बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की पुष्टि के बाद राजनीति में चल रही अटकलों को अब विराम मिल गया है। मुख्यमंत्री ने खुद सोशल मीडिया पर ट्वीट कर यह जानकारी दी। हालांकि, उनके पैतृक गांव कल्याण बिगहा में इस फैसले को लेकर लोगों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है।
स्थानीय लोगों का आक्रोश
कल्याण बिगहा निवासी शुभम कुमार ने ईटीवी से बातचीत में कहा कि “बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में जनता ने भाजपा के नाम पर वोट नहीं किया, बल्कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के चेहरे पर वोट दिया। जो लोग इसे भूलकर भी भाजपा को वोट देंगे, वे गलत कर रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बेहतर नेता बिहार को नहीं मिला है। राज्यसभा जाने की खबर मिलते ही पूरे गांव में आक्रोश फैल गया है। शराबबंदी खत्म होने और अपराध बढ़ने की चिंता है। यह भाजपा की रणनीति है। आने वाले समय में हम लोग राजद का समर्थन करेंगे।”
जातिगत राजनीति पर सवाल
गांव के अन्य निवासी राज कपूर कुमार और वीरमणि सिंह ने कहा कि निशांत कुमार का राजनीति में आना जरूरी था, लेकिन मुख्यमंत्री को राज्यसभा भेजना गलत है। उनका मानना है कि यह भाजपा के अपर कास्ट वर्ग द्वारा किया गया निर्णय है, जो पिछड़े वर्ग को प्राथमिकता नहीं देता।
राज कपूर कुमार ने कहा, “जनता ने वोट नीतीश कुमार को दिया है, भाजपा को नहीं। इस रणनीति से हम लोग काफी नाराज हैं। निशांत कुमार का राजनीति में पदार्पण स्वागत योग्य है।”
कल्याण बिगहा में सन्नाटा
मुख्यमंत्री के राज्यसभा जाने की खबर के बाद कल्याण बिगहा में सन्नाटा पसरा हुआ है। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं, पटना में मुख्यमंत्री आवास के बाहर जदयू कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन जारी है। कई कार्यकर्ता नीतीश कुमार के इस फैसले पर फूट-फूटकर रोते दिखे, जबकि कुछ ने आत्मदाह की धमकी भी दी।


