जंतर-मंतर प्रदर्शन के बीच मोदी सरकार की राहुल गांधी और विपक्ष से अपील, बोली- राजनीति छोड़िए, संसद में चर्चा कीजिए

नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने विपक्ष, विशेषकर राहुल गांधी और अन्य विपक्षी दलों से राजनीति से ऊपर उठकर संसद में चर्चा करने की अपील की है। इससे पहले केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह भी आंदोलनकारी पक्ष से बातचीत की पहल कर चुके हैं।

अब केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया है कि पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ सबसे सख्त कार्रवाई होगी और मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे।

“राजनीति नहीं, चर्चा हो”

पीयूष गोयल ने विपक्ष से अपील करते हुए कहा कि छात्रों के मुद्दे को राजनीतिक लाभ का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, “कांग्रेस और विपक्ष से आग्रह है कि इस मुद्दे का राजनीतिकरण न करें। संसद में चर्चा से भागने के बजाय चर्चा के जरिए समाधान निकालें। हम सब मिलकर युवाओं के भविष्य के लिए काम करें।”

उन्होंने राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं से युवाओं के हित को प्राथमिकता देने की भी अपील की।

“सरकार युवाओं की भावनाओं को समझती है”

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि सरकार छात्रों की भावनाओं और उनकी चिंताओं को गंभीरता से ले रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं से जुड़े हर मुद्दे पर सकारात्मक पहल के लिए तैयार है, लेकिन कुछ राजनीतिक दल छात्रों की भावनाओं का इस्तेमाल अपने राजनीतिक हितों के लिए करने की कोशिश कर रहे हैं।

शेखावत ने छात्रों से भी अपील की कि वे किसी के बहकावे में न आएं और अपने भविष्य को ध्यान में रखकर निर्णय लें।

प्रह्लाद जोशी ने विपक्ष से पूछा सवाल

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि पेपर लीक की घटनाएं केवल वर्तमान समय की समस्या नहीं हैं, बल्कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान भी कई राज्यों में ऐसे मामले सामने आए थे।

उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए कानून बनाया है और अब दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने विपक्ष से पूछा कि पिछली सरकारों के दौरान हुई घटनाओं में जिम्मेदारी क्यों तय नहीं की गई।

सरकार का जोर संवाद पर

केंद्र सरकार लगातार यह संदेश दे रही है कि वह पेपर लीक और छात्रों से जुड़े सभी मुद्दों पर संसद में चर्चा और संवाद के लिए तैयार है। दूसरी ओर विपक्ष शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और जवाबदेही तय करने की मांग पर कायम है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि वार्ता के प्रयास सफल होते हैं या आंदोलन और राजनीतिक टकराव आगे बढ़ता है।

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