​अररिया में खून का प्यासा बना ‘रिश्ता’: जमीन और दो लाख के लालच में जीजा ने साले का गला रेता; कब्रिस्तान के पास मिली लाश

अररिया। बिहार के अररिया जिले से रिश्तों के कत्ल की एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक विश्वास को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ एक शख्स ने अपनी ही बहन के सुहाग को बचाने वाले ‘भाई’ यानी अपने साले की जान सिर्फ इसलिए ले ली क्योंकि वह उसकी जमीन और पैसों की हवस को पूरा नहीं कर पा रहा था। मामला जोकीहाट थाना क्षेत्र का है, जहाँ सोमवार, 20 अप्रैल 2026 की देर रात एक जीजा ने अपने साले की बेरहमी से गला रेतकर हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी ने साले के शव को गाँव के ही एक कब्रिस्तान के पास फेंक दिया और खुद को बेगुनाह दिखाने की कोशिश करने लगा। हालांकि, पुलिस की पैनी नजर और तकनीकी तफ्तीश के सामने आरोपी जीजा की चालाकी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी। मंगलवार की सुबह जब खून से लथपथ शव बरामद हुआ, तो पूरे इलाके में मातम पसर गया। एसडीपीओ सुशील कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने महज कुछ ही घंटों के भीतर इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाते हुए मुख्य आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया है।

कब्रिस्तान के पास मिला शव: दहशत में काकन गाँव

​वारदात का खुलासा मंगलवार, 21 अप्रैल 2026 की सुबह हुआ, जब जोकीहाट थाना क्षेत्र के काकन गाँव स्थित कब्रिस्तान के पास ग्रामीणों ने एक युवक का शव देखा। शव की हालत देख लोगों की रूह कांप गई; युवक का गला किसी धारदार हथियार से रेता गया था और चारों तरफ खून फैला हुआ था। घटना की सूचना बिजली की तरह पूरे क्षेत्र में फैल गई और मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई।

​सूचना मिलते ही जोकीहाट थाना पुलिस दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुँची। पुलिस ने शव की शिनाख्त की कोशिश शुरू की, जिसके बाद मृतक की पहचान सबुल (32 वर्ष) के रूप में हुई। सबुल सिकटिया गाँव के निवासी जमाल का पुत्र था। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अररिया सदर अस्पताल भेज दिया। शुरुआती जांच में ही पुलिस को यह आभास हो गया था कि यह हत्या किसी पेशेवर अपराधी ने नहीं, बल्कि किसी करीबी व्यक्ति ने अंजाम दी है, क्योंकि घटनास्थल और मृतक के घर की दूरी महज तीन किलोमीटर थी।

जीजा ही निकला ‘जल्लाद’: पुलिस ने ऐसे किया खुलासा

​हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए एसडीपीओ सुशील कुमार ने एक विशेष टीम का गठन किया। पुलिस ने जब सबुल के परिवार और उसके संपर्कों की छानबीन शुरू की, तो मृतक के जीजा मो. इकराम की भूमिका संदिग्ध नजर आई। पुलिस को जानकारी मिली कि इकराम और सबुल के बीच पिछले कुछ समय से अनबन चल रही थी।

​पुलिस ने जब इकराम को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो वह टूट गया और अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने स्वीकार किया कि सोमवार की रात उसने ही सबुल को बहला-फुसलाकर एकांत में बुलाया और मौका मिलते ही उसका गला रेत दिया। इकराम ने पुलिस को बताया कि वह सबुल पर संपत्ति देने का दबाव बना रहा था, लेकिन जब बात नहीं बनी तो उसने उसे रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया। पुलिस के पास अब इकराम के खिलाफ ठोस तकनीकी साक्ष्य और उसका कबूलनामा मौजूद है, जो उसे अदालत में सजा दिलाने के लिए पर्याप्त है।

दो डिसमिल जमीन और दो लाख रुपये की ‘बलि’

​हत्याकांड के पीछे की वजह जानकर पुलिस और ग्रामीण दोनों हैरान हैं। पूछताछ के दौरान आरोपी इकराम ने बताया कि वह अपने साले सबुल से दो डिसमिल जमीन और दो लाख रुपये की मांग कर रहा था। सबुल एक मेहनतकश मजदूर था, जो दूसरे प्रदेश में रहकर हाड़-तोड़ मेहनत करता था और अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। वह तीन दिन पहले ही अपने गाँव सिकटिया लौटा था।

​इकराम को लगा कि सबुल के पास प्रदेश से कमाकर लाए गए पैसे होंगे और वह उसे डरा-धमकाकर जमीन भी अपने नाम करवा लेगा। लेकिन सबुल ने अपने जीजा की इस नाजायज मांग को ठुकरा दिया। सबुल का इनकार इकराम को इतना नागवार गुजरा कि उसने अपने ही साले के खून से हाथ रंग लिए। लालच ने एक हँसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया और एक बहन के सिर से उसके भाई का साया हमेशा के लिए छीन लिया।

परदेस से लौटते ही ‘मौत’ ने घेरा

​मृतक सबुल की कहानी अत्यंत दुखद है। वह उन हज़ारों बिहारी प्रवासियों में से एक था जो अपने परिवार की खुशियों के लिए सुदूर राज्यों में मजदूरी करते हैं। परिजनों ने रुंधे गले से बताया कि सबुल कड़ी मेहनत के बाद कुछ पैसे जोड़कर घर लौटा था ताकि अपने परिवार के साथ समय बिता सके और अपनी भविष्य की योजनाओं को अमली जामा पहना सके। वह शनिवार, 18 अप्रैल 2026 को ही गाँव आया था। उसे क्या पता था कि जिस जीजा को वह अपना करीबी मानता था, वही उसकी वापसी का इंतजार मौत का पैगाम लेकर कर रहा था। सबुल की मौत के बाद उसके बूढ़े पिता जमाल और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे सिकटिया गाँव में मातम पसरा है और लोग आरोपी जीजा को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं।

एसडीपीओ की सख्त चेतावनी: चलेगा ‘स्पीडी ट्रायल’

​मंगलवार की शाम अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) सुशील कुमार ने अपने कार्यालय कक्ष में प्रेस वार्ता आयोजित कर इस हत्याकांड का आधिकारिक खुलासा किया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने हत्या के आरोपी मो. इकराम को गिरफ्तार कर लिया है और उसने अपना जुर्म भी कबूल कर लिया है।

​एसडीपीओ सुशील कुमार ने जोर देते हुए कहा कि पुलिस इस मामले को अत्यंत गंभीरता से ले रही है। उन्होंने स्पष्ट किया, “सबुल हत्याकांड के आरोपी मो. इकराम को स्पीडी ट्रायल चलाकर त्वरित सजा दिलाई जाएगी। हमारे पास आरोपी के खिलाफ पर्याप्त और ठोस वैज्ञानिक साक्ष्य उपलब्ध हैं।” पुलिस का लक्ष्य है कि चार्जशीट जल्द से जल्द दाखिल की जाए ताकि पीड़ित परिवार को कम से कम समय में न्याय मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि समाज में बढ़ती इस तरह की आपराधिक प्रवृत्तियों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस प्रतिबद्ध है।

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