‘रील क्रांति’ बनाम सरकार: जंतर-मंतर से सोशल मीडिया तक गूंजा छात्रों का आंदोलन, Gen-Z ने बदला विरोध का तरीका

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में NEET पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर जारी छात्र आंदोलन अब केवल सड़कों तक सीमित नहीं रह गया है। जंतर-मंतर से शुरू हुआ विरोध अब सोशल मीडिया पर भी व्यापक रूप ले चुका है, जहां हजारों छात्र वीडियो, रील, मीम और पोस्ट के जरिए अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।

लाठीचार्ज के बीच रिकॉर्ड हुई ‘रील’

20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प के दौरान कई छात्र घटनास्थल के वीडियो रिकॉर्ड करते रहे। इन्हीं में 18 वर्षीय अवंशिका सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना, जिसमें उन्होंने अफरा-तफरी के बीच पूरे घटनाक्रम को रिकॉर्ड कर बाद में इंस्टाग्राम पर साझा किया। इस तरह के कई वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हुए और आंदोलन की डिजिटल पहचान बन गए।

सोशल मीडिया बना आंदोलन का नया मंच

प्रदर्शन में शामिल छात्रों का कहना है कि यदि उनकी आवाज मुख्यधारा के मीडिया में पर्याप्त जगह नहीं पा रही, तो सोशल मीडिया उनके लिए सबसे प्रभावी मंच है। जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन से जुड़े वीडियो, मीम और व्यंग्यात्मक पोस्ट विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में साझा किए जा रहे हैं।

प्रदर्शन के दौरान कुछ युवाओं ने सुपरहीरो की वेशभूषा पहनकर, जापानी मंगा वन पीस से जुड़े पोस्टर लेकर और पुलिसकर्मियों को फूल देकर भी अपना विरोध दर्ज कराया।

छात्रों की प्रमुख मांगें

आंदोलन का नेतृत्व कर रही CJP ने अपनी प्रमुख मांगें दोहराई हैं—

  • केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें।
  • आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर और कानूनी कार्रवाई वापस ली जाए।
  • पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों के लिए मुआवजे की व्यवस्था की जाए।

NEET विवाद से शुरू हुआ आंदोलन

छात्रों का कहना है कि लगातार सामने आए कथित पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं ने लाखों अभ्यर्थियों का भरोसा कमजोर किया है। इसी पृष्ठभूमि में यह आंदोलन शुरू हुआ, जो अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।

दिल्ली में सुरक्षा बढ़ी

प्रदर्शनों को देखते हुए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र राजधानी के कई इलाकों में अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है।

सरकार और CJP के बीच जारी है बयानबाज़ी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और पेपर लीक मामलों में दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे।

दूसरी ओर, CJP का कहना है कि केवल सख्त सजा का आश्वासन पर्याप्त नहीं है। संगठन का आग्रह है कि जवाबदेही तय हो और उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय लिए जाएं। इससे स्पष्ट है कि आंदोलन के साथ-साथ सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बयानबाज़ी और संवाद की प्रक्रिया दोनों जारी हैं।

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