आयुष्मान भारत: जब जीवन बन गया सुरक्षित, पीएम मोदी ने बिहार के ज्ञानेंद्र को लिखा पत्र

पटना/नई दिल्ली | 29 जून 2025: “आपका स्वास्थ्य, हमारा संकल्प” – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह शब्द तब लिखे, जब बिहार के पटना निवासी ज्ञानेंद्र कुमार गुप्ता ने आयुष्मान भारत योजना के तहत मिली सहायता के लिए उन्हें आभार पत्र भेजा। ज्ञानेंद्र की किडनी की बीमारी का मुफ्त इलाज इसी योजना के तहत संभव हो सका और उन्हें नया जीवन मिला।

सरल इलाज, नया जीवन

ज्ञानेंद्र कहते हैं,

“मुझे किडनी की गंभीर समस्या थी। इलाज का खर्च मेरे लिए असंभव था। आयुष्मान योजना से मुझे पटना में मुफ्त इलाज मिला और मैं फिर से स्वस्थ जीवन जी पा रहा हूं। यह योजना गरीब और मध्यम वर्ग के लिए वरदान है।”

बिना किसी खर्च के इलाज की यह सुविधा आज लाखों जरूरतमंदों के जीवन में आशा की किरण बन चुकी है।

प्रधानमंत्री मोदी का भावुक उत्तर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ज्ञानेंद्र को उत्तर लिखते हुए उनके स्वास्थ्य में सुधार पर प्रसन्नता जाहिर की। उन्होंने लिखा:

“आपके पत्र से यह जानकर संतोष हुआ कि योजना ने आपके जीवन में नई दिशा दी है। यह योजना इसी उद्देश्य से बनी है – ताकि कोई भी भारतीय सिर्फ इलाज की कीमत के कारण स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे।”

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि देश में पहले भी यूनीवर्सल हेल्थकेयर की बातें होती थीं, लेकिन पहली बार 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज जैसी सुविधा व्यवहार में लाई गई है।

स्वस्थ भारत, विकसित भारत

प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि:

“स्वस्थ नागरिक न केवल अपने परिवार के लिए सहारा बनते हैं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की नींव भी मजबूत करते हैं। शरीर ही धर्म और कर्तव्यों का पहला साधन है – ‘शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम्।’”

उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत जैसी योजनाएं सीधे नागरिकों के जीवन को छू रही हैं और एक आत्मनिर्भर और विकसित भारत के सपनों को साकार कर रही हैं।

स्वास्थ्य सेवा से आर्थिक सशक्तिकरण

आंकड़े बताते हैं कि जीवन प्रत्याशा में केवल एक वर्ष की वृद्धि से देश की जीडीपी में 4% तक की वृद्धि संभव है। ऐसे में आयुष्मान भारत केवल स्वास्थ्य योजना नहीं, बल्कि आर्थिक विकास का इंजन भी है।


🔹 क्या है आयुष्मान भारत योजना?

  • देश के 55-60 करोड़ गरीब, मध्यम वर्ग और बुजुर्गों के लिए
  • हर परिवार को सालाना 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज
  • सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में उपचार की सुविधा
  • अब तक करोड़ों लोग लाभान्वित

ज्ञानेंद्र की कहानी देश के उन लाखों लाभार्थियों की प्रतिनिधि है, जिनकी जिंदगी में यह योजना उम्मीद और सुरक्षा का प्रतीक बन चुकी है।


 

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