‘जॉब लेने वाले नहीं, जॉब देने वाले बनिए’: इंजीनियरिंग छात्रों को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की बड़ी सीख

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं से नौकरी तलाशने की मानसिकता से आगे बढ़कर रोजगार सृजित करने की दिशा में काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल नौकरी पाने का लक्ष्य नहीं रखना चाहिए, बल्कि ऐसे उद्यमी और नवप्रवर्तक बनना चाहिए जो दूसरों को भी रोजगार उपलब्ध करा सकें।

बिहार इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में संबोधन

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में बतौर कुलाधिपति शिरकत करते हुए कहा कि राज्य सरकार तकनीकी शिक्षा को सुलभ बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि बिहार के सभी 38 जिलों में इंजीनियरिंग कॉलेज स्थापित किए गए हैं और राज्य में बेहद कम शुल्क पर तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।

‘डिग्री नहीं, काम से बनती है पहचान’

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी इंजीनियर की असली पहचान केवल डिग्री से नहीं बनती, बल्कि उसके कार्यों और नवाचारों से बनती है।

उन्होंने कहा,

“कोई इंजीनियर सिर्फ डिग्री से नहीं पहचाना जाता। जब वह पुल बनाता है, नई तकनीक विकसित करता है और समाज के लिए उपयोगी आविष्कार करता है, तभी उसकी पहचान बनती है।”

‘दुनिया से प्रतिस्पर्धा का समय’

सम्राट चौधरी ने युवाओं से शोध, नवाचार और तकनीकी विकास पर विशेष ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि अब वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा का दौर है और नई सोच के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता है।

‘सरकारी नौकरी ही लक्ष्य न बनाएं’

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में आज भी सरकारी नौकरी को सबसे बड़ा लक्ष्य माना जाता है, जबकि युवाओं को इससे आगे सोचने की जरूरत है।

उन्होंने कहा,

“आप नौकरी खोजने वाले मत बनिए। यदि जीवन में समृद्धि लानी है तो जॉब लेने वाले नहीं, जॉब देने वाले बनिए।”

उन्होंने छात्रों से स्टार्टअप, उद्यमिता और नवाचार के क्षेत्र में आगे आने का आह्वान करते हुए कहा कि बिहार के विकास में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी।

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