
भागलपुर के ऐतिहासिक सैंडिस कंपाउंड में आयोजित बीसीए महिला अंडर-19 टी-20 ट्रॉफी 2025-26 का फाइनल मुकाबला रोमांच, संघर्ष और युवा प्रतिभाओं के शानदार प्रदर्शन का गवाह बना। टूर्नामेंट की दो सर्वश्रेष्ठ टीमों के बीच खेले गए इस खिताबी मुकाबले में भागलपुर लीग चरण की टेबल टॉपर टीम एफ ने पटना लीग चरण की टेबल टॉपर टीम ए को आठ विकेट से हराकर चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने वाली दोनों टीमों के बीच फाइनल मुकाबले को लेकर क्रिकेट प्रेमियों में काफी उत्साह था और खिलाड़ियों ने भी अपने प्रदर्शन से दर्शकों को निराश नहीं किया।
सैंडिस कंपाउंड में खेले गए इस मुकाबले में दोनों टीमों ने जीत के लिए पूरी ताकत झोंक दी। युवा महिला खिलाड़ियों की प्रतिभा और खेल भावना ने यह साबित कर दिया कि बिहार में महिला क्रिकेट तेजी से आगे बढ़ रहा है और भविष्य में राज्य से कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं।
मुकाबले की शुरुआत टीम ए के टॉस जीतने के साथ हुई। कप्तान ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया और टीम के बल्लेबाजों ने इस निर्णय को सही साबित करने का प्रयास किया। शुरुआती झटकों के बावजूद टीम ए की बल्लेबाजों ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन मिश्रण दिखाया। टीम की ओर से सलोनी कुमारी ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए केवल 30 गेंदों पर 57 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली। उनकी पारी में कई आकर्षक शॉट देखने को मिले और उन्होंने विपक्षी गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा।
कप्तान अक्षरा गुप्ता ने भी जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी करते हुए 22 गेंदों में 38 रन बनाए। उन्होंने सलोनी के साथ मिलकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। मध्यक्रम में बल्लेबाजी करने उतरी मुखरा ने भी उपयोगी योगदान देते हुए नाबाद 19 रन बनाए। निर्धारित 20 ओवर में टीम ए ने 8 विकेट खोकर 162 रन बनाए और विपक्षी टीम के सामने जीत के लिए 163 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा।
टीम एफ की गेंदबाजी की बात करें तो सिद्धि कुमारी और प्रतिभा ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दो-दो विकेट अपने नाम किए। इसके अलावा सेजल और प्रिया राज को भी एक-एक सफलता मिली। गेंदबाजों ने अंतिम ओवरों में रन गति को नियंत्रित करने का प्रयास किया, जिसके कारण टीम ए बहुत बड़ा स्कोर खड़ा करने से चूक गई।
163 रनों का लक्ष्य महिला अंडर-19 क्रिकेट में आसान नहीं माना जाता, लेकिन टीम एफ के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही सकारात्मक रवैया अपनाया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए विपक्षी टीम पर दबाव बना दिया। सलामी बल्लेबाजों ने तेज शुरुआत दिलाई और टीम को मजबूत आधार प्रदान किया।
टीम एफ की जीत की सबसे बड़ी नायिका प्रतिभा रहीं। उन्होंने नाबाद 60 रनों की शानदार पारी खेलकर टीम को जीत तक पहुंचाया। उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास और मैच को खत्म करने की क्षमता साफ दिखाई दी। उन्होंने परिस्थिति के अनुसार बल्लेबाजी करते हुए टीम को कभी दबाव में नहीं आने दिया।
संतोषी कुमारी ने भी विस्फोटक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए केवल 20 गेंदों पर 44 रन बनाए। उनकी तेजतर्रार पारी ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया और विपक्षी टीम की जीत की उम्मीदों को कमजोर कर दिया। वहीं शिवी सिंह ने 26 रनों का महत्वपूर्ण योगदान देकर जीत की नींव को और मजबूत किया।
टीम एफ ने केवल 17.3 ओवर में दो विकेट खोकर 165 रन बना लिए और आठ विकेट से शानदार जीत दर्ज करते हुए ट्रॉफी अपने नाम कर ली। इस जीत के साथ टीम ने पूरे टूर्नामेंट में अपने शानदार प्रदर्शन पर मुहर लगा दी। खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की मेहनत का परिणाम फाइनल में देखने को मिला, जहां टीम ने हर विभाग में बेहतर प्रदर्शन किया।
प्रतिभा का प्रदर्शन इस मैच का सबसे बड़ा आकर्षण रहा। उन्होंने पहले गेंदबाजी में दो विकेट हासिल किए और फिर बल्लेबाजी में नाबाद 60 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई। उनके इस हरफनमौला प्रदर्शन के लिए उन्हें “प्लेयर ऑफ द मैच” चुना गया। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का प्रदर्शन किसी भी खिलाड़ी के उज्ज्वल भविष्य का संकेत होता है।
फाइनल मुकाबले के दौरान अंपायरिंग की जिम्मेदारी मनोहर कुमार और राघव ठाकुर ने निभाई। दोनों अंपायरों ने पूरे मैच को सफलतापूर्वक संचालित किया। वहीं स्कोरिंग का कार्य अंकित अमृत राज और शिवम कुमार ने संभाला। पूरे आयोजन को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में अधिकारियों और आयोजकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही।
मैच समाप्त होने के बाद आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने दोनों टीमों के खिलाड़ियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई दी और कहा कि खेल केवल जीत और हार का नाम नहीं है, बल्कि यह अनुशासन, मेहनत और आत्मविश्वास का भी प्रतीक है। उन्होंने फाइनल तक पहुंचने वाली दोनों टीमों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के टूर्नामेंट युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करते हैं।
जिलाधिकारी ने विजेता टीम एफ को विनर ट्रॉफी और उपविजेता टीम ए को रनर-अप ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया। खिलाड़ियों के चेहरे पर जीत की खुशी साफ दिखाई दे रही थी, जबकि उपविजेता टीम के खिलाड़ियों ने भी पूरे टूर्नामेंट में अपने प्रदर्शन से सभी का ध्यान आकर्षित किया।
कार्यक्रम में जिला खेल पदाधिकारी जय नारायण कुमार, बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के चेयरमैन डॉ. आनंद कुमार मिश्रा, भागलपुर जिला क्रिकेट संघ के उपाध्यक्ष सुभीर मुखर्जी, सचिव डॉ. जयशंकर ठाकुर, सीनियर जिला टीम के कप्तान बास्कीनाथ मिश्रा, डॉ. अर्जुन कुमार, गुड्डू पांडे सहित कई खेल प्रेमी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने खिलाड़ियों की मेहनत और प्रतिभा की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
महिला क्रिकेट के बढ़ते स्तर को देखते हुए यह टूर्नामेंट बिहार के खेल इतिहास में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही युवा महिला खिलाड़ी यह संकेत दे रही हैं कि आने वाले समय में राज्य से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेटर तैयार हो सकते हैं। भागलपुर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ यह टूर्नामेंट न केवल खिलाड़ियों के लिए यादगार रहा बल्कि महिला क्रिकेट को नई पहचान देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।


