स्नान पर्व से पहले 25 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा में लगाई आस्था की डुबकी

महाकुंभ के स्नान पर्व से पहले ही करीब 25 लाख लोगों ने गंगा और संगम में आस्था की डुबकी लगाई। घने कोहरे के बावजूद सुबह से ही श्रद्धालुओं का हुजूम मेला क्षेत्र की तरफ जाता दिखा। महाकुम्भ का स्नान 13 जनवरी से शुरू हो रहा है और अगला स्नान पर्व 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर है।

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45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना 
सरकार द्वारा जारी बयान के मुताबिक, करीब 25 लाख लोगों ने शनिवार को गंगा और संगम में डुबकी लगाई। पूरे मेला क्षेत्र में एआई सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने से स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की सही संख्या का पता लगाना आसान है। पिछले कुम्भ (2019) में पूरी मेला अवधि में 25 करोड़ लोगों ने गंगा और संगम में स्नान किया था और सरकार को महाकुम्भ में यह आंकड़ा 45 करोड़ को पार कर जाने की संभावना है।

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मेले में अखाड़ों का छावनी प्रवेश जारी 
बता दें कि महाकुम्भ मेले में अखाड़ों का छावनी प्रवेश जारी है। इसी क्रम में शनिवार को सिखों के निर्मल अखाड़े का भव्य छावनी प्रवेश हुआ, जिसमें हजारों संतों ने हिस्सा लिया। इससे पहले शैव, वैष्णव और उदासीन अखाड़े छावनी में प्रवेश कर चुके हैं। श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल की छावनी प्रवेश यात्रा में वेद, वेदांग और गुरुवाणी तीनों का अद्भुत संगम देखने को मिला। छावनी प्रवेश यात्रा में रथ, बग्घी और घोड़ों पर सवार साधु संतों का समूह कीडगंज स्थित अखाड़े के मुख्यालय से निकला। इस प्रवेश यात्रा में एक हजार से अधिक साधु संत शामिल हुए, जिसमें अधिकतर संत सिख समुदाय से आते हैं। संतों के पीछे-पीछे महिलाएं गुरुवाणी का पाठ और शबद कीर्तन करते हुए चल रहीं थी। छावनी प्रवेश में मां काली के रौद्र रूप को प्रदर्शित करने वाली झांकी भी कौतुहल का केंद्र रही। विभिन्न स्थानों पर इस छावनी प्रवेश यात्रा का स्थानीय लोगों और पुलिस प्रशासन के लोगों ने पुष्प वर्षा से भव्य स्वागत किया।

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