बक्सर में नया साल का जश्न मनाने के दौरान युवक की हुई हत्या, पुलिसिया दबिश के बाद आरोपी ने किया सरेंडर

जिले के राजपुर थाना क्षेत्र के भरखरा गांव में एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है। न्यू ईयर पार्टी के दौरान हुई इस वारदात में संजय पासवान नामक युवक की हत्या कर दी गई। इस जघन्य अपराध का आरोपी गांव का ही निवासी सर्वानंद उपाध्याय नामक व्यक्ति है।

क्या है पूरा मामला…?

सदर डीएसपी धीरज कुमार के अनुसार, यह घटना 1 जनवरी 2025 को हुई, जब न्यू ईयर का जश्न मनाने के लिए गांव में एक पार्टी आयोजित की गई थी। पार्टी के दौरान किसी विवाद के चलते सर्वानंद उपाध्याय ने संजय पासवान के सिर पर किसी भारी वस्तु से वार किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी ने शव को अपने घर में छिपा दिया और दरवाजे को बाहर से बंद कर दिया।

आरोपी का आत्मसमर्पण और खुलासा

तीन दिन तक मामले को छिपाए रखने के बाद, शुक्रवार 3 जनवरी को सर्वानंद उपाध्याय ने अपना अपराध कबूल कर लिया। उसने पुलिस को बताया कि शव उसके घर में पड़ा हुआ है। पुलिस ने आरोपी के घर से शव बरामद कर उसे पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।

कैसे हुआ खुलासा…?

मृतक संजय पासवान 1 जनवरी से लापता था। उसके परिजन दो दिन तक उसे ढूंढते रहे, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। शुक्रवार को उन्होंने राजपुर थाने में इसकी सूचना दी। पुलिस ने दोनों युवकों के मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रेस की, जिससे सर्वानंद का पता चला। जब पुलिस उससे संपर्क करती। उस से पहले ही उसने आत्मसमपर्ण कर दिया।

ग्रामीणों में आक्रोश और शोक

इस घटना से भरखरा गांव में गम और गुस्से का माहौल है। ग्रामीणों ने हत्या की इस घटना को शर्मनाक बताया और आरोपी को सख्त सजा देने की मांग की है। संजय पासवान के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

क्या कहती है पुलिस…

सदर डीएसपी धीरज कुमार ने बताया कि घटना की विस्तृत जांच की जा रही है। हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार की पहचान और सटीक कारणों का पता लगाया जा रहा है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, और उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा।

न्यू ईयर पार्टी बनी हत्या का मंच

यह घटना इस बात का संकेत है कि उत्सव और समारोह अब कई बार हिंसा और अपराध का कारण बन रहे हैं। ग्रामीण समाज में जहां त्योहार और पार्टियां मेल-जोल का जरिया होती थीं, अब वहां नशे और आक्रामकता का बोलबाला दिखने लगा है। यह घटना बदलते समाज में नैतिक मूल्यों के पतन और संवाद की कमी को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए समाज में जागरूकता और नैतिक शिक्षा की आवश्यकता है। साथ ही, नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर रोक लगाना और विवादों को शांति से सुलझाने की आदत विकसित करना बेहद जरूरी है। वहीं पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तेजी से कार्रवाई की है। अब न्यायालय से मृतक के परिजनों को इंसाफ मिलने की उम्मीद है।

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