असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के बयान पर राजनीतिक हलचल तेज: बिहार की राजनीति से लेकर बंगाल के SIR अभियान और रॉबर्ट वाड्रा पर कसा तंज

गुवाहाटी/पटना/कोलकाता: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीति पर कई महत्वपूर्ण टिप्पणियाँ कीं। उन्होंने बिहार में नीतीश कुमार के 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर खुशी जताई और इसे भारतीय जनता पार्टी (BJP) तथा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की बड़ी राजनीतिक जीत बताया।

सरमा ने कहा कि वह “समस्त असमवासियों की ओर से नीतीश कुमार का अभिनंदन करते हैं।” साथ ही उन्होंने बिहार की जनता का धन्यवाद किया, जिसने एनडीए को भारी जनादेश देकर अपनी राजनीतिक पसंद को स्पष्ट रूप से दर्शाया है।

“बिहार का जनादेश विकास की राजनीति की जीत” — हिमंत सरमा

बिहार के राजनीतिक परिदृश्य पर प्रतिक्रिया देते हुए सरमा ने कहा—

“नीतीश कुमार जी द्वारा किए गए कार्यों पर जनता ने मुहर लगाई है। बिहार में जंगल राज को नकारा गया है और विकास राज को स्वीकार किया गया है।”

सरमा के अनुसार यह जीत न सिर्फ राज्य, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी एनडीए के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है कि जनता स्थिरता और विकास-उन्मुख राजनीति चाहती है।

बंगाल में SIR अभियान पर कड़ा रुख: “घुसपैठियों को भारत में रहने की इजाजत नहीं”

पश्चिम बंगाल में जारी SIR (Special Summary Revision / मतदाता सूची अभियान) को लेकर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का रुख बेहद सख्त रहा। ममता सरकार द्वारा उठाए गए सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा—

“एसआईआर बंगाल में शुरू हो चुका है और यह प्रक्रिया जारी रहेगी। जो भी घुसपैठिए हैं, उन्हें भारत छोड़कर जाना चाहिए। बांग्लादेशी नागरिकों को भारत में रहने की अनुमति नहीं हो सकती।”

सरमा ने कहा कि अवैध घुसपैठ की समस्या पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के लिए सुरक्षा और जनसांख्यिकीय संतुलन का बड़ा विषय है, और भाजपा सरकार इस पर सख्त कार्रवाई के पक्ष में है।

“बांग्लादेश वापस जाने वालों का स्वागत करें” — सरमा का बयान

घुसपैठियों को लेकर उन्होंने और भी कड़ा बयान देते हुए कहा—

“अगर एसआईआर प्रक्रिया के चलते कुछ लोग बांग्लादेश जा रहे हैं तो भारत को इसका स्वागत करना चाहिए।”

सरमा ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा प्रबंधन के लिए आवश्यक कदम बताया। यह बयान भाजपा की उस नीति को रेखांकित करता है जिसमें अवैध प्रवास को राष्ट्रहित के खिलाफ माना जाता है।

रॉबर्ट वाड्रा पर तंज: “वो हैं कौन?”

एक पत्रकार द्वारा कांग्रेस नेता राहुल गांधी के जीजा रॉबर्ट वाड्रा से जुड़े एक सवाल पर सरमा ने चुटकी लेते हुए कहा—

“रॉबर्ट वाड्रा कौन हैं? क्या वो सांसद या विधायक हैं? क्या अब हमें उनके पीछे भी पड़ना पड़ेगा?”

सरमा का यह बयान इस ओर संकेत देता है कि भाजपा विपक्ष के “गैर-जनप्रतिनिधि चेहरों” की टिप्पणियों को राजनीतिक रूप से महत्त्व नहीं देना चाहती और अपना ध्यान प्रमुख प्रतिद्वंद्वियों पर केंद्रित रखेगी।

समग्र निष्कर्ष: भाजपा की राजनीतिक रणनीति और सुरक्षा एजेंडा को मजबूती

हिमंत बिस्वा सरमा के बयान—

  • बिहार में एनडीए की बड़ी जीत,
  • बंगाल में अवैध घुसपैठ पर सख्त रुख,
  • और कांग्रेस पर हमलावर रणनीति—

इन सभी को भाजपा की वर्तमान राष्ट्रीय राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

सरमा ने स्पष्ट कर दिया कि पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में पार्टी की पकड़ मजबूत करने के लिए भाजपा आक्रामक रूप से—

  • राष्ट्रीय सुरक्षा,
  • अवैध प्रवासन,
  • और विकास की राजनीति

को मुख्य मुद्दों के रूप में आगे बढ़ाती रहेगी।

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