पंचतत्व में विलीन हुए आचार्य किशोर कुणाल

पूर्व आईपीएस अधिकारी और धार्मिक न्यास बोर्ड के संस्थापक आचार्य किशोर कुणाल का अंतिम संस्कार हाजीपुर के कौनहारा घाट पर हुआ। बेटे सायन कुणाल ने उन्हें मुखाग्नि दी।

इससे पहले आचार्य किशोर कुणाल का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए पटना के महावीर मंदिर में करीब डेढ़ घंटे के लिए रखा गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग आचार्य किशोर कुणाल को श्रद्धांजलि देने महावीर मंदिर पहुंचे। बिहार सरकार में मंत्री और समधी अशोक चौधरी ने अर्थी को गाड़ी से मंदिर तक कंधा दिया।

मंदिर में श्रद्धांजलि देने मंत्री नितिन नवीन भी पहुंचे, उन्होंने आचार्य किशोर के निधन को निजी क्षति बताया। अंतिम दर्शन के दौरान पास बैठीं उनकी पत्नी अनिता कुमारी गुमसुम दिखीं। वहीं बेटे-बहू फूट-फूट कर रोते दिखे।

महावीर मंदिर का विशेष द्वार खोल कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। किशोर कुणाल ने ही इस मंदिर वो इतना भव्य बनवाया था। पटना में रहते थे तो महावीर मंदिर की आरती में जरूर शामिल होते थे। आज उनके पार्थिव शरीर को आरती दिखाई गई।

कल हार्ट अटैक से हुआ निधन

रविवार की सुबह 8 बजे हार्ट अटैक आने से आचार्य किशोर कुणाल का निधन हो गया। वह 74 वर्ष के थे। सांस लेने में तकलीफ होने पर उन्हें देर रात 2 बजे महावीर वात्सल्य अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

वे 1972 बैच के (गुजरात कैडर) के आईपीएस थे, बाद में पुलिस सेवा छोड़ सामाजिक-धार्मिक कार्यों को अपने जीवन का मिशन बनाया और अंतिम सांस तक इसी में लगे रहे। वे इन दिनों रामो विग्रहवान धर्म: नामक पुस्तक लिख रहे थे। यह उनके द्वारा लिखी गई अंतिम पुस्तक होगी।

राजनीतिक, धार्मिक और सामाजिक लोगों ने भी दुख व्यक्त किया। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, पूर्णिया सांसद पप्पू यादव, जदयू, बीजेपी और राजद के कई नेता उनके अंतिम दर्शन के लिए आवास पर पहुंचे थे।

  • ये भी पढ़े..

    एलडीपी क्रिकेट क्लब के खिलाड़ियों को मिला नया ड्रेस सेट, अनुशासन और मेहनत को बताया सफलता की कुंजी

    Share Add as a preferred…

    डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह विवाद पर स्वास्थ्य विभाग का जवाब, जांच कमिटी गठित कर कार्रवाई की तैयारी

    Share Add as a preferred…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *