
बिहार में शराबबंदी के बावजूद तस्करी के मामलों के बीच एक बार फिर पुलिस टीम पर हमले की घटना सामने आई है। पश्चिम चंपारण जिले के बगहा में शराब की सूचना पर छापेमारी करने पहुंची पुलिस टीम पर तस्कर ने हमला कर दिया। इस घटना में एक सिपाही घायल हो गया, जबकि आरोपी भी जवाबी कार्रवाई में जख्मी हुआ।
गुप्त सूचना पर पहुंची थी पुलिस टीम
जानकारी के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि सेमरा-बगहा मुख्य मार्ग से शराब की खेप गुजरने वाली है।
इसी इनपुट के आधार पर क्यूआरटी और एलटीएफ की टीम मौके पर पहुंचकर निगरानी कर रही थी। पुलिस रेलवे स्टेशन के पास संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी।
संदिग्ध को देख पुलिस ने किया पीछा
इसी दौरान एक व्यक्ति दो बड़े झोले के साथ रेलवे स्टेशन के पास आता दिखाई दिया। पुलिस को देखते ही वह भागने लगा।
संदेह होने पर पुलिस टीम ने उसका पीछा किया। भागते-भागते आरोपी रेलवे लाइन की ओर चला गया और खुद को बचाने की कोशिश करने लगा।
पथराव और हमला, सिपाही घायल
पीछा करते समय आरोपी ने पुलिस टीम पर अचानक पत्थरबाजी शुरू कर दी।
इस दौरान सिपाही मिथिलेश कुमार ने साहस दिखाते हुए उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने उन पर पत्थर से हमला कर दिया और दांत से काटकर घायल कर दिया।
इस हमले में सिपाही को चोटें आईं, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
अन्य जवानों ने मिलकर आरोपी को पकड़ा
स्थिति को संभालते हुए अन्य पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को काबू में कर लिया।
इसके बाद उसकी तलाशी ली गई, जिसमें दोनों झोलों से करीब 10 लीटर देशी शराब बरामद हुई।
अस्पताल में कराया गया इलाज
घायल सिपाही और आरोपी दोनों को इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल बगहा ले जाया गया।
डॉक्टरों ने दोनों का प्राथमिक उपचार किया, जिसके बाद पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू की।
पहले भी तस्करी में शामिल रहा आरोपी
पटखौली थाना पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान शमीम अहमद के रूप में हुई है, जो पहले भी शराब तस्करी के कई मामलों में जेल जा चुका है।
पूछताछ के बाद उसके खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
शराबबंदी के बीच चुनौती बनी तस्करी
बिहार में लागू शराबबंदी के बावजूद तस्करी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
ऐसे मामलों में पुलिस पर हमले यह दर्शाते हैं कि अवैध कारोबार से जुड़े लोग कानून से बचने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।
बगहा की यह घटना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती को उजागर करती है, जहां कानून लागू कराने के दौरान खुद पुलिसकर्मी निशाने पर आ जाते हैं।
अब जरूरत है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई कर अपराधियों में कानून का भय पैदा किया जाए।


