पटना। दरभंगा जिले की अलीनगर विधानसभा सीट से विधायक रहे मिश्रीलाल यादव को पटना हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। 2019 के एक मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद उनकी विधायकी समाप्त हो गई थी, लेकिन अब उच्च न्यायालय ने निचली अदालत का फैसला रद्द कर दिया है। इसके बाद मिश्रीलाल यादव ने विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव से मुलाकात कर सदस्यता बहाल करने की मांग की है।
हाईकोर्ट ने सजा को किया निरस्त
पटना हाईकोर्ट ने मिश्रीलाल यादव के खिलाफ दरभंगा की विशेष अदालत (एमपी-एमएलए कोर्ट) के फैसले को खारिज कर दिया है। अदालत के इस निर्णय के बाद उनकी सदस्यता बहाल होने का रास्ता साफ हो गया है।
“माननीय पटना उच्च न्यायालय ने सिविल कोर्ट के फैसले को रद्द कर दिया है। ऐसे में आज हमने विधानसभा अध्यक्ष से मिलकर उस फैसले की जानकारी दी है। मेरी सदस्यता फिर से बहाल हो जाएगी।”
— मिश्रीलाल यादव, पूर्व विधायक, अलीनगर
विधानसभा अध्यक्ष के निर्णय का इंतजार
मिश्रीलाल यादव ने पटना हाईकोर्ट के आदेश की प्रति विधानसभा सचिवालय को सौंप दी है। अब उनकी सदस्यता को लेकर अंतिम निर्णय विधानसभा अध्यक्ष द्वारा लिया जाएगा। मिश्रीलाल का कहना है कि उन्हें न्याय मिलने की खुशी है और उन्होंने झूठे मुकदमे को राजनीतिक साजिश करार दिया।
“साजिश के तहत मुझे झूठे मामले में फंसाया गया था, लेकिन अंततः सत्य की जीत हुई है।”
— मिश्रीलाल यादव
कोर्ट के फैसले से गई थी सदस्यता
2019 के एक आपराधिक मामले में दोषी ठहराते हुए विशेष अदालत ने मिश्रीलाल यादव को दो साल की सजा सुनाई थी, जिसके कारण उनकी विधायकी समाप्त कर दी गई थी। उस समय मामला काफी चर्चा में रहा था, खासकर जब 2024 में नीतीश सरकार ने विश्वास मत हासिल किया और मिश्रीलाल ने एनडीए के पक्ष में मतदान किया।
राजनीतिक सफर
- 2020 में अलीनगर सीट से विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के टिकट पर विधायक चुने गए थे।
- बाद में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सदस्यता ग्रहण कर ली।
- इससे पहले वे मुखिया और विधान पार्षद रह चुके हैं।
- 2025 के चुनाव में भी वे भाजपा के टिकट पर अपनी दावेदारी जता रहे हैं।


