जन संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की सहभागिता
पटना, 19 जनवरी 2026:मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज गोपालगंज जिला के बरौली स्थित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में समृद्धि यात्रा के तहत आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य में हुए विकास कार्यों, भविष्य की योजनाओं और आम नागरिकों के जीवन को आसान बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता को विस्तार से रखा।
2005 से पहले और बाद की स्थिति का किया तुलनात्मक उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि 24 नवंबर 2005 को एनडीए सरकार के गठन के बाद राज्य में कानून का राज स्थापित हुआ। उन्होंने कहा कि इससे पहले की स्थिति को लोग भली-भांति याद करते हैं, जब शाम के बाद घर से निकलना मुश्किल होता था, समाज में तनाव और विवाद का माहौल रहता था और शिक्षा, स्वास्थ्य तथा बुनियादी सुविधाओं की स्थिति बेहद खराब थी। आज राज्य में भयमुक्त वातावरण है और प्रेम, भाईचारा एवं शांति का माहौल कायम है।
सामाजिक सौहार्द और बुनियादी सुधारों पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए वर्ष 2006 से कब्रिस्तानों की घेराबंदी की गई और वर्ष 2016 से पुराने मंदिरों की घेराबंदी का कार्य किया गया। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से सामाजिक तनाव कम हुआ और राज्य में शांति व्यवस्था मजबूत हुई।
शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना में बड़े बदलाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में शुरू से ही विशेष ध्यान दिया गया है। सड़कों, पुलों और पुलियों का बड़े पैमाने पर निर्माण हुआ। सात निश्चय योजना के तहत हर घर बिजली, नल का जल, शौचालय और पक्की सड़कों की सुविधा दी गई। वर्ष 2018 में ही हर घर बिजली पहुंचा दी गई और अब अधिकांश घरेलू उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली मिल रही है।
रोजगार और पेंशन योजनाओं से लोगों को राहत
उन्होंने कहा कि सात निश्चय-2 के तहत युवाओं के लिए 10 लाख नौकरी और 10 लाख रोजगार का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें अब तक 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी और 40 लाख लोगों को रोजगार दिया जा चुका है। वृद्धजनों, दिव्यांगजनों और विधवा महिलाओं की पेंशन राशि 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये कर दी गई है, जिससे 1 करोड़ 14 लाख लोगों को लाभ मिल रहा है।
केन्द्र सरकार के सहयोग से विकास को मिली गति
मुख्यमंत्री ने बताया कि केन्द्र सरकार का बिहार को पूरा सहयोग मिल रहा है। जुलाई 2024 और फरवरी 2025 के केंद्रीय बजट में सड़क, उद्योग, स्वास्थ्य, पर्यटन, बाढ़ नियंत्रण, मखाना बोर्ड, एयरपोर्ट और पश्चिमी कोसी नहर जैसी योजनाओं के लिए बड़ी घोषणाएं की गईं। खेलो इंडिया यूथ गेम्स का आयोजन बिहार में होना भी राज्य के लिए गौरव की बात है।
सात निश्चय-3 के तहत अगले पांच वर्षों की कार्ययोजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 से 2030 के बीच सात निश्चय-3 के तहत विकास को और तेज किया जाएगा। इसमें दोगुना रोजगार और दोगुनी आय, समृद्ध उद्योग, कृषि में प्रगति, उन्नत शिक्षा, सुलभ स्वास्थ्य, मजबूत आधारभूत संरचना और सबका सम्मान-जीवन आसान जैसे लक्ष्य शामिल हैं। उन्होंने बताया कि जिला और प्रखंड स्तर के अस्पतालों को विशिष्ट चिकित्सा केंद्र बनाया जाएगा ताकि लोगों को बेहतर इलाज मिल सके।
गोपालगंज जिले में हुए और प्रस्तावित विकास कार्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोपालगंज जिले में इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक, मेडिकल कॉलेज, आईटीआई, छात्रावास, पुल-पथ निर्माण, बाढ़ सुरक्षा और सिंचाई परियोजनाओं पर व्यापक काम हुआ है। प्रगति यात्रा के दौरान स्वीकृत सात योजनाओं पर कार्य प्रगति पर है, जिनमें बाईपास, रिंग रोड, पुल निर्माण और मां थावे मंदिर का विकास शामिल है।
महिलाओं, उद्योग और खेल के लिए विशेष योजनाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि जिले की तीन लाख से अधिक महिलाओं को रोजगार के लिए सहायता राशि दी गई है। औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना, डेयरी विकास, आदर्श विद्यालय, डिग्री कॉलेज, विशिष्ट अस्पताल और खेलों के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी।
जनता के जीवन को आसान बनाना सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सभी नागरिकों के दैनिक जीवन में आने वाली कठिनाइयों को कम कर उनके जीवन को आसान बनाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन योजनाओं से गोपालगंज सहित पूरा बिहार तेजी से विकास करेगा और देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।
कार्यक्रम में हुआ भव्य स्वागत
जन संवाद कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नेताओं ने मुख्यमंत्री का पुष्पमालाओं और प्रतीक चिह्न भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर मंत्री, सांसद, विधायक, विधान पार्षद, पूर्व जनप्रतिनिधि, एनडीए घटक दलों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे।


