
नई दिल्ली: NEET पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन लगातार जारी है। इसी बीच केंद्र सरकार की ओर से बातचीत के संकेत मिलने के बाद पूरे घटनाक्रम ने नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार प्रदर्शनकारी छात्रों और CJP प्रतिनिधियों से अगले दौर की बातचीत के लिए तैयार है और जल्द ही इस पर निर्णय लिया जा सकता है।
सरकार ने दिए सकारात्मक संकेत
सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार बातचीत के रास्ते को खुला रखना चाहती है और आंदोलनकारी पक्ष के साथ आगे की रणनीति पर विचार किया जा रहा है। हालांकि अभी तक किसी नई बैठक की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन संकेत हैं कि दोनों पक्षों के बीच संवाद का सिलसिला जारी रह सकता है।
जेपी नड्डा से हुई थी पहली औपचारिक मुलाकात
सोमवार को संसद मार्च के दौरान CJP के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा था। बैठक के बाद नड्डा ने बातचीत को सकारात्मक और रचनात्मक बताते हुए प्रदर्शनकारियों से आंदोलन समाप्त कर सामान्य स्थिति बहाल करने में सहयोग की अपील की थी। हालांकि अब तक किसी मांग पर औपचारिक सहमति नहीं बन सकी है।
जंतर-मंतर पर जारी रहेगा आंदोलन
CJP ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल जंतर-मंतर पर धरना और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। संगठन ने यह भी कहा है कि आगे संसद की ओर मार्च नहीं निकाला जाएगा, ताकि किसी तरह की हिंसा या टकराव की स्थिति से बचा जा सके।
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस का कहना है कि संसद मार्च के दौरान हुई झड़प में 100 से अधिक पुलिसकर्मी और कई प्रदर्शनकारी घायल हुए। पुलिस ने हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में कई एफआईआर दर्ज की हैं और कई लोगों को हिरासत में भी लिया है।
पुलिस कार्रवाई पर CJP के आरोप
आंदोलनकारी नेताओं ने दिल्ली पुलिस पर प्रदर्शन के दौरान आवश्यकता से अधिक बल प्रयोग करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकने के लिए लाठीचार्ज और अन्य सख्त कदम उठाए गए। वहीं पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई।
24वें दिन भी जारी है सोनम वांगचुक का अनशन
इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 24वें दिन भी अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर डटे हुए हैं। उन्होंने कहा है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, सोनम वांगचुक की रिहाई तथा NEET पेपर लीक से जुड़े मामलों में जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग शामिल है।
हाई कोर्ट की निगरानी में इलाज
इधर, दिल्ली हाई कोर्ट में वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर सुनवाई जारी है। अदालत ने उनकी पत्नी की याचिका पर बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। डॉक्टरों के अनुसार, लंबे अनशन के बावजूद उनके प्रमुख स्वास्थ्य मानक फिलहाल स्थिर हैं, हालांकि उनकी स्थिति पर लगातार चिकित्सकीय निगरानी रखी जा रही है।


