
बिहार में बढ़ती गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए सरकार ने बड़ा और अहम फैसला लिया है। समाज कल्याण विभाग के ताजा निर्देश के अनुसार अब राज्य के सभी आंगनबाड़ी केंद्र सुबह 7:30 बजे से दोपहर 11:30 बजे तक ही संचालित किए जाएंगे।
सरकार का यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है, ताकि तेज धूप और अत्यधिक गर्मी से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को सुरक्षित रखा जा सके। दोपहर की चिलचिलाती गर्मी से पहले ही लाभार्थियों को घर भेजने का उद्देश्य लू और गर्मी से होने वाली बीमारियों के खतरे को कम करना है।
इस आदेश के साथ ही विभाग ने सख्त रुख भी अपनाया है। पोषाहार वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी आंगनबाड़ी सेविका या सहायिका द्वारा कर्तव्य में लापरवाही या पोषण सामग्री में गड़बड़ी पाई जाती है, तो उसके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सेविकाओं को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे पोषण वाटिका सहित सभी आवश्यक गतिविधियों को निर्धारित समय के भीतर पूरी जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ पूरा करें।
वहीं, जिला प्रशासन को भी स्थिति के अनुसार निर्णय लेने की छूट दी गई है। यदि आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ती है, तो जिलाधिकारी अपने स्तर पर आंगनबाड़ी केंद्रों के समय में और बदलाव कर सकते हैं। आवश्यकता पड़ने पर केंद्रों को अस्थायी रूप से बंद करने का भी अधिकार दिया गया है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं लिया जाएगा।


