रेलवे का बड़ा कदम — अब अधिक यात्रियों को मिलेगा यात्रा का मौका, बढ़ेगी सीटों की संख्या
कोलकाता, 31 अक्टूबर 2025। यात्रियों की सुविधा और यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने के उद्देश्य से भारतीय रेल ने पांच प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों में अतिरिक्त कोच जोड़ने का निर्णय लिया है। इन कोचों की बढ़ोतरी से अधिक संख्या में यात्रियों को सीटें उपलब्ध होंगी और त्योहारों एवं भीड़ के मौसम में टिकट की दिक्कत काफी हद तक कम होगी।
रेलवे के अनुसार, यात्रियों की लगातार बढ़ती मांग को देखते हुए विभिन्न श्रेणियों के एसी और स्लीपर क्लास कोच स्थायी रूप से या अस्थायी तौर पर जोड़े जा रहे हैं।
इन ट्रेनों में जोड़े गए अतिरिक्त कोच:
- मालदा टाउन – दीघा – मालदा टाउन एक्सप्रेस (13418/13417)
- एक अतिरिक्त AC 3-टियर इकोनॉमी और स्लीपर क्लास कोच स्थायी रूप से जोड़े जाएंगे।
- प्रभावी तिथि: 6 नवंबर 2025 से।
- प्रत्येक यात्रा में 152 अतिरिक्त बर्थ उपलब्ध होंगी।
- ट्रेन अब 14 की जगह 16 कोचों के साथ चलेगी।
- भागलपुर – मुजफ्फरपुर – भागलपुर एक्सप्रेस (13419/13420)
- एक अतिरिक्त AC 3-टियर इकोनॉमी और स्लीपर क्लास कोच स्थायी रूप से जोड़े जाएंगे।
- प्रभावी तिथि: 6 नवंबर 2025 से।
- प्रत्येक यात्रा में 152 अतिरिक्त बर्थ मिलेंगी।
- ट्रेन अब 17 की जगह 19 कोचों के साथ चलेगी।
- मदार जंक्शन – कोलकाता – मदार जंक्शन वीकली एक्सप्रेस (19608/19607)
- एक अतिरिक्त AC 2-टियर कोच अस्थायी रूप से जोड़ा गया।
- अवधि: 3 नवंबर 2025 से 24 नवंबर 2025 तक (मदार से) और 6 नवंबर 2025 से 27 नवंबर 2025 तक (कोलकाता से)।
- प्रत्येक यात्रा में 52 अतिरिक्त बर्थ की सुविधा।
- अजमेर – सियालदह – अजमेर एक्सप्रेस (12987/12988)
- एक अतिरिक्त AC फर्स्ट क्लास कोच अस्थायी रूप से जोड़ा गया।
- अवधि: 1 नवंबर 2025 से 30 नवंबर 2025 तक (अजमेर से) और 2 नवंबर 2025 से 1 दिसंबर 2025 तक (सियालदह से)।
- प्रत्येक यात्रा में 18 अतिरिक्त बर्थ जोड़ी जाएंगी।
- बीकानेर – कोलकाता – बीकानेर एक्सप्रेस (12495/12496)
- एक अतिरिक्त AC 3-टियर इकोनॉमी और स्लीपर क्लास कोच अस्थायी रूप से जोड़े गए।
- अवधि: 6 नवंबर 2025 से 27 नवंबर 2025 तक (बीकानेर से) और 7 नवंबर 2025 से 28 नवंबर 2025 तक (कोलकाता से)।
- प्रत्येक यात्रा में 152 अतिरिक्त बर्थ जोड़ी जाएंगी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह निर्णय यात्रियों की सुविधा और ट्रेनों में भीड़ को नियंत्रित करने की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम है। इससे त्योहारों के दौरान लंबी प्रतीक्षा सूची में कमी आने की उम्मीद है।


