान रूप से व्याप्त थी।

भागलपुर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा का अभूतपूर्व चक्रव्यूह

​मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पत्नी कुमारी ममता के भागलपुर आगमन को लेकर जिला प्रशासन और रेल पुलिस पूरी तरह एलर्ट मोड पर थी। कुमारी ममता दुमका-पटना एक्सप्रेस ट्रेन के माध्यम से भागलपुर रेलवे स्टेशन पर उतरने वाली थीं। उनकी सुरक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए गुरुवार को ट्रेन के पहुँचने से कई घंटे पहले ही भागलपुर स्टेशन को एक अभूतपूर्व सुरक्षा चक्रव्यूह में तब्दील कर दिया गया था।

​रेलवे सुरक्षा बल (RPF), राजकीय रेल पुलिस (GRP) और जिला पुलिस के विशेष जवानों की संयुक्त टीमों ने स्टेशन के चप्पे-चप्पे की गहन नाकेबंदी और जांच की। खोजी कुत्तों (डॉग स्क्वायड) और मेटल डिटेक्टरों की मदद से प्लेटफॉर्म संख्या एक से लेकर मुख्य निकास द्वारों, वीआईपी लाउंज और सर्कुलेटिंग एरिया की बारीकी से चेकिंग की गई। स्टेशन परिसर में आने-जाने वाले संदिग्ध लोगों और उनके सामानों की भी तलाशी ली जा रही थी। जैसे ही दुमका-पटना एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म पर रुकी, सुरक्षा बलों ने मुख्यमंत्री की पत्नी को अपने सुरक्षा घेरे में ले लिया और उन्हें सुरक्षित तरीके से स्टेशन से बाहर निकालकर कारकेड तक पहुँचाया। स्टेशन से लेकर आस्था गार्डन और फिर वहां से जिछो गांव तक पूरे मार्ग पर जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती की गई थी ताकि मुख्यमंत्री की पत्नी के काफिले की आवाजाही निर्बाध और सुरक्षित रूप से संपन्न हो सके। इस दौरान यातायात व्यवस्था को भी नियंत्रित रखा गया था।

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