किशोर–किशोरियों को संवारने की पहल.. जीवन कौशल, स्वास्थ्य और नेतृत्व पर चार दिवसीय विशेष प्रशिक्षण संपन्न

पटना, 1 फरवरी।राज्य में किशोर–किशोरियों के सर्वांगीण विकास को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल के तहत चार दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। महिला एवं बाल विकास निगम की ओर से पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के 40 प्रतिभागियों के लिए आयोजित “किशोर–किशोरी जीवन कौशल” विषयक यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पटना स्थित डीएनएस संस्थान में 28 से 31 जनवरी 2026 तक चला।

प्रशिक्षकों को बनाया गया “चेंज मेकर”

इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य राज्य स्तर पर ऐसे दक्ष प्रशिक्षकों को तैयार करना था, जो आगे चलकर किशोर–किशोरियों को जीवन कौशल, स्वास्थ्य जागरूकता, लैंगिक समानता, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक मुद्दों पर मार्गदर्शन दे सकें। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को न केवल जानकारी दी गई, बल्कि उन्हें “रोल मॉडल ट्रेनर” के रूप में तैयार करने पर भी जोर दिया गया।

इन अहम विषयों पर रहा फोकस

चार दिन चले इस प्रशिक्षण में जीवन के कई जरूरी पहलुओं पर गहन चर्चा और अभ्यास कराया गया। इनमें प्रमुख रूप से—

  • किशोर स्वास्थ्य एवं मानसिक स्वास्थ्य
  • पोषण और समान वृद्धि
  • दुर्घटनाओं व जख्मों से सुरक्षा
  • रिश्तों का निर्माण एवं प्रभावी संवाद कौशल
  • बाल विवाह की रोकथाम
  • भविष्य की योजना और नेतृत्व क्षमता विकास

इन सभी विषयों को समूह चर्चा, रोल प्ले, सहभागितापूर्ण गतिविधियों और व्यवहारिक सत्रों के माध्यम से समझाया गया, ताकि प्रतिभागी वास्तविक जीवन में भी इन कौशलों को लागू कर सकें।

प्रतिभागियों ने बताया प्रेरणादायी

प्रशिक्षण के बाद मिले फीडबैक में प्रतिभागियों ने इसे अत्यंत उपयोगी, व्यवहारिक और प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि अब वे किशोर–किशोरियों से संवाद करने की नई तकनीकों, संवेदनशील मुद्दों पर सकारात्मक दृष्टिकोण और नेतृत्व विकास के तरीकों को अपने कार्यक्षेत्र में अपनाएंगे।

विशेषज्ञों ने किया मार्गदर्शन

कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास निगम की प्रबंधक (क्षमता वर्धन) रश्मि रंजन, राज्य परियोजना प्रबंधक अंकिता कश्यप, यूनिसेफ के वरिष्ठ परामर्शी (एसबीसी) सुधाकर सिन्हा और प्रशिक्षक दल ने प्रतिभागियों को आगे अपने विद्यालयों और संस्थानों में इस प्रशिक्षण को लागू करने की कार्ययोजना बनाने में सहयोग किया।

निगम का भरोसा

महिला एवं बाल विकास निगम के सचिव-सह-प्रबंध निदेशक ने प्रशिक्षण के सफल आयोजन पर संतोष जताते हुए कहा कि ऐसे क्षमता वर्धन कार्यक्रम राज्य के किशोर–किशोरियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक मजबूत कदम हैं। भविष्य में भी इसी तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से प्रशिक्षक समुदाय को और सशक्त बनाया जाएगा।


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