भागलपुर के बरारी में दहशत फैलाने वाले मुख्य आरोपी का ‘गेम ओवर’: मधुचौक फायरिंग कांड में कट्टे के साथ दबोचा गया सुमन साह; पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी ने तोड़ी अपराधियों की कमर

मुख्य बिंदु:

  • बड़ी गिरफ्तारी: बरारी थाना क्षेत्र के चर्चित फायरिंग कांड का मुख्य आरोपी सुमन साह गिरफ्तार।
  • बरामदगी: आरोपी के पास से घटना में इस्तेमाल किया गया एक अवैध देशी कट्टा बरामद।
  • घटना का विवरण: 5 अप्रैल 2026 को मधुचौक के पास फैक्टरी रोड पर दो पक्षों में वर्चस्व को लेकर हुई थी गोलीबारी।
  • पुलिसिया कार्रवाई: वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने बनिया टोली लेन में दी दबिश।
  • पिछला रिकॉर्ड: इस मामले में एक आरोपी पहले ही भेजा जा चुका है जेल; अन्य की तलाश जारी।

भागलपुर। बिहार के भागलपुर जिले में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का ‘ऑपरेशन क्लीन’ अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुँच गया है। जिले में विधि-व्यवस्था को चाक-चौबंद करने और अवैध हथियारों के सिंडिकेट को ध्वस्त करने के लिए वरीय पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में चलाए जा रहे सघन अभियान को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। बरारी थाना अंतर्गत मधुचौक के समीप हुए सनसनीखेज फायरिंग कांड में संलिप्त मुख्य अभियुक्त सुमन साह को पुलिस ने उसके घर से एक लोडेड देशी कट्टे के साथ गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी ने न केवल बरारी इलाके के लोगों में सुरक्षा का भाव पैदा किया है, बल्कि उन अपराधियों को भी कड़ा संदेश दिया है जो आपसी विवादों को सुलझाने के लिए गोलियों का सहारा लेते हैं। 5 अप्रैल की उस खौफनाक सुबह, जब फैक्टरी रोड गोलियों की गूँज से दहल उठा था, उस गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों का सहारा ले रही थी, जिसके सुखद परिणाम अब सामने आने लगे हैं।

5 अप्रैल की वारदात: जब गोलियों की तड़तड़ाहट से थर्राया मधुचौक

​घटनाक्रम की शुरुआत 5 अप्रैल 2026 को हुई थी। बरारी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मधुचौक और फैक्टरी रोड के इलाके में दो गुटों के बीच आपसी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई अचानक खूनी संघर्ष में तब्दील हो गई। स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद की शुरुआत मामूली बात से हुई थी, लेकिन देखते ही देखते दोनों पक्षों की ओर से असलहे निकल आए। बीच सड़क पर हुई इस फायरिंग ने इलाके में दहशत फैला दी थी। राहगीर अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे और दुकानों के शटर गिर गए।

​सूचना मिलते ही बरारी थाना पुलिस मौके पर पहुँची थी, लेकिन तब तक अपराधी फरार होने में सफल रहे थे। पुलिस ने घटनास्थल से खोखे बरामद किए थे और तभी से मुख्य आरोपियों की शिनाख्त के लिए सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय इनपुट खंगाले जा रहे थे। इस घटना ने भागलपुर पुलिस की साख पर सवाल खड़े किए थे, जिसे देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक ने इसे प्राथमिकता के आधार पर निपटाने का निर्देश दिया था।

एसएसपी का निर्देश और विशेष टीम का गठन

​भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक ने जिले में बढ़ती चोरी, छिनतई और अवैध हथियारों की तस्करी को रोकने के लिए ‘हॉट स्पॉट’ चिन्हित कर विशेष छापेमारी का आदेश दिया था। इसी कड़ी में 5 अप्रैल की घटना को गंभीरता से लेते हुए नगर पुलिस अधीक्षक की निगरानी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (नगर-01) के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम की कमान बरारी थानाध्यक्ष बिट्टू कुमार कमल को सौंपी गई।

​पुलिस की इस विशेष टीम ने वैज्ञानिक अनुसंधान का सहारा लिया। तकनीकी सेल की मदद से संदेही अपराधियों के मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स खंगाले गए। साथ ही, बनिया टोली और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस के गुप्तचरों (Human Intelligence) को सक्रिय किया गया। कई दिनों की रेकी और पुख्ता जानकारी मिलने के बाद, पुलिस को पता चला कि फायरिंग कांड का मुख्य सूत्रधार सुमन साह अपने घर में छिपा हुआ है और फिर से किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है।

