पटना। बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की करारी हार के बाद आरजेडी के वरिष्ठ नेता और पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी लगातार तेजस्वी यादव की शैली और फैसलों पर सवाल उठा रहे हैं। सोशल मीडिया पर एक बार फिर उन्होंने तेजस्वी को सीधे निशाने पर लिया है और सलाह दी है कि वे नेता नहीं, कार्यकर्ता की तरह लोगों के बीच जाएँ।
“तेजस्वी तुरंत बिहार लौटें, लोगों से बराबरी से मिलें”
तिवारी ने अपने पोस्ट में लिखा—
“मेरी सलाह साफ है—तेजस्वी तुरंत बिहार लौटो। नेता की तरह नहीं, कार्यकर्ता की तरह घूमो। लोगों से बराबरी से मिलो, साहब की तरह नहीं। तभी पार्टी और तुम्हारा भविष्य बचेगा। समय किसी का इंतजार नहीं करता।”
वे लिखते हैं कि चुनावी हार के बाद कार्यकर्ताओं का मनोबल नेता की मौजूदगी से ही बना रहता है, लेकिन तेजस्वी ने “मैदान छोड़ दिया” और कार्यकर्ताओं को निराश किया।
“जीत-हार आती-जाती है, लेकिन उसे स्वीकारने का तरीका नेतृत्व दिखाता है”
तिवारी ने तेजस्वी को याद दिलाया कि वे लालू प्रसाद यादव के राजनीतिक उत्तराधिकारी हैं और पार्टी की पूरी कमान उनके हाथ में है। वे लिखते हैं—
“हारने वाले नेता की जिम्मेदारी और बड़ी होती है। उसे अपने समर्थकों का मनोबल ऊँचा रखना होता है।”
उन्होंने कहा कि चुनावी नतीजों के बाद तेजस्वी को कार्यकर्ताओं से मिलना चाहिए था, बातचीत करनी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।
“तेजस्वी ने वही गलती दोहराई जो लालू ने की”
शिवानंद तिवारी ने अपने पोस्ट में एक पुरानी सलाह का जिक्र भी किया। उन्होंने लिखा—
“मैंने तेजस्वी से कहा था कि उनके पिता उनके अच्छे गुरु नहीं हो सकते। 90 के दशक का उनका जनसमर्थन अनोखा था, लेकिन वही करिश्मा जल्दी खत्म भी हो गया। तेजस्वी ने उससे बेहतर किया था, वे नेता प्रतिपक्ष बने। लेकिन हार के बाद वे गायब हो गए—यह नेतृत्व नहीं।”
“हमने 7 सीटें मिलीं तब भी मैदान नहीं छोड़ा”
समता पार्टी के शुरुआती दिनों का जिक्र करते हुए तिवारी ने लिखा—
“पहले चुनाव में हमें सिर्फ 7 सीटें मिली थीं, लेकिन हमने हारकर मैदान नहीं छोड़ा। तेजस्वी दो दिन भी नहीं टिक पाए।”
उन्होंने कहा कि आरजेडी कार्यालय में समीक्षा बैठकों में मंगनीलाल मंडल जैसे नेता कार्यकर्ताओं की सुनते हैं, लेकिन कई नेता सिर्फ वही बात कहते थे जो तेजस्वी को अच्छी लगती थी, जिससे “सच्चाई छिपी रहती थी”।
बीजेपी ने साधा निशाना: ‘तेजस्वी कायराना अंदाज में भागे’
शिवानंद तिवारी के बयान पर बीजेपी ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय मयूख ने कहा—
“तेजस्वी यादव पहले से ही रणछोड़ थे। विपक्ष की भूमिका भी निभाने में नाकाम साबित हो रहे हैं। राजद में हार का हाहाकार मचा है।”
उन्होंने तंज करते हुए कहा—
“इंडी गठबंधन हवा महल बन चुका है और अब टुकड़ा-टुकड़ा होता जा रहा है। इंतजार कीजिए, और भी राज खुलेंगे।”


