
पटना: बिहार के राशन कार्ड धारकों के लिए बेहद जरूरी खबर है। सरकार ने एक बार फिर राहत देते हुए ई-केवाईसी (E-KYC) की अंतिम तारीख बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दी है। लेकिन साफ कर दिया गया है कि इस तारीख के बाद बिना ई-केवाईसी वाले लाभार्थियों का राशन बंद किया जा सकता है।
क्यों जरूरी है E-KYC?
सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए ई-केवाईसी को अनिवार्य कर रही है।
दरअसल, जांच में सामने आया है कि कई लोग फर्जी तरीके से राशन ले रहे हैं। कहीं मृत व्यक्तियों के नाम पर राशन उठाया जा रहा है, तो कहीं एक ही आधार कार्ड से कई राशन कार्ड जुड़े पाए गए हैं।
अब 30 अप्रैल तक आखिरी मौका
पहले ई-केवाईसी की अंतिम तिथि 30 मार्च तय की गई थी, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों द्वारा प्रक्रिया पूरी नहीं करने के कारण इसे बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दिया गया है।
सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि यह आखिरी मौका है और इसके बाद किसी भी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी।
नहीं कराया तो क्या होगा?
यदि कोई लाभार्थी 30 अप्रैल तक अपना बायोमेट्रिक ई-केवाईसी पूरा नहीं कराता है, तो:
- उसका नाम राशन कार्ड सूची से हटाया जा सकता है
- डीलर की मशीन पर नाम दिखना बंद हो जाएगा
- राशन मिलना पूरी तरह बंद हो सकता है
कैसे कराएं E-KYC?
लाभार्थी आसानी से अपना ई-केवाईसी करवा सकते हैं:
- नजदीकी राशन डीलर के पास जाकर
- आधार कार्ड के साथ बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट) अपडेट कराकर
- जन सुविधा केंद्र (CSC) पर जाकर
सरकार का उद्देश्य क्या है?
इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल वास्तविक और जरूरतमंद लोगों को ही राशन योजना का लाभ मिले।
ई-केवाईसी के जरिए फर्जी और डुप्लीकेट लाभार्थियों को सिस्टम से बाहर किया जाएगा।
लाभार्थियों के लिए जरूरी सलाह
सरकार और प्रशासन ने सभी राशन कार्ड धारकों से अपील की है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार न करें और जल्द से जल्द अपना ई-केवाईसी पूरा करा लें, ताकि राशन मिलने में कोई परेशानी न हो।