बनिया टोली में आधी रात की दबिश: सुमन साह का अंततः आत्मसमर्पण

​वरीय पुलिस अधीक्षक को मिली गुप्त सूचना के सत्यापन के बाद गठित टीम ने बनिया टोली लेन स्थित सुमन साह के घर की घेराबंदी की। सुमन साह, जो अनिल साह उर्फ झपटु साह का पुत्र है, इलाके में अपने रसूख और आपराधिक प्रवृत्ति के लिए जाना जाता है। पुलिस की टीम, जिसमें पु०अ०नि० कृष्ण कुमार, शुभम तिवारी और पुष्पराज सहित सशस्त्र बल के जवान शामिल थे, ने रणनीतिक रूप से घर के सभी निकास द्वारों को सुरक्षित किया।

​आधी रात के बाद हुई इस छापेमारी में पुलिस ने सुमन साह को उसके कमरे से दबोच लिया। जब उसकी तलाशी ली गई, तो उसके पास से वही देशी कट्टा बरामद हुआ जिसका उपयोग संभवतः 5 अप्रैल की फायरिंग में किया गया था। गिरफ्तारी के समय सुमन ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी के आगे उसकी एक न चली। उसे विधिवत गिरफ्तार कर थाने लाया गया, जहाँ उसने प्रारंभिक पूछताछ में फायरिंग की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।

हथियारों की बरामदगी और कानूनी शिकंजा

​पुलिस ने सुमन साह के पास से एक देशी कट्टा बरामद किया है। भागलपुर पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह हथियार उसे कहाँ से प्राप्त हुआ था और जिले में अवैध हथियारों की आपूर्ति करने वाले गिरोह के साथ उसके क्या संबंध हैं। गौरतलब है कि इस मामले में पुलिस ने पहले भी एक अपराधी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा था, जिससे पूछताछ के बाद कई महत्वपूर्ण सुराग मिले थे।

​सुमन साह की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस इस घटना में शामिल अन्य फरार अभियुक्तों के करीब पहुँच गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुमन साह के खिलाफ आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास सहित कई संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। बरारी थाना में उससे पूछताछ जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि 5 अप्रैल की घटना के पीछे असली उकसावा क्या था और क्या इसमें किसी बड़े संगठित गिरोह का हाथ है।

अपराध के विरुद्ध पुलिस का ‘जीरो टॉलरेंस’

​यह कार्रवाई भागलपुर पुलिस के उस बड़े अभियान का हिस्सा है जिसके तहत अवैध शराब, मादक पदार्थों और अवैध हथियारों की धरपकड़ की जा रही है। शहर के उन इलाकों को चिन्हित किया गया है जहाँ चोरी और छिनतई की घटनाएं अधिक होती हैं। बरारी जैसे घने बसे इलाकों में पुलिस की गश्त बढ़ाई गई है। थानाध्यक्ष बिट्टू कुमार कमल के नेतृत्व में हुई इस सफल छापेमारी ने स्थानीय लोगों के बीच पुलिस के प्रति विश्वास को बहाल किया है।

​स्थानीय निवासियों का कहना है कि फैक्टरी रोड और मधुचौक जैसे व्यावसायिक क्षेत्रों में अपराधियों की सक्रियता से व्यापार प्रभावित हो रहा था। सुमन साह जैसे मुख्य अभियुक्त की गिरफ्तारी से अब इन इलाकों में शांति की उम्मीद जगी है। वरीय पुलिस अधीक्षक ने छापेमारी दल में शामिल अधिकारियों और जवानों की सराहना की है और संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में जिले के अन्य ‘हॉट स्पॉट’ पर भी इसी तरह की कठोर कार्रवाई देखने को मिलेगी।

निष्कर्ष: न्याय की प्रक्रिया और भविष्य की चुनौतियां

​भागलपुर में अपराध पर लगाम कसने के लिए पुलिस प्रशासन अब आधुनिक तकनीक और मुखबिर तंत्र का बेहतरीन मेल पेश कर रहा है। सुमन साह की गिरफ्तारी एक स्पष्ट संदेश है कि कानून के हाथ लंबे होते हैं और अपराध कर कोई भी व्यक्ति अधिक दिनों तक सलाखों से बाहर नहीं रह सकता। बरारी पुलिस अब इस मामले में जल्द से जल्द आरोप पत्र (Charge Sheet) दाखिल करने की तैयारी कर रही है ताकि स्पीडी ट्रायल के माध्यम से दोषियों को सजा दिलाई जा सके।

​हालांकि, चुनौती अभी खत्म नहीं हुई है। अवैध हथियारों का बढ़ता प्रचलन और युवाओं का अपराध की ओर आकर्षण समाज के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है। भागलपुर पुलिस को न केवल अपराधियों को पकड़ना होगा, बल्कि हथियारों की सप्लाई लाइन को भी पूरी तरह से काटना होगा। फिलहाल, बरारी की जनता चैन की सांस ले सकती है क्योंकि फायरिंग का एक और मुख्य खलनायक अब सलाखों के पीछे पहुँच चुका है। ‘द वॉइस ऑफ बिहार’ की टीम इस मामले के कानूनी घटनाक्रम और आगामी पुलिसिया कार्रवाइयों पर अपनी नजर बनाए रखेगी।

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