पटना। राजधानी पटना स्थित तारामंडल में शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जैसे ही मुख्यमंत्री बाहर निकले, वहां मौजूद BPSC इंजीनियरिंग भर्ती के अभ्यर्थियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की।
अधिकतर छात्राएं हाथों में मांग पत्र लिए मुख्यमंत्री से मिलने और अपनी समस्या बताने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन सुरक्षा कारणों से मुख्यमंत्री का काफिला बिना रुके आगे बढ़ गया।
अभ्यर्थियों की नाराज़गी
अभ्यर्थियों का कहना है कि इंजीनियरिंग भर्ती में कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वालों को वेटेज अंक दिया जा रहा है, जिससे नियमित और नए उम्मीदवारों के लिए चयनित होना बेहद मुश्किल हो गया है।
- “हम वर्षों से पढ़ाई कर तैयारी कर रहे हैं। लेकिन वेटेज अंक मिलने से हमारी मेहनत बेकार हो जाती है। यह हमारे साथ नाइंसाफी है। सरकार को तुरंत इस नीति को वापस लेना चाहिए।” — अभ्यर्थी
- कई छात्राओं ने कहा कि वे मुख्यमंत्री को सीधे समझाना चाहती थीं कि यह नीति हजारों उम्मीदवारों के भविष्य को प्रभावित कर रही है।
मौके पर हंगामा और नारेबाजी
जैसे ही मुख्यमंत्री बाहर निकले, अभ्यर्थियों ने जोर-जोर से नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ छात्राएं हाथ में कागज लिए मुख्यमंत्री की गाड़ी की ओर बढ़ीं, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। अधिकारियों ने अभ्यर्थियों को आश्वासन दिया कि उनकी बात सरकार तक पहुंचा दी जाएगी।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि अभ्यर्थी हाथों में कागज लिए मुख्यमंत्री से मिलने की कोशिश करते हैं, लेकिन सुरक्षा कर्मी उन्हें पीछे कर देते हैं।
पुराना मुद्दा
यह पहली बार नहीं है जब BPSC इंजीनियरिंग भर्ती के अभ्यर्थियों ने वेटेज नीति के खिलाफ आवाज उठाई हो। इससे पहले भी कई बार वे प्रदर्शन कर चुके हैं और आयोग से लिखित शिकायतें दर्ज करवा चुके हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि शिक्षा मंत्री और अधिकारियों से मुलाकात के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।


