गांधीनगर, 14 सितम्बर 2025 | हिंदी दिवस 2025 के अवसर पर गांधीनगर (गुजरात) में आयोजित पाँचवें अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और गृह राज्यमंत्री बंडी संजय कुमार सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से बनी नई पहलें
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजभाषा हिंदी सहित सभी भारतीय भाषाओं के संरक्षण, संवर्धन और विकास पर विशेष बल दिया है।
- मोदी जी की प्रेरणा से बना भारतीय भाषा अनुभाग अब हिंदी को देश की प्रमुख भाषाओं से जोड़ रहा है।
- ‘सारथी अनुवाद प्रणाली’ आज से शुरू की गई, जिसके माध्यम से हिंदी से भारत की सभी प्रमुख भाषाओं में सरलता से अनुवाद संभव होगा।
- ‘हिंदी शब्दसिंधु’ शब्दकोष 51,000 शब्दों से शुरू हुआ था, अब इसमें 7 लाख से अधिक शब्द हैं और 2029 तक यह दुनिया का सबसे बड़ा शब्दकोष होगा।
हिंदी और भारतीय भाषाएँ पूरक, प्रतिद्वंद्वी नहीं
श्री शाह ने कहा कि हिंदी भारतीय भाषाओं की सखी है और इनके बीच कोई अंतर्द्वंद नहीं है। गुजरात का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यहां महात्मा गांधी, सरदार पटेल और स्वामी दयानंद सरस्वती जैसे नेताओं ने हिंदी को स्वीकार किया और इसके सहअस्तित्व से दोनों भाषाओं का विकास हुआ।
विज्ञान, तकनीक और न्याय की भी भाषा बने हिंदी
अमित शाह ने स्पष्ट किया कि हिंदी सिर्फ बोलचाल और प्रशासन की भाषा तक सीमित न रहे, बल्कि इसे विज्ञान, तकनीक, न्याय और पुलिसिंग की भाषा बनाना होगा। उन्होंने कहा कि जब सरकारी कामकाज भारतीय भाषाओं में होगा तो जनता से सीधा संवाद और मजबूत होगा।
मातृभाषा पर बल
गृह मंत्री ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों से मातृभाषा में संवाद करें और उन्हें मातृभाषा बोलना, पढ़ना और लिखना सिखाएँ। उन्होंने कहा कि जिस देश में बोलचाल की भाषा अपनी न हो, वहाँ स्वाभिमान की अनुभूति अधूरी रह जाती है।
संस्कृत से हिंदी और आगे…
अमित शाह ने कहा कि संस्कृत ने हमें ज्ञान की गंगा दी और हिंदी सहित अन्य भारतीय भाषाओं ने उसे जन-जन तक पहुँचाया। उन्होंने कहा कि आज वह समय आ गया है जब गर्व से कहा जा सकता है कि हिंदी और भारतीय भाषाएँ सिर्फ वर्तमान नहीं, बल्कि भविष्य की भाषाएँ बन रही हैं।
तकनीक और प्रशिक्षण में बड़ा कदम
श्री शाह ने बताया कि राजभाषा विभाग की ओर से:
- अब तक 3 लाख 28 हजार कर्मियों को हिंदी का प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
- 40 हजार कर्मचारियों को टंकण, 1918 को आशुलिपि और 13 हजार कर्मचारियों को अनुवाद का प्रशिक्षण मिला है।
- JEE, NEET और UGC जैसी राष्ट्रीय परीक्षाएँ अब 12 भाषाओं में आयोजित की जा रही हैं।
- केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) की परीक्षाएँ भी अब 12 भाषाओं में ली जाती हैं।
निष्कर्ष
हिंदी दिवस 2025 पर दिए गए अमित शाह के भाषण ने स्पष्ट कर दिया कि आने वाले वर्षों में हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं को शिक्षा, तकनीक, प्रशासन और न्याय जैसे क्षेत्रों में और अधिक मजबूती के साथ स्थान दिलाने की ठोस पहलें की जा रही हैं।


