सीतामढ़ी में मिट्टी घोटाले का आरोप, बीजेपी विधायक ने जल संसाधन विभाग के इंजीनियरों को बनाया बंधक

बिहार के सीतामढ़ी जिले में अवैध मिट्टी कटाई को लेकर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। जल संसाधन विभाग से जुड़े एक निर्माण कार्य में कथित घोटाले के आरोपों की जांच करने पहुंचे विभागीय अधिकारियों को बीजेपी विधायक बैद्यनाथ प्रसाद और ग्रामीणों ने बंधक बना लिया। मामला सुप्पी प्रखंड के जमला इलाके का है, जहां तटबंध मरम्मत के नाम पर बड़े पैमाने पर मिट्टी कटाई का आरोप लगाया गया है।

विधायक का गंभीर आरोप

बीजेपी विधायक बैद्यनाथ प्रसाद ने आरोप लगाया कि अभियंता, सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता के आपसी गठजोड़ से निर्माण एजेंसी ने करीब 5000 हाइवा मिट्टी की अवैध कटाई की है। विधायक के मुताबिक उन्होंने इसकी लिखित शिकायत पहले ही जिलाधिकारी से की थी, जिसके बाद डीएम के निर्देश पर जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता जांच के लिए मौके पर पहुंचे।

विधायक ने कहा कि कार्यपालक अभियंता ने मिट्टी कटाई की बात स्वीकार की, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि यह कार्रवाई नियमों के अनुरूप थी या नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब साक्ष्य सामने होने के बावजूद अधिकारी स्पष्ट जवाब नहीं दे रहे हैं, तो इससे साफ है कि इस आर्थिक अपराध में पूरी टीम की संलिप्तता है। इसी आधार पर उन्होंने अधिकारियों को मौके पर ही रोके रखा।

क्या है पूरा मामला

ग्रामीणों और विधायक का आरोप है कि जिस तटबंध की मरम्मत होनी थी, वहां नियमों को ताक पर रखकर जेसीबी मशीनों से मिट्टी काटी गई। यह मिट्टी ट्रैक्टरों और हाइवा के जरिए बाहर भेजी गई और संवेदकों द्वारा बेच दी गई। आरोप है कि यह सब विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से हुआ है और करोड़ों रुपये की सरकारी संपत्ति का नुकसान हुआ है।

डीएम से की गई थी शिकायत

इस पूरे मामले को लेकर विधायक बैद्यनाथ प्रसाद ने पहले सीतामढ़ी के जिलाधिकारी रिची पांडेय को लिखित शिकायत दी थी। इसके बाद जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम जांच के लिए जमला पहुंची, लेकिन जांच की प्रक्रिया से असंतुष्ट ग्रामीणों और विधायक ने अधिकारियों को घेर लिया और जवाबदेही की मांग की।

मौके पर तनावपूर्ण स्थिति

घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। स्थानीय प्रशासन के वरीय अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर हालात को सामान्य करने का प्रयास कर रहे हैं। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।

अधिकारियों का पक्ष

खनन पदाधिकारी प्रशांत कुमार ने कहा कि जल संसाधन विभाग द्वारा कार्य कराया जा रहा है। यदि इस संबंध में कोई शिकायत मिलती है, तो जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं एसडीपीओ सदर राजीव रंजन सिंह ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी मिल रही है और तथ्यों की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि सरकारी गाइडलाइन के खिलाफ कोई काम हुआ है, तो संबंधित लोगों पर कार्रवाई तय है।


 

  • Related Posts

    503 कार्टन शराब छोड़ने के बदले 10 लाख की डील! वर्दी पर दाग—वायरल वीडियो से बेतिया पुलिस में हड़कंप

    Share Add as a preferred…

    Continue reading