बिहार में राजस्व कर्मियों की हड़ताल के बीच सरकार की नई व्यवस्था, जमीन से जुड़े काम नहीं होंगे प्रभावित

सीओ और राजस्व कर्मियों की हड़ताल के बीच पंचायत सचिव और बीडीओ को सौंपी गई जिम्मेदारी, सरकार ने जारी किए निर्देश

पटना। बिहार में अंचलाधिकारी (सीओ) और राजस्व कर्मियों की चल रही हड़ताल के बीच राज्य सरकार ने आम लोगों को राहत देने के लिए नई व्यवस्था लागू कर दी है। सरकार का कहना है कि हड़ताल के बावजूद जमीन से जुड़े जरूरी काम प्रभावित नहीं होने दिए जाएंगे और इसके लिए वैकल्पिक प्रशासनिक व्यवस्था तैयार कर दी गई है।

डिप्टी सीएम सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने गुरुवार को कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि आम लोगों को जमीन से जुड़े कामों में किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंचल स्तर पर दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ई-मापी और अन्य राजस्व कार्य जारी रखने के लिए प्रशासनिक स्तर पर वैकल्पिक व्यवस्था लागू की गई है।

पंचायत सचिवों को सौंपी गई जिम्मेदारी

सरकार की नई व्यवस्था के तहत राजस्व कर्मचारियों के जिम्मे आने वाले कई कार्य अब पंचायत सचिवों को सौंप दिए गए हैं। वहीं जिन अंचलों में अंचलाधिकारी और राजस्व अधिकारी दोनों हड़ताल पर हैं, वहां उनके कामकाज की जिम्मेदारी प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) को दी गई है।

सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जमीन से जुड़े जरूरी कार्य समय पर पूरे होते रहें और आम जनता को किसी तरह की परेशानी न हो।

मार्च में बढ़ जाता है जमीन से जुड़े कामों का दबाव

राजस्व विभाग के अनुसार मार्च का महीना जमीन से जुड़े मामलों के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है। इस समय बड़ी संख्या में लोग दाखिल-खारिज, जमीन के रिकॉर्ड में सुधार, परिमार्जन और ई-मापी जैसे कार्यों के लिए आवेदन करते हैं।

अगर इस दौरान कामकाज ठप हो जाए तो आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने पहले ही सभी जिलों को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए थे कि किसी भी स्थिति में जमीन से जुड़े कार्य बाधित नहीं होने चाहिए।

जिलों से मांगी गई रिपोर्ट

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सभी जिलों से अंचल स्तर पर कर्मचारियों और पदाधिकारियों की उपस्थिति की रिपोर्ट भी मांगी है। इन रिपोर्टों के आधार पर यह समीक्षा की जा रही है कि किन-किन अंचलों में हड़ताल के कारण कामकाज प्रभावित हो रहा है।

जहां भी काम प्रभावित होने की आशंका है, वहां तुरंत वैकल्पिक अधिकारियों की तैनाती की जा रही है ताकि राजस्व सेवाएं सुचारु रूप से चलती रहें।

9 मार्च से जारी है हड़ताल

दरअसल राज्य के अंचलाधिकारी और राजस्व विभाग से जुड़े कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 9 मार्च से हड़ताल पर हैं। उनकी प्रमुख मांगों में अंचलाधिकारियों को डीसीएलआर (डिप्टी कलेक्टर लैंड रिफॉर्म्स) के पद पर तैनाती देने की मांग शामिल बताई जा रही है।

इसके अलावा विभाग से जुड़े अन्य कर्मचारी भी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन में शामिल हैं, जिसके कारण कई जिलों में काम प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही थी।

सरकार ने दी चेतावनी

इससे पहले डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने हड़ताल कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि सरकार उनकी मांगों पर बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन हड़ताल का रास्ता सही नहीं है।

सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि यदि कर्मचारी जल्द काम पर वापस नहीं लौटते हैं तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि फिलहाल सरकार का दावा है कि नई व्यवस्था के कारण अंचलों में जमीन से जुड़े सभी जरूरी कार्य जारी रहेंगे और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।

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