
भागलपुर | पीरपैंती थाना क्षेत्र के लकड़ाकोल गांव में 25 जुलाई की रात अपहरण और 40 लाख रुपये की फिरौती के मामले में छापेमारी के दौरान पुलिस टीम पर हुए हमले के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शनिवार की देर रात लगभग 100 पुलिसकर्मियों की टीम ने गांव में कार्रवाई करते हुए हमले में शामिल 15 आरोपियों में से 10 को गिरफ्तार कर लिया है।
गांव में मचा हड़कंप, गिरफ्तार महिलाएं भी शामिल
गिरफ्तार किए गए लोगों में मुख्य आरोपी राजेश यादव की मां और पत्नी समेत कई महिलाएं शामिल हैं। पुलिस ने सभी की मेडिकल जांच कहलगांव अनुमंडल अस्पताल में कराई है।
गिरफ्तार व्यक्तियों के नाम इस प्रकार हैं:
दीप नारायण यादव (68), चंदन कुमार (28), आजाद यादव (50), अंजनी देवी (29), नेहा कुमारी (21), संजू देवी (32), राधिका देवी (57), निभा कुमारी (27), पिंकी देवी (30), और मुन्नी देवी (45)।
एसएसपी ने किया दौरा, लिया स्थिति का जायजा
रविवार को एसएसपी हृदयकांत ने स्वयं गांव का दौरा किया और घटनास्थल एवं आरोपियों के घरों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि,
“हमले में शामिल 15 लोगों की पहचान की गई है, जिनमें से 10 को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच जारी है, सभी पहलुओं की गहराई से पड़ताल की जा रही है।”
हमले की वजह बनी ‘गलतफहमी’?
गिरफ्तार ग्रामीणों ने दलील दी कि पुलिसकर्मी सिविल ड्रेस में थे और उनके द्वारा फायरिंग की गई, जिससे गांव वालों को गलतफहमी हुई और यह हमला हुआ। इस पर एसएसपी ने कहा कि,
“घायल पुलिसकर्मियों के बयान और उनके हथियारों की फॉरेंसिक जांच के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।”
अपहरण और फिरौती की पुष्टि
पुलिस को 25 जुलाई को सूचना मिली थी कि लकड़ाकोल गांव में एक व्यक्ति को बंधक बनाकर 40 लाख की फिरौती मांगी जा रही है।
पुलिस और एनटीपीसी थाना की संयुक्त टीम सिविल ड्रेस में निजी वाहनों से गांव पहुंची थी। इसी दौरान अंधेरे का लाभ उठाकर कुछ ग्रामीणों ने टीम पर हमला कर दिया था।
वीडियो फुटेज में दिखी फिरौती की बात
जांच के दौरान वीडियो फुटेज में एक व्यक्ति को बंधक बनाए रखने और वाहन के बारे में पूछताछ का दृश्य मिला है।
जांच में यह भी सामने आया कि पीड़ित को सबौर स्टेशन से लकड़ाकोल लाया गया था और उसके दोस्त से फिरौती मांगी जा रही थी। प्राथमिकी दर्ज कर जांच तेज कर दी गई है।


