मुजफ्फरपुर में किसान की हत्या का आरोप: दरोगा पर सवाल, मेडल सूची को लेकर सियासी घमासान

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गायघाट थाना क्षेत्र में एक किसान की गोली मारकर हत्या किए जाने का आरोप एक पुलिस अधिकारी पर लगाया गया है। मृतक की पहचान स्वर्गीय जगतवीर राय के रूप में हुई है।

नेता प्रतिपक्ष Tejashwi Yadav ने इस घटना को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि नशे की हालत में एक दरोगा ने किसान की उनके घर में घुसकर हत्या कर दी। साथ ही उन्होंने इसे कानून-व्यवस्था की गंभीर विफलता बताया।

तेजस्वी यादव ने यह भी दावा किया कि आरोपी पुलिस अधिकारी फिलहाल फरार है और कथित तौर पर एक शराब कारोबारी के घर में छिपा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन उस तक पहुंचने में असफल है या कार्रवाई करने से बच रहा है।

इस मामले में एक और विवाद तब खड़ा हो गया जब तिरहुत रेंज की ओर से जारी एक सूची सामने आई, जिसमें उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को “वीर पशुपतिनाथ मेडल” से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है। इस सूची में गायघाट थाना के थानाध्यक्ष का नाम भी शामिल बताया जा रहा है। प्रस्तावित कार्यक्रम 9 अप्रैल 2026 को आयोजित होना है।

विपक्ष ने इसे बेहद संवेदनहीन बताते हुए सरकार की आलोचना की है। उनका कहना है कि जिस अधिकारी पर हत्या जैसे गंभीर आरोप हैं, उसे सम्मानित करने की तैयारी करना गलत संदेश देता है।

वहीं, सत्तापक्ष की ओर से इस मामले में अब तक कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पुलिस प्रशासन की कार्रवाई और जांच की स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है।

इस घटना के बाद मुजफ्फरपुर में स्थानीय लोगों में आक्रोश का माहौल है। विपक्षी दलों ने न्याय की मांग को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कदम उठाता है और क्या मेडल सूची पर पुनर्विचार किया जाता है।

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