आधार सुशासन पोर्टल लॉन्च, अब स्ट्रीमलाइन अप्रूवल प्रोसेस हुआ और आसान

सरकार ने आधार प्रमाणीकरण अनुरोधों के लिए अनुमोदन प्रक्रिया यानी स्ट्रीमलाइन अप्रूवल प्रोसेस को सरल बनाने के लिए ‘आधार सुशासन पोर्टल’ लॉन्च किया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अनुसार, यह आधार को अधिक लोगों के अनुकूल बनाने, जीवन को सुगम बनाने और लोगों के लिए सेवाओं तक बेहतर पहुंच को सक्षम करने के प्रयास के अनुरूप है।

अधिक उपयोग के मामलों को जोड़ने की प्रक्रिया में तेजी लाने की उम्मीद

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सचिव एस. कृष्णन ने इस बात पर प्रकाश डाला कि इस प्लेटफॉर्म के शुभारंभ और इसके आसपास की अन्य प्रक्रियाओं और प्रणालियों में निरंतर सुधार के साथ, हम सुशासन और जीवन को आसान बनाने के क्षेत्र में और अधिक उपयोग के मामलों को जोड़ने की प्रक्रिया में तेजी लाने की उम्मीद करते हैं।

आधार भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था के विकास को बना रहा सुगम 

यूआईडीएआई के सीईओ भुवनेश कुमार के अनुसार, आधार भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था के विकास को सुगम बना रहा है। उन्होंने कहा कि आधार सुशासन को सक्षम बनाता है और यूआईडीएआई का ध्यान निवासी केंद्रितता पर है।

आधार दुनिया में सबसे भरोसेमंद डिजिटल आईडी

कुमार ने आगे कहा, “आधार सुशासन पोर्टल को निर्धारित नियमों के अनुसार संस्थाओं द्वारा प्रस्तुत करने और अनुमोदन प्रस्तावों को आसान बनाने के लिए विकसित किया गया है।” आधार को दुनिया में सबसे भरोसेमंद डिजिटल आईडी माना जाता है। पिछले एक दशक में, एक अरब से ज्यादा भारतीयों ने 100 अरब से ज्यादा बार खुद को प्रमाणित करने के लिए इसका इस्तेमाल करके आधार पर अपना भरोसा जताया है।

संशोधन में परिकल्पित आधार प्रमाणीकरण के दायरे का विस्तार, जीवन को और आसान बनाएगा और अपनी पसंद की नई सेवाओं तक परेशानी मुक्त पहुंच की सुविधा प्रदान करेगा। संशोधन सरकारी और गैर-सरकारी दोनों संस्थाओं को नवाचार को सक्षम बनाने, ज्ञान के प्रसार, निवासियों के जीवन को आसान बनाने और उनके लिए सेवाओं तक बेहतर पहुंच को सक्षम करने जैसे संबंधित विशिष्ट उद्देश्यों के लिए जनहित में विभिन्न सेवाएं प्रदान करने के लिए आधार प्रमाणीकरण सेवा का लाभ उठाने में सक्षम बनाता है।

विश्वसनीय लेनदेन में मिलेगी मदद

मंत्रालय ने कहा कि इससे सेवा प्रदाताओं और सेवा चाहने वालों दोनों को विश्वसनीय लेनदेन करने में मदद मिलेगी। पोर्टल एक संसाधन समृद्ध मार्गदर्शिका के रूप में काम करेगा, और प्रमाणीकरण चाहने वाली संस्थाओं के लिए विस्तृत एसओपी प्रदान करेगा कि कैसे आवेदन करें और आधार प्रमाणीकरण के लिए कैसे शामिल हों।

अब कहीं भी कभी भी प्रमाणीकरण हो सकेगा संभव 

निजी संस्थाओं के ग्राहक-संबंधी ऐप्स में भी फेस ऑथेंटिकेशन को एकीकृत किया जा सकता है, जिससे कहीं भी कभी भी प्रमाणीकरण संभव हो सकेगा। ज्ञात हो, आधार को लोगों के अनुकूल बनाने और नागरिकों के लिए जीवन को आसान बनाने तथा सेवाओं तक बेहतर पहुंच को सक्षम करने की अपनी प्रतिबद्धता के हिस्से के रूप में, मंत्रालय ने सरकारी मंत्रालयों और विभागों के अलावा अन्य संस्थाओं द्वारा आधार प्रमाणीकरण को सक्षम करने के लिए नियम प्रस्तावित किए थे। प्रस्तावित संशोधनों को मंत्रालय की वेबसाइट पर पोस्ट किया गया और अप्रैल और मई 2023 के दौरान हितधारकों और आम जनता से टिप्पणियां आमंत्रित की गईं।

नए संशोधन से आधार संख्या धारकों को आतिथ्य, स्वास्थ्य सेवा, क्रेडिट रेटिंग ब्यूरो, ई-कॉमर्स खिलाड़ियों, शैक्षणिक संस्थानों और एग्रीगेटर सेवा प्रदाताओं सहित कई क्षेत्रों से परेशानी मुक्त सेवाओं का लाभ उठाने में मदद मिलती है। सेवा प्रदाताओं को भी यह कई चीजों के लिए मददगार लगेगा जिसमें स्टाफ की उपस्थिति, ग्राहक ऑनबोर्डिंग, ई-केवाईसी सत्यापन, परीक्षा पंजीकरण आदि शामिल हैं।

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