
नालंदा। बिहार के नालंदा जिले में तैनात सहायक अवर निरीक्षक (ASI) रामपुकार यादव ने मंगलवार की शाम हरनौत थाना परिसर में खुद को सर्विस पिस्टल से गोली मार ली। गंभीर स्थिति में उन्हें पटना के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वे एक कारोबारी से जुड़े 15 लाख रुपये के गबन के मामले में जांच के दबाव और व्यक्तिगत कारणों से मानसिक तनाव में थे।
जांच के दबाव में तनाव, परिजनों ने बताया घरेलू विवाद और कर्ज
पुलिस अधीक्षक (एसपी) भारत सोनी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि एएसआई रामपुकार यादव एक व्यवसायी द्वारा दर्ज कराई गई गबन की शिकायत की जांच के दायरे में थे। विभागीय कार्रवाई की आशंका के कारण वे तनाव में थे। परिजनों ने भी बताया कि वे लंबे समय से घरेलू विवादों और कर्ज से परेशान थे।
“पुलिस जांच और संभावित कार्रवाई के तनाव के साथ-साथ पारिवारिक विवाद और कर्ज के कारण वे मानसिक रूप से असहज थे,”
– भारत सोनी, एसपी, नालंदा
तीन महीने पहले हुए थे हरनौत में पदस्थापित
रामपुकार यादव मूल रूप से गया जिले के निवासी थे। इससे पहले वे जहानाबाद में एसपी के अंगरक्षक के रूप में कार्यरत थे। तीन माह पहले प्रमोशन के बाद उन्हें नालंदा के हरनौत थाना में डायल-112 आपातकालीन सेवा के तहत पदस्थापित किया गया था।
थाना परिसर में गोली चलने की आवाज से मचा हड़कंप
मंगलवार शाम लगभग 5 बजे थाना परिसर के पीछे स्थित शौचालय के पास गोली चलने की आवाज आई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी दौड़कर पहुंचे तो देखा कि एएसआई रामपुकार यादव लहूलुहान अवस्था में पड़े हैं। उन्हें फौरन अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
पुलिस ने दर्ज किया केस, सभी पहलुओं की हो रही जांच
पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, घटनास्थल की फॉरेंसिक जांच और परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि पुलिस का कहना है कि फिलहाल आत्महत्या के पीछे की वजहों को लेकर किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।


