
बेगूसराय, 19 मई 2026। बिहार सरकार की त्रि-स्तरीय सुशासन नीति और लोक-शिकायतों के पंचायत स्तर पर ही त्वरित निष्पादन के संकल्प को गति देने के लिए बेगूसराय जिले के भीतर प्रशासनिक और राजनैतिक हलचल तेज हो गई है। सूबे के सहकारिता विभाग के मंत्री सह बेगूसराय जिले के प्रभारी मंत्री राम कृपाल यादव ने मंगलवार को जिले के विभिन्न अंचलों का सघन दौरा किया। अपने इस महत्वपूर्ण भ्रमण के दौरान उन्होंने राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी महाअभियान ‘सहयोग शिविर’ के धरातलीय क्रियान्वयन का औचक निरीक्षण किया।
प्रभारी मंत्री ने स्पष्ट किया कि इन शिविरों का मुख्य विन्यास सरकार और आम जनता के बीच की दूरी को पूरी तरह से समाप्त करना है, ताकि फाइलों के टालमटोल और दफ्तरों की चक्कर काटने की पुरानी प्रवृत्तियों को पूरी कड़ाई से ब्लॉक किया जा सके। उन्होंने ऑन-स्पॉट मौजूद जिला स्तरीय कप्तानों और विभिन्न विभागों के नीति-नियोजकों को सख्त निर्देश जारी किए कि जनता की समस्याओं के निष्पादन में रत्ती भर भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर एक विसंगति का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना होगा।
राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया नमन
प्रभारी मंत्री राम कृपाल यादव ने बेगूसराय प्रक्षेत्र के अपने इस आधिकारिक भ्रमण की शुरुआत एक अत्यंत गरिमापूर्ण और वैचारिक विलेख के साथ की। उन्होंने सिमरिया और बेगूसराय के गौरव, राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की मुख्य आदमकद प्रतिमा पर विधिक रूप से माल्यार्पण किया और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए सहकारिता मंत्री ने कहा कि राष्ट्रकवि दिनकर की कालजयी रचनाएं और विचार आज भी समाज के अंतिम पायदान पर खड़े शोषित और वंचित व्यक्ति के अधिकारों की रक्षा के लिए नीति-नियोजकों को कड़ा संबल प्रदान करती हैं। राष्ट्र निर्माण और साहित्य के फलक पर उनके अमूल्य योगदान को विधिक रूप से नमन करने के उपरांत ही प्रभारी मंत्री का काफिला सुदूर ग्रामीण अंचलों में संचालित हो रहे सहयोग शिविरों की धरातलीय स्क्रूटनी के लिए आगे रवाना हुआ।
बरौनी, तेघड़ा और मटिहानी प्रक्षेत्र के सहयोग शिविरों का औचक निरीक्षण
अपने पूर्व-निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार, जिला प्रभारी मंत्री ने बेगूसराय के तीन अलग-अलग प्रखंडों के अंतर्गत आने वाली अत्यंत संवेदनशील और घनी आबादी वाली ग्राम पंचायतों का दौरा किया। उन्होंने निम्नलिखित मुख्य शिविर केंद्रों पर पहुंचकर औचक निरीक्षण संधारित किया:
- राज पिपरा देवस पंचायत (प्रखंड बरौनी): यहाँ मंत्री ने कृषि और सहकारिता विभाग के काउंटरों का भौतिक सत्यापन किया और पैक्स (PACS) से जुड़ी प्रविष्टियों की जानकारी ली।
- पिढौली पंचायत (प्रखंड तेघड़ा): इस केंद्र पर बड़ी संख्या में पहुंची ग्रामीण महिलाओं से संवाद कर उन्होंने राशन कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजनाओं के लाइव स्टेटस की समीक्षा की।
- रामदीरी-4 पंचायत (प्रखंड मटिहानी): इस दियारा प्रक्षेत्र के शिविर में बाढ़ पूर्व सुरक्षात्मक तैयारियों, भू-राजस्व के दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) और परिमार्जन प्रणालियों के काउंटरों पर मुस्तैद कर्मियों की कार्यशैली का सघन ऑडिट किया गया।
इन सभी प्रक्षेपों में आयोजित शिविरों के भीतर हजारों की संख्या में स्थानीय नागरिकों, किसानों और युवाओं ने भाग लेकर सीधे अपनी व्यक्तिगत और सामूहिक जनसमस्याएं, प्रशासनिक विसंगतियां, विकास कार्यों से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव एवं स्थानीय मुद्दों की विवरणी सीधे प्रभारी मंत्री के समक्ष हस्तगत कराई।
“सबका सम्मान, जीवन आसान” – लोक शिकायतों पर तत्परता और संवेदनशीलता का विलेख
शिविरों के मुख्य मंच से आम जनता और विभिन्न विभागों के कर्मियों को संबोधित करते हुए सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा जारी कड़े दिशा-निर्देशों को दोहराया। उन्होंने कहा कि ‘सहयोग शिविर’ केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह नीतीश-सम्राट सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ के विधिक संकल्प को धरातल पर लाइव उतारने का एक सुदृढ़ माध्यम है।
उन्होंने उपस्थित अनुमंडल पदाधिकारियों (SDO) और प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) को कड़े लहजे में निर्देशित किया कि जनसमस्याओं के निष्पादन की प्रविष्टि में तीन मुख्य तत्वों का होना अनिवार्य है:
- संवेदनशीलता: गरीब और अशिक्षित आवेदकों की समस्याओं को सहानिभूतिपूर्वक सुना जाए और फॉर्म भरने में तकनीकी सहयोग दिया जाए।
- तत्परता: प्राप्त आवेदनों को बिना किसी देरी के एनआईसी के डिजिटल सहयोग पोर्टल (sahyog.bihar.nic.in) पर तुरंत पंजीकृत कर आवेदक के मोबाइल पर एसएमएस अलर्ट प्रेषित किया जाए।
- समयबद्धता: सरकार के विनिर्देशों के अनुसार प्रत्येक लोक-शिकायत का अधिकतम 30 दिनों के भीतर हर हाल में अंतिम विधिक निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा 31वें दिन स्वतः निलंबन की कड़क कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
जनकल्याणकारी योजनाओं का ऑन-स्पॉट प्रचार और प्रशासनिक मुस्तैदी
इन सहयोग शिविरों की सांगठनिक सफलता को मुकम्मल करने के लिए बेगूसराय के जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक के विनिर्देशों के आलोक में जिला प्रशासन के सभी आला अधिकारी पूरे दलबल के साथ कार्यक्रम स्थलों पर लाइव संधारित रहे। विभिन्न काउंटरों और स्टॉलों के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग द्वारा मुफ्त चिकित्सा जांच, सहकारिता विभाग द्वारा कतिपय किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋणों की विवरणी और जीविका स्वयं सहायता समूहों की आत्मनिर्भर प्रणालियों का सजीव प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही, विभिन्न प्रचार रथों और सूचना पटों के माध्यम से आम जनों को सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं, सिंचाई सब्सिडी और डिजिटल फार्मर आईडी के विनिर्माण की कड़क और व्यावहारिक जानकारियां उपलब्ध कराई गईं, ताकि ग्रामीण अंचलों का प्रत्येक नागरिक अपने विधिक अधिकारों के प्रति पूरी तरह साक्षर और सजग बन सके।


