
भागलपुर, भागलपुर शहर में लगातार बढ़ रही ट्रैफिक अव्यवस्था, खराब सफाई व्यवस्था, बिजली समस्याओं और व्यापारिक परेशानियों को लेकर नगर निगम पार्षद ने नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर कई महत्वपूर्ण मांगें उठाई हैं। उन्होंने कहा कि शहर की मूलभूत सुविधाओं को लेकर आम लोग लगातार परेशान हैं और यदि समय रहते समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में समस्याएं और गंभीर हो सकती हैं।
नगर आयुक्त को दिए गए ज्ञापन में शहर की कई प्रमुख समस्याओं का विस्तार से उल्लेख किया गया है। डॉ. प्रीति शेखर ने कहा कि भागलपुर तेजी से विकसित हो रहा शहर है, लेकिन आधारभूत सुविधाओं की स्थिति अब भी चिंता का विषय बनी हुई है। ट्रैफिक जाम, खराब सड़कें, बिजली की अस्थिर व्यवस्था और सफाई व्यवस्था में कमी के कारण आम लोगों को रोजाना मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में सबसे प्रमुख मांग सैंडिस कंपाउंड के प्रवेश शुल्क समय को लेकर उठाई गई। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था के कारण सुबह व्यायाम, दौड़ और खेल गतिविधियों के लिए आने वाले लोगों को परेशानी होती है। इसलिए सैंडिस कंपाउंड में प्रवेश शुल्क लागू करने का समय सुबह चार बजे से बढ़ाकर सुबह नौ बजे तक किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सैंडिस कंपाउंड शहर का सबसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल है, जहां खिलाड़ी, बुजुर्ग, विद्यार्थी और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोग सुबह के समय बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। यदि सुबह के शुरुआती घंटों में शुल्क लागू रहेगा तो आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा और कई लोग नियमित गतिविधियों से दूर हो सकते हैं।
डॉ. प्रीति शेखर ने कहा कि शहर के खिलाड़ियों और युवाओं के लिए सैंडिस कंपाउंड बेहद महत्वपूर्ण है। यहां रोजाना कई छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के साथ-साथ शारीरिक अभ्यास के लिए भी आते हैं। ऐसे में सुबह के समय उन्हें राहत मिलनी चाहिए ताकि वे बिना किसी आर्थिक दबाव के अपनी गतिविधियां जारी रख सकें।
ज्ञापन में नगर निगम के व्यापारिक ट्रेड लाइसेंस शुल्क को लेकर भी बड़ा मुद्दा उठाया गया। उन्होंने कहा कि मध्यमवर्गीय और छोटे व्यापारियों को कई वर्षों का बकाया शुल्क एकमुश्त जमा करने में काफी परेशानी हो रही है। कई व्यापारी आर्थिक दबाव के कारण लाइसेंस नवीनीकरण नहीं करा पा रहे हैं।
उन्होंने नगर निगम से मांग की कि पुराने बकाया शुल्क में कम से कम 50 प्रतिशत तक की राहत दी जाए, ताकि छोटे व्यापारियों को आर्थिक मदद मिल सके। उनका कहना था कि व्यापारियों पर एक साथ आठ से दस वर्षों का शुल्क जमा करने का दबाव डालना व्यावहारिक नहीं है।
स्थानीय व्यापारियों का भी कहना है कि कोरोना काल और आर्थिक मंदी के बाद अब तक कई छोटे व्यवसाय पूरी तरह संभल नहीं पाए हैं। ऐसे में भारी शुल्क जमा करना उनके लिए कठिन हो गया है। व्यापारिक संगठनों ने भी नगर निगम से राहत देने की मांग की है।
डॉ. प्रीति शेखर ने ज्ञापन में शहर की बिजली व्यवस्था पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में तेज आंधी और तूफान के कारण बार-बार बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है। कई जगहों पर बिजली के तार टूटने और खंभे गिरने की घटनाएं सामने आई हैं।
उन्होंने मांग की कि शहर के मुख्य मार्गों और संवेदनशील इलाकों में भूमिगत वायरिंग व्यवस्था लागू की जाए। उनका कहना है कि भूमिगत बिजली व्यवस्था से न केवल आंधी-तूफान के दौरान बिजली बाधित होने की समस्या कम होगी, बल्कि हादसों की संभावना भी घटेगी।
भागलपुर में पिछले कुछ दिनों से लगातार खराब मौसम के कारण कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। कई जगहों पर घंटों बिजली गुल रहने से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। व्यापारियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों ने भी बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग की है।
ज्ञापन में शहर की साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए। डॉ. प्रीति शेखर ने कहा कि कई वार्डों में नियमित सफाई नहीं हो रही है, जिससे गंदगी और जलजमाव की समस्या बढ़ रही है। बारिश के दौरान स्थिति और खराब हो जाती है।
उन्होंने नगर निगम से मांग की कि सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। नालों की सफाई, कचरा उठाव और सार्वजनिक स्थलों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए ताकि लोगों को स्वच्छ वातावरण मिल सके।
इसके अलावा शहर की खराब स्ट्रीट लाइटों को लेकर भी ज्ञापन में चिंता जताई गई। उन्होंने कहा कि कई इलाकों में महीनों से स्ट्रीट लाइट खराब पड़ी हैं, जिससे रात के समय लोगों को परेशानी होती है और अपराध की आशंका भी बढ़ती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अंधेरे वाले इलाकों में महिलाओं और बुजुर्गों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई जगह सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। लोगों ने नगर निगम से जल्द स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत कराने की मांग की है।
शहर के नागरिकों ने भी डॉ. प्रीति शेखर की पहल का समर्थन किया है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से शहर की मूलभूत समस्याएं अनदेखी की जा रही थीं और अब इन मुद्दों को गंभीरता से उठाने की जरूरत है।
विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बढ़ते शहरों में ट्रैफिक, सफाई और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। यदि समय पर सुधार नहीं किए गए तो शहरी अव्यवस्था और बढ़ सकती है।
नगर निगम सूत्रों के अनुसार, ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों पर संबंधित विभागों के साथ चर्चा की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि शहर की समस्याओं के समाधान के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है और प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
भागलपुर के नागरिक अब उम्मीद कर रहे हैं कि नगर निगम शहर की बुनियादी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द ठोस कदम उठाएगा, ताकि लोगों को राहत मिल सके और शहर की व्यवस्था बेहतर हो सके।


