
मालदा/अभयपुर: भारतीय रेल के “स्वच्छ रेल, स्वच्छ भारत” मिशन को मजबूत करने की दिशा में रविवार को अभयपुर रेलवे स्टेशन और उसके आसपास के क्षेत्रों में विशेष स्वच्छता एवं जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। जमालपुर–किऊल रेलखंड स्थित अभयपुर स्टेशन पर आयोजित इस अभियान में रेलवे अधिकारियों, स्थानीय प्रशासन, पंचायत प्रतिनिधियों, एनसीसी कैडेट्स और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लेकर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
यह अभियान मालदा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन और वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता (EnHM) प्रदीप दास के नेतृत्व में आयोजित किया गया। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि भारतीय रेल केवल यात्री सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरणीय स्थिरता और स्वच्छता को लेकर भी लगातार गंभीर प्रयास कर रही है।
रेलवे स्टेशन और ट्रैक पर चलाया गया सफाई अभियान
अभियान के दौरान अभयपुर रेलवे स्टेशन परिसर, रेलवे ट्रैक, स्टेशन पहुंच मार्ग और आसपास के उन क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाया गया जहां अक्सर कचरा जमा होने की शिकायत मिलती थी।
रेलवे कर्मचारियों और स्वयंसेवकों ने मिलकर स्टेशन परिसर से प्लास्टिक, कूड़ा-कचरा और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को हटाया। सफाई के दौरान रेलवे ट्रैक के किनारों और स्टेशन के आसपास स्थित खाली स्थानों को भी साफ किया गया।
अधिकारियों ने कहा कि रेलवे स्टेशन केवल यात्रियों के लिए यात्रा का केंद्र नहीं बल्कि सार्वजनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। ऐसे में वहां स्वच्छता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
स्थानीय लोगों ने भी निभाई अहम भूमिका
स्वच्छता अभियान में स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। घोषैठ के मुखिया अमरेश कुमार और सेवानिवृत्त प्रोफेसर सलीग्राम सिंह सहित कई गणमान्य लोग कार्यक्रम में मौजूद रहे।
स्थानीय नागरिकों ने रेलवे की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं बल्कि सामाजिक कर्तव्य भी है।
लोगों ने कहा कि यदि रेलवे, प्रशासन और आम नागरिक मिलकर काम करें तो सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ और सुरक्षित रखा जा सकता है।
रेलवे ट्रैक के आसपास रहने वालों को किया गया जागरूक
अभियान के दौरान रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों ने रेलवे ट्रैक के आसपास रहने वाले लोगों से भी बातचीत की।
लोगों से अपील की गई कि वे घरेलू कचरा रेलवे परिसर और ट्रैक के किनारे न फेंकें। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की लापरवाही न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाती है बल्कि रेलवे संचालन और सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकती है।
रेलवे अधिकारियों ने कहा कि ट्रैक के आसपास जमा होने वाला कचरा कई बार दुर्घटनाओं और तकनीकी समस्याओं का कारण भी बनता है।
दुकानदारों और बाजार क्षेत्र में भी चला जागरूकता अभियान
अभयपुर स्टेशन के आसपास स्थित बाजार और दुकानों में भी विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया।
रेलवे और स्थानीय प्रशासन की टीम ने दुकानदारों से अपील की कि वे अपने दुकानों के आसपास सफाई बनाए रखें और कचरे को निर्धारित डस्टबिन में ही डालें।
दुकानदारों और स्थानीय लोगों को यह भी समझाया गया कि स्वच्छता केवल एक दिन का अभियान नहीं बल्कि नियमित आदत बननी चाहिए।
“स्वच्छ रेल, स्वच्छ भारत” मिशन को मिला बल
रेलवे अधिकारियों ने कहा कि भारतीय रेल लगातार “स्वच्छ रेल, स्वच्छ भारत” अभियान को मजबूत करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम चला रही है।
मालदा मंडल के अधिकारियों का कहना है कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण रेलवे की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से समय-समय पर विभिन्न स्टेशनों और रेलवे परिसरों में सफाई एवं जागरूकता अभियान आयोजित किए जाते हैं।
एनसीसी कैडेट्स और कर्मचारियों का उत्साह
कार्यक्रम में एनसीसी कैडेट्स की भागीदारी भी आकर्षण का केंद्र रही। कैडेट्स ने सफाई अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया।
रेलवे कर्मचारियों ने भी पूरे उत्साह के साथ अभियान में भाग लिया। स्टेशन अधीक्षक और अन्य अधिकारियों ने स्वयं सफाई कार्य में हिस्सा लेकर लोगों को प्रेरित किया।
पर्यावरण संरक्षण पर भी दिया गया जोर
अभियान के दौरान पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी लोगों को जागरूक किया गया।
अधिकारियों ने कहा कि प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट पदार्थों का गलत तरीके से निस्तारण पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचाता है। लोगों से अपील की गई कि वे सिंगल यूज प्लास्टिक का कम उपयोग करें और स्वच्छता के प्रति जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं।
रेलवे ने जनभागीदारी को बताया जरूरी
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि केवल सरकारी प्रयासों से स्वच्छता अभियान सफल नहीं हो सकता। इसके लिए जनभागीदारी बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि जब तक आम लोग स्वच्छता को अपनी जिम्मेदारी नहीं समझेंगे, तब तक स्थायी बदलाव संभव नहीं होगा।
अधिकारियों ने कहा कि रेलवे आने वाले समय में भी इस तरह के अभियान चलाता रहेगा ताकि लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाई जा सके।
स्टेशन को स्वच्छ और सुरक्षित बनाने की पहल
रेलवे प्रशासन का कहना है कि स्वच्छ स्टेशन यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाते हैं और इससे रेलवे की छवि भी मजबूत होती है।
अधिकारियों ने कहा कि साफ-सुथरा स्टेशन न केवल यात्रियों को सुविधा देता है बल्कि स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण होता है।
पंचायत और प्रशासन ने दिया सहयोग
अभियान में स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी सहयोग किया।
पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि गांव और रेलवे स्टेशन दोनों क्षेत्रों को स्वच्छ रखने के लिए लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि रेलवे और स्थानीय प्रशासन के संयुक्त प्रयास से इलाके में स्वच्छता के प्रति सकारात्मक माहौल बन सकता है।
लोगों ने की नियमित अभियान चलाने की मांग
स्थानीय नागरिकों ने रेलवे प्रशासन से इस तरह के अभियान नियमित रूप से चलाने की मांग की।
लोगों का कहना है कि समय-समय पर सफाई और जागरूकता अभियान से लोगों में जिम्मेदारी की भावना बढ़ती है।
मालदा मंडल की लगातार पहल
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि मालदा मंडल अपने अधिकार क्षेत्र में पर्यावरणीय जागरूकता और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में अन्य स्टेशनों पर भी इसी तरह के अभियान चलाए जाएंगे ताकि रेलवे परिसर को साफ, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सके।
स्वच्छता को सामाजिक आंदोलन बनाने की अपील
अभियान के अंत में लोगों से अपील की गई कि वे स्वच्छता को केवल सरकारी कार्यक्रम न समझें, बल्कि इसे सामाजिक आंदोलन के रूप में अपनाएं।
रेलवे अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने मिलकर यह संकल्प लिया कि वे अपने आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ रखने और पर्यावरण संरक्षण के लिए लगातार प्रयास करते रहेंगे।


