
बिहार के भागलपुर में स्थित विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद सियासत गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस घटना को लेकर NDA सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
तेजस्वी यादव का हमला
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर पुल की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि यह घटना भ्रष्टाचार का बड़ा प्रमाण है।
उन्होंने दावा किया:
- पहले ही सरकार को पुल की खराब स्थिति को लेकर आगाह किया गया था
- लेकिन सरकार ने चेतावनी को नजरअंदाज किया
- पिछले दो साल में बिहार में 100 से ज्यादा पुल-पुलिया गिरने का आरोप लगाया
क्या हुआ था?
रविवार देर रात 4.7 किलोमीटर लंबे विक्रमशिला सेतु का करीब 34 मीटर हिस्सा गंगा नदी में गिर गया।
- घटना के वक्त पुल पर कई वाहन मौजूद थे
- लेकिन प्रशासन ने समय रहते ट्रैफिक रोक दिया
- बड़ा हादसा टल गया, जानमाल का नुकसान नहीं हुआ
सरकार का एक्शन
घटना के बाद सरकार सक्रिय हो गई है।
- पथ निर्माण विभाग ने एक कार्यपालक अभियंता को सस्पेंड किया
- मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राजनाथ सिंह और सेना प्रमुख से बात की
- मरम्मत कार्य में भारतीय सेना की मदद ली जाएगी
कनेक्टिविटी पर बड़ा असर
इस घटना से सीमांचल सहित करीब 16 जिलों की कनेक्टिविटी प्रभावित हुई है।
- रोजाना करीब 1 लाख लोगों का आवागमन प्रभावित
- पिछले 10 वर्षों में पुल की तीन बार मरम्मत हो चुकी है
बढ़ती सियासी गर्मी
एक तरफ विपक्ष सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहा है, तो दूसरी ओर सरकार मरम्मत और जांच में जुटी है।
अब यह मामला तकनीकी जांच के साथ-साथ राजनीतिक बहस का भी केंद्र बन गया है।


