घर की बिजली ठीक करते समय हुआ दर्दनाक हादसा: करंट लगने से 27 वर्षीय युवक की मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

बांका/भागलपुर। बिहार के बांका जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां घर में बिजली की खराबी ठीक करने के दौरान करंट लगने से एक युवक की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है, जबकि मृतक के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बताया जा रहा है कि युवक परिवार का मुख्य कमाने वाला सदस्य था और बाहर राज्य में मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। उसकी अचानक हुई मौत ने परिवार को गहरे संकट में डाल दिया है।

यह दुखद घटना बांका जिले के रजौन थाना क्षेत्र अंतर्गत परघड़ी गांव की है, जहां 27 वर्षीय राधे मंडल बिजली की खराबी दूर करने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें तेज करंट का झटका लगा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन तत्काल उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

घर में बिजली की मरम्मत के दौरान हुआ हादसा

स्थानीय लोगों और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार राधे मंडल अपने घर में बिजली की खराबी ठीक करने में लगे हुए थे। घर के विद्युत कनेक्शन में कुछ तकनीकी समस्या आने के कारण वह उसे स्वयं ठीक करने का प्रयास कर रहे थे।

बताया जाता है कि मरम्मत कार्य के दौरान अचानक बिजली प्रवाहित हो गई और राधे मंडल उसकी चपेट में आ गए। करंट का झटका इतना तेज था कि वह मौके पर ही गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े।

घटना के समय परिवार के सदस्य घर में ही मौजूद थे। अचानक हुई इस घटना से घर में अफरा-तफरी मच गई और परिजन तुरंत उनकी मदद के लिए दौड़े।

गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया

करंट लगने के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से राधे मंडल को तत्काल रजौन अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने उनकी प्राथमिक जांच की और उपचार शुरू किया।

डॉक्टरों ने पाया कि युवक की स्थिति काफी गंभीर है। करंट लगने के कारण उनके शरीर पर गहरा प्रभाव पड़ा था और तत्काल बेहतर चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता थी।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें भागलपुर स्थित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (मायागंज अस्पताल) रेफर कर दिया।

मायागंज अस्पताल में उपचार के दौरान मौत

राधे मंडल को बेहतर इलाज के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों की टीम ने उनका उपचार शुरू किया। अस्पताल में उन्हें बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया गया, लेकिन उनकी हालत लगातार गंभीर बनी रही।

इलाज के दौरान आखिरकार उनकी मौत हो गई। चिकित्सकों द्वारा मौत की पुष्टि किए जाने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया।

अस्पताल परिसर में मौजूद परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था। किसी को विश्वास नहीं हो रहा था कि कुछ समय पहले तक स्वस्थ दिखाई देने वाला युवक अब इस दुनिया में नहीं रहा।

परिवार का मुख्य सहारा था राधे मंडल

परिजनों के अनुसार राधे मंडल परिवार के लिए आर्थिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण सदस्य थे। वह गुजरात में मजदूरी का काम करते थे और वहीं से कमाई कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे।

बताया जाता है कि उनकी आय से ही घर का खर्च चलता था। परिवार के कई सदस्य उनकी कमाई पर निर्भर थे। ऐसे में उनकी असामयिक मृत्यु ने पूरे परिवार को आर्थिक और मानसिक दोनों रूप से गहरा आघात पहुंचाया है।

गांव के लोगों का कहना है कि राधे मंडल मेहनती और मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे। वह अक्सर काम के सिलसिले में गुजरात में रहते थे और परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए लगातार मेहनत करते थे।

गांव में पसरा मातम

घटना की जानकारी जैसे ही गांव में फैली, लोगों की भीड़ मृतक के घर पहुंचने लगी। गांव में शोक का माहौल बन गया और हर कोई इस घटना को लेकर दुख व्यक्त करता नजर आया।

स्थानीय लोगों ने बताया कि राधे मंडल का व्यवहार सभी के साथ अच्छा था और वह गांव में भी काफी लोकप्रिय थे। उनकी अचानक मौत से पूरे इलाके में दुख की लहर फैल गई है।

गांव के बुजुर्गों ने कहा कि एक युवा व्यक्ति की इस तरह अचानक मौत होना बेहद दुखद है। उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाते हुए हर संभव सहयोग का भरोसा दिया।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

मृतक के परिवार की स्थिति बेहद भावुक और दर्दनाक बनी हुई है। परिजन लगातार रो रहे हैं और उन्हें सांत्वना देने के लिए रिश्तेदार एवं ग्रामीण पहुंच रहे हैं।

परिवार के लोगों का कहना है कि उन्हें अभी भी विश्वास नहीं हो रहा कि राधे मंडल अब उनके बीच नहीं रहे। घर में मातम का माहौल है और हर व्यक्ति इस घटना से स्तब्ध दिखाई दे रहा है।

परिजनों के अनुसार राधे मंडल भविष्य को लेकर कई योजनाएं बना रहे थे और परिवार के बेहतर जीवन के लिए लगातार मेहनत कर रहे थे। लेकिन एक क्षण में हुए हादसे ने सब कुछ बदल दिया।

बिजली से जुड़े कार्यों में सावधानी जरूरी

विशेषज्ञों का कहना है कि बिजली से जुड़े कार्यों में छोटी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। कई बार लोग तकनीकी जानकारी के अभाव में स्वयं बिजली की मरम्मत करने लगते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है।

विद्युत विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि किसी भी प्रकार की विद्युत खराबी होने पर प्रशिक्षित तकनीशियन या बिजली मिस्त्री की सहायता लेनी चाहिए। मरम्मत कार्य शुरू करने से पहले मुख्य बिजली आपूर्ति बंद करना भी बेहद जरूरी होता है।

विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी के कारण ऐसे हादसे समय-समय पर सामने आते रहते हैं।

हर साल होती हैं कई दुर्घटनाएं

बिजली का करंट लगने से होने वाली दुर्घटनाएं देश के विभिन्न हिस्सों में नियमित रूप से सामने आती हैं। कई मामलों में लोग घरेलू बिजली उपकरणों की मरम्मत करते समय या खुले तारों के संपर्क में आने से हादसे का शिकार हो जाते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार सुरक्षा मानकों का पालन कर ऐसी घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। इसके लिए लोगों में जागरूकता बढ़ाना भी आवश्यक है।

परिवार के सामने खड़ी हुई नई चुनौती

राधे मंडल की मौत के बाद उनके परिवार के सामने अब आर्थिक और सामाजिक दोनों तरह की चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। परिवार का मुख्य कमाने वाला सदस्य खोने के कारण भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।

ग्रामीणों और रिश्तेदारों का कहना है कि इस कठिन समय में परिवार को सामाजिक सहयोग और सरकारी सहायता की आवश्यकता होगी। गांव के लोग भी परिवार के समर्थन में आगे आने की बात कह रहे हैं।

फिलहाल परघड़ी गांव में शोक का माहौल है और हर कोई इस दर्दनाक हादसे को लेकर दुख व्यक्त कर रहा है। राधे मंडल की असमय मौत ने एक परिवार से उसका सहारा छीन लिया है और पीछे छोड़ गई है अपार दुख, यादें और कई अनुत्तरित सवाल।

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