2022 की बेऊर जेल छापेमारी से जुड़ा मामला साबित नहीं हुआ
पटना। बिहार चुनाव से पहले मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह को पटना की एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। उन्हें जेल में मोबाइल और सिगरेट रखने के आरोपों में सबूतों के अभाव के कारण बरी कर दिया गया।
मामले का इतिहास
- यह मामला 2022 में बेऊर जेल में हुई छापेमारी से जुड़ा था।
- उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 188, 414, 353 और प्रिजनर एक्ट की धारा 52 के तहत केस दर्ज किया गया था।
- अभियोजन पक्ष ने मामले में पांच गवाहों का बयान दर्ज कराया, लेकिन आरोप साबित नहीं हो सके।
कोर्ट का निर्णय
- कोर्ट ने कहा कि साक्ष्यों की कमी के कारण आरोप सिद्ध नहीं किए जा सके।
- इस फैसले के बाद अनंत सिंह राजनीतिक गतिविधियों और चुनावी तैयारियों में सक्रिय हो सकते हैं।
विशेष टिप्पणी
विशेषज्ञों का कहना है कि चुनाव से पहले यह फैसला अनंत सिंह के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब वे अपने राजनीतिक अभियान में पूरी तरह मुक्त और सक्रिय रूप से भाग ले सकेंगे।


