
पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अगुआई वाली एनडीए सरकार में आज मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ। कुल 32 मंत्रियों ने शपथ ली, जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार भी शामिल रहे। मंत्रिमंडल विस्तार में बीजेपी के 15, जेडीयू के 13, एलजेपीआर के 2, हम के 1 और आरएलएम के 1 मंत्री ने शपथ ग्रहण किया।
गांधी मैदान में भव्य समारोह
पटना के गांधी मैदान में आयोजित इस शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई केंद्रीय मंत्री और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहे। इसके अलावा बिहार से आने वाले केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह), जीतनराम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा भी समारोह में शामिल हुए।
समारोह के दौरान कई दिलचस्प नजारे भी देखने को मिले।
कुर्सी को लेकर हुआ मजेदार वाकया
शपथ ग्रहण के दौरान एक खास घटना सामने आई जब पांच मंत्रियों—श्रवण कुमार, विजय कुमार सिन्हा, दिलीप जायसवाल, निशांत कुमार और लेसी सिंह—को एक साथ शपथ के बाद दस्तावेजों पर हस्ताक्षर के लिए बुलाया गया।
राज्यपाल द्वारा मौखिक शपथ दिलाने के बाद सभी को निर्धारित टेबल पर बैठकर हस्ताक्षर करना था। टेबल पर क्रमवार कुर्सियां लगाई गई थीं और हर मंत्री के सामने संबंधित दस्तावेज रखा गया था।
इस दौरान श्रवण कुमार और विजय कुमार सिन्हा अपनी-अपनी कुर्सियों पर बैठ गए। तीसरी कुर्सी पर दिलीप जायसवाल को बैठना था, लेकिन उस पर निशांत कुमार बैठ गए। जब दिलीप जायसवाल पहुंचे तो उन्होंने निशांत कुमार से अपनी कुर्सी छोड़ने को कहा।
बताया गया कि निशांत कुमार ने पहले उन्हें दूसरी कुर्सी पर जाने को कहा, लेकिन बाद में यह स्पष्ट हुआ कि दस्तावेज़ उनके नाम के अनुसार अलग-अलग रखे गए थे। इसके बाद स्थिति साफ होने पर निशांत अपनी निर्धारित कुर्सी पर बैठ गए।
हस्ताक्षर में भी दिखी हल्की मदद
सूत्रों के अनुसार, निशांत कुमार को दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने में कुछ सहायता की भी जरूरत पड़ी। शुरुआत में दिलीप जायसवाल ने उन्हें हस्ताक्षर की प्रक्रिया समझाई, जबकि बाद में लेसी सिंह ने भी उन्हें सही स्थान पर साइन करने में मदद की।
समारोह के दौरान यह हल्का-फुल्का वाकया चर्चा का विषय बना रहा।


